UKPSC Lecturer Exam - Hindi - 30 May 2026 (Answer Key)

UKPSC Lecturer Exam – Hindi – 30 May 2026 (Answer Key)

May 31, 2026

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (Uttarakhand Public Service Commission) द्वारा आयोजित विशेष अधीनस्थ (प्रवक्ता संवर्ग समूह-ग) सेवा (सामान्य शाखा एवं महिला शाखा) परीक्षा-2025 (UKPSC Government Lecturer Exam – 2025) के हिन्दी विषय की परीक्षा का आयोजन दिनांक 30 मई 2025 को किया गया था। अधीनस्थ प्रवक्ता परीक्षा के हिन्दी विषय की उत्तर कुंजी (Answer Key) । 

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (Uttarakhand Public Service Commission) Conduct the UKPSC Lecturer Exam – 2025. UKPSC Government Lecturer Hindi Subject Exam Paper held on 30 May, 2025. UKPSC Lecturer Exam Paper 2025 Paper with Answer Key. 

Exam  UKPSC Lecturer Exam 2026 
Subject  Hindi  
Date of Exam 
30 May, 2026
Total Questions  150
Paper Set  C

UKPSC Lecturer Exam 2026 (Answer Key)
Paper – (Hindi)

Q1. ‘देश देशान्तर’ डायरी के लेखक कौन हैं ?
(a) लीलाधर मंडलोई

(b) रामदरश मिश्र
(c) पुष्पिता
(d) कमलेश्वर

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Answer – (A)

व्याख्या: ‘देश देशान्तर’ समकालीन हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि और गद्यकार लीलाधर मंडलोई द्वारा लिखी गई एक प्रसिद्ध डायरी विधा की रचना है। इसमें उनके यात्रा अनुभवों और विभिन्न सांस्कृतिक परिदृश्यों का सजीव वर्णन मिलता है।

Q2. निम्नलिखित आलोचना ग्रन्थ और उसके लेखक का कौन-सा / से युग्म सुमेलित नहीं है/हैं?
रचना                                       –          रचनाकार
(I) काव्य सुधाकर                 –        जानकी प्रसाद

(II) अलंकारादर्श                  –        बिहारीलाल
(III) घनाक्षरी – नियम – रत्नाकर –    भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
(IV) रुद्रपिंगल                     –        ज्वाला स्वरूप
दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
(a) (I) तथा (III)

(b) केवल (III)
(c) केवल (II)
(d) (II) तथा (IV)

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Answer – (B)

व्याख्या: दिए गए युग्मों में से (III) सुमेलित नहीं है क्योंकि ‘घनाक्षरी-नियम-रत्नाकर’ आलोचना ग्रन्थ के रचनाकार भारतेन्दु हरिश्चंद्र नहीं, बल्कि जगन्नाथदास ‘रत्नाकर’ हैं। अन्य सभी युग्म (काव्य सुधाकर – जानकी प्रसाद, अलंकारादर्श – बिहारीलाल, रुद्रपिंगल – ज्वाला स्वरूप) सही सुमेलित हैं।

Q3. ‘यदि गद्य कवियों या लेखकों की कसौटी है तो निबंध गद्य की कसौटी है।’ यह कथन किसका है ?
(a) रामविलास शर्मा

(b) नामवर सिंह
(c) हजारीप्रसाद द्विवेदी
(d) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल

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Answer – (D)

व्याख्या: यह हिंदी आलोचना जगत का एक बेहद प्रसिद्ध और ऐतिहासिक कथन है। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने अपने निबंध संग्रह ‘चिंतामणि’ की भूमिका के आसपास गद्य और निबंध के अंतर्संबंध को स्पष्ट करते हुए यह बात कही थी। उनका मानना था कि निबंध लेखन में लेखक के विचारों और भाषा-शैली की वास्तविक परीक्षा होती है।

Q4. ‘तीन महारथियों के पत्र’ संग्रह में डॉ. रामविलास शर्मा ने निम्नलिखित में से किन तीन साहित्यकारों के पत्रों का विवरण दिया है ?
I. वृन्दावन लाल वर्मा

II. धर्मवीर भारती
III. बनारसी दास चतुर्वेदी
IV. किशोरीदास बाजपेयी
नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
(a) I, II और III

(b) II, III और IV
(c) I, III और IV
(d) I, II और IV

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Answer – (C)

व्याख्या: डॉ. रामविलास शर्मा द्वारा संपादित पुस्तक ‘तीन महारथियों के पत्र’ में हिंदी साहित्य के तीन मूर्धन्य विद्वानों के पत्रों को संकलित किया गया है। ये तीन साहित्यकार हैं:
– वृन्दावन लाल वर्मा (I)
– बनारसी दास चतुर्वेदी (III)
– किशोरीदास बाजपेयी (IV)
इस संग्रह में धर्मवीर भारती (II) शामिल नहीं हैं।

Q5. निम्न कथनों की सत्यता पर विचार कीजिए:
(I) गद्य गीतों में मूल भावना आदि से अंत तक एक ही रहती है।

(II) गद्य गीतों में मूल भावना आदि से अंत तक एक नहीं रहती है ।
(III) गद्य गीतों में मूल भावना के लिए कोई स्थान नहीं रहता है।
नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट:
(a) केवल (I) सही है।
(b) केवल (II) सही है ।
(c) केवल (III) सही है।
(d) (I), (II), (III) तीनों गलत हैं।

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Answer – (A)
व्याख्या: गद्य गीत (या गद्य काव्य) गद्य और पद्य के बीच की एक ऐसी विधा है जिसमें कविता की तरह रागात्मकता और भावुकता होती है। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि इसमें आदि से अंत तक एक ही मूल केंद्रीय भावना या भाव-तरंग प्रवाहित होती है, जो पाठक को प्रभावित करती है। इसलिए कथन (I) पूर्णतः सत्य है।

Q6. उपन्यास और उपन्यासकार की सूची को सुमेलित कीजिए :
उपन्यास                      –          उपन्यासकार
A. बेघर                    –        I. कमलेश्वर

B. अज्ञातवास            –        II. निर्मल वर्मा
C. डाक बंगला            –        III. श्रीलाल शुक्ल
D. लाल टीन की छत   –        IV. ममता कालिया
नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
A B C D

(a) I, II, III, IV
(b) II, III, IV, I
(c) IV, II, III, I
(d) IV, III, I, II

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Answer – (D)

व्याख्या: उपन्यासों का उनके सही रचनाकारों के साथ मिलान इस प्रकार है:
बेघर — IV. ममता कालिया (ममता कालिया का प्रसिद्ध उपन्यास)
अज्ञातवास — III. श्रीलाल शुक्ल (राग दरबारी के लेखक श्रीलाल शुक्ल की रचना)
डाक बंगला — I. कमलेश्वर (कमलेश्वर का लोकप्रिय उपन्यास)
लाल टीन की छत — II. निर्मल वर्मा (निर्मल वर्मा का प्रसिद्ध आधुनिकतावादी उपन्यास)
इस प्रकार सही कूट A-IV, B-III, C-I, D-II यानी विकल्प (d) बनता है।

Q7. निम्नलिखित विकल्पों पर विचार कीजिए:
(I) जूठन                   –        ओम प्रकाश बाल्मीकि

(II) तिरस्कृत            –        सूरजपाल चौहान
(III) छप्पर                –        जयप्रकाश कर्दम
(IV) अपने-अपने पिंजरे –       मोहनदास नैमिशराय
उपर्युक्त विकल्पों में उपन्यास और उपन्यासकार का सही विकल्प चुनिए :
(a) (I) तथा (II) सही हैं।

(b) केवल (II) सही है।
(c) केवल (III) सही है।
(d) केवल (IV) सही है ।

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Answer – (C)

व्याख्या: प्रश्न में दिए गए चारों विकल्प प्रसिद्ध दलित साहित्य से जुड़े हुए हैं, लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि इनमें से केवल ‘छप्पर’ (जयप्रकाश कर्दम) ही एक उपन्यास विधा की रचना है (इसे हिंदी का पहला दलित उपन्यास भी माना जाता है)।

Q8. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन (I) :
आचार्य नन्ददुलारे बाजपेयी ने छायावाद की वृहदत्रयी की घोषणा की।

कथन (II) : आचार्य नन्ददुलारे बाजपेयी ने शुद्ध सौन्दर्यबोधात्मक मूल्यों की दृष्टि से छायावादी काव्य का मूल्यांकन किया ।
उपर्युक्त कथनों के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा एक विकल्प सही है ?
(a) कथन (I) और कथन (I) दोनों सही हैं तथा कथन (II), कथन (I) की सही व्याख्या करता है।

(b) कथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं, किन्तु कथन (I), कथन (I) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(c) कथन (I) सही है, किन्तु कथन ( II) सही नहीं है ।
(d) कथन (I) सही नहीं है, किन्तु कथन (II) सही है।

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Answer – (D)

व्याख्या:

कथन (I) गलत है क्योंकि छायावाद की ‘वृहदत्रयी’ (प्रसाद, पंत, निराला) की घोषणा आचार्य नंददुलारे वाजपेयी ने नहीं, बल्कि कृष्णदेव झारी ने की थी। (वाजपेयी जी ने छायावाद की ‘मिश्रबंधु’ शैली में स्थापना की थी और पंत, प्रसाद, निराला को प्रमुखता दी थी, पर तकनीकी रूप से वृहदत्रयी शब्द का नामकरण अलग संदर्भ रखता है)।

कथन (II) बिल्कुल सही है क्योंकि नंददुलारे वाजपेयी छायावादी काव्य के सबसे समर्थ आलोचक माने जाते हैं और उन्होंने छायावाद का मूल्यांकन विशुद्ध सौंदर्यबोध, स्वच्छंदतावाद और मानवीय मूल्यों की दृष्टि से किया था।

Q9. निम्नलिखित कथनों की सत्यता पर विचार कीजिए
(I) नरेश मेहता ने ‘सुबह के घण्टे’ नामक नाटक की रचना की।

(II) मन्नू भण्डारी ने ‘खण्डित यात्राएँ नामक नाटक की रचना की।
(III) शिव प्रसाद सिंह ने ‘घाटियाँ गूँजती हैं’ नामक नाटक लिखा ।
नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
(a) केवल (I) और (III) सही हैं।
(b) केवल (I) और (II) सही हैं।
(c) (I), (II) और (III) सही हैं।
(d) केवल (II) और (III) सही हैं।

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Answer – (A)

व्याख्या:
कथन (I) सही है: ‘सुबह के घंटे’ नरेश मेहता का प्रसिद्ध नाटक है।
कथन (III) सही है: ‘घाटियाँ गूँजती हैं’ शिव प्रसाद सिंह द्वारा लिखा गया नाटक है।
कथन (II) गलत है क्योंकि ‘खण्डित यात्राएँ’ नाटक मन्नू भंडारी का नहीं है, बल्कि यह नरेश मेहता का ही नाटक है। मन्नू भंडारी के प्रसिद्ध नाटक ‘महाभोज’ और ‘बिना दीवारों के घर’ हैं।

Q10. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन (I) :
यशपाल का उपन्यास ‘दादा कामरेड सामाजिक यथार्थ का चित्र प्रस्तुत करता है ।

कथन (II) : ‘दादा कामरेड’ उपन्यास पूँजीवाद और गांधीवाद का विरोध करता है ।
उपर्युक्त कथनों के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा एक विकल्प सत्य है ?
(a) कथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं तथा कथन (II), कथन (I) की सही व्याख्या करता है।
(b) कथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं, किन्तु कथन (II), कथन (I) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(c) कथन (I) सही है, किन्तु कथन (II) सही नहीं है ।
(d) कथन (I) सही नहीं है, किन्तु कथन (II) सही है ।

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Answer – (A)

व्याख्या: ‘दादा कामरेड’ (1941) यशपाल का पहला उपन्यास है। यशपाल एक मार्क्सवादी (वामपंथी) विचारक और लेखक थे।

कथन (I) सत्य है क्योंकि इस उपन्यास में उन्होंने तत्कालीन समाज के राजनैतिक और सामाजिक यथार्थ का सजीव चित्रण किया है।

कथन (II) भी सत्य है क्योंकि इस उपन्यास का मुख्य उद्देश्य क्रांतिकारी आंदोलन के परिप्रेक्ष्य में तत्कालीन पूँजीवादी व्यवस्था और गांधीवादी अहिंसात्मक नीतियों की सीमाओं को दिखाकर उनकी आलोचना करना था। चूँकि यह विरोध ही सामाजिक यथार्थ को रचने का आधार बनता है, इसलिए कथन (II), कथन (I) की सही व्याख्या करता है।

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