संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) द्वारा आयोजित UPSC IAS/IFS Prelims 2026 की प्रारम्भिक परीक्षा का आयोजन 24 मई (May) 2026 को आयोजित किया गया। UPSC IAS (CSE) Pre Exam 2026, Paper – I (General Studies ) की उत्तरकुंजी यहाँ पर उपलब्ध है।
UPSC (Union Public Service Commission) Conduct the UPSC (IAS/IFS) Preliminary Exam 2026. This Paper held on 24 May 2026. UPSC General Studies (Paper – I) Full Paper With Answer Key available Here .
| Exam | UPSC Civil Services (Preliminary) Examination 2026 |
| Subject | Paper – I – General Studies (GS) |
| Date of Exam |
24 May, 2026 |
| Total Questions | 100 |
| Paper Set | D |
UPSC IAS (CSE) Pre Exam 2026 (Answer Key)
Paper – I (General Studies)
Q1. निम्नलिखित अभिकथन पर विचार कीजिए:
अत्यंत नूतन (प्लीस्टोसीन) काल में या तो यमुना, कभी सिन्धु में प्रवाहित होती थी, या फिर सतलुज, यमुना में प्रवाहित होती थी तथा इनमें से किसी एक की प्रमुख सहायक नदी या तो गंगा से सिंधु में अथवा इसके विपरीत, स्थानांतरित हुई थी।
निम्नलिखित में से कौन-सा / कौन-से, उपर्युक्त अभिकथन का/के आधार है/हैं?
1. ऋग्वेद का नदी सूक्त
2. रॉबर्ट ब्रूस फुट द्वारा किए गए सतलुज और यमुना के अन्वेष
3. सिन्धु और गंगा, दोनों नदी प्रणालियों में डॉलफ़िनों की समान प्रजातियों की उपस्थिति
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2
(d) 3
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व्याख्या: वैज्ञानिक और भू-वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, प्लीस्टोसीन (Pleistocene) काल में हिमालयी नदियों के मार्ग में बड़े बदलाव हुए थे। इसका सबसे बड़ा जैविक प्रमाण सिंधु और गंगा दोनों नदी प्रणालियों में ‘डॉल्फ़िनों की समान प्रजातियों’ (Platanista gangetica) का पाया जाना है। इससे यह प्रमाणित होता है कि अतीत में ये दोनों नदी प्रणालियाँ किसी बिंदु पर एक-दूसरे से जुड़ी हुई थीं (संभवतः एक विशाल ‘इंडो-ब्रह्म’ नदी के माध्यम से), जिसके कारण डॉल्फ़िन दोनों तंत्रों में फैल सकीं।
कथन 1 गलत है: ऋग्वेद का नदी सूक्त समकालीन नदियों का वर्णन करता है, न कि प्लीस्टोसीन काल के भू-वैज्ञानिक विवर्तनिक बदलावों का।
कथन 2 गलत है: रॉबर्ट ब्रूस फुट को भारतीय प्रागितिहास (Prehistory) का जनक माना जाता है, जिन्होंने पल्लवरम में पाषाण काल के उपकरण खोजे थे; उनका संबंध सतलुज-यमुना के इस विशिष्ट भू-वैज्ञानिक मार्ग परिवर्तन के अन्वेषण से नहीं है।
Q2. प्रारंभिक बौद्ध मूर्तिविद्या में रिक्त स्थान (empty seat) क्या दर्शाता है ?
(a) बुद्ध का ध्यान
(b) बुद्ध का प्रथम धर्मोपदेश
(c) बुद्ध का महापरिनिब्बान
(d) बुद्ध का महाभिनिष्क्रमण
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व्याख्या: प्रारंभिक बौद्ध कला (हीनयान या अनिकोनिक चरण) में बुद्ध को मानव रूप में नहीं दिखाया जाता था। उनकी उपस्थिति को प्रतीकों के माध्यम से दर्शाया जाता था:
रिक्त स्थान (Empty Seat / Throne): बुद्ध के ध्यान (Meditation) या उनके ज्ञानोदय (Enlightenment) की अवस्था को दर्शाता है।
अन्य प्रतीक: स्तूप महापरिनिर्वाण को दर्शाता है, चक्र (Wheel) प्रथम धर्मोपदेश को और चरण-चिह्न (Footprints) उनकी उपस्थिति को दर्शाते हैं।
Q3. निम्नलिखित नदियों के प्राचीन और आधुनिक नामों के युग्मों में से कौन-सा/कौन-से सही सुमेलित है/हैं?
1. वितस्ता : चिनाब
2. असिक्नी : झेलम
3. परुष्णी : रावी
4. यव्यावती : ब्यास
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
(a) 1 और 2
(b) 3 और 4
(c) केवल 3
(d) केवल 4
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व्याख्या: वैदिक नदियों के प्राचीन और आधुनिक नामों का सही मिलान इस प्रकार है:
वितस्ता: झेलम (प्रश्न में चिनाब दिया है जो गलत है)
असिक्नी: चिनाब (प्रश्न में झेलम दिया है जो गलत है)
परुष्णी: रावी (यह बिल्कुल सही सुमेलित है)
यव्यावती / विपाशा: ब्यास (यव्यावती का संबंध आधुनिक घग्गर या एक अन्य नदी से जोड़ा जाता है, ब्यास का प्राचीन नाम ‘विपाशा’ था, अतः यह गलत है) अतः केवल युग्म 3 सही है।
Q4. अमरावती स्तूप और उसकी उद्धृत मूर्तिकला (relief sculpture) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं?
1. यह निचली कृष्णा घाटी में स्थित था।
2. भारत में, आकार की दृष्टि से, साँची स्तूप के बाद इसका ही स्थान था ।
3. अमरावती मूर्तिकला शैली का परवर्ती दक्षिण भारतीय मूर्तिकला पर गहरा प्रभाव पड़ा, और उसकी रचनाओं (products) को श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया जाया गया था।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 3
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
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व्याख्या:
कथन 1 सही है: अमरावती स्तूप आंध्र प्रदेश में निचली कृष्णा घाटी में स्थित है।
कथन 2 गलत है: अपने मूल स्वरूप में, अमरावती स्तूप आकार में साँची स्तूप से भी बड़ा (भारत का सबसे बड़ा स्तूप) था, न कि साँची के बाद।
कथन 3 सही है: अमरावती की मूर्तिकला शैली (जिसमें सफेद संगमरमर/चूना पत्थर का उपयोग हुआ) का दक्षिण भारतीय और दक्षिण-पूर्वी एशियाई कला (जैसे श्रीलंका, थाईलैंड आदि) पर गहरा प्रभाव पड़ा।
Q5. प्रारंभिक ऐतिहासिक तमिलकम में राजा और उसकी वंशावली के निम्नलिखित में से कौन-सा/ कौन-से युग्म सही सुमेलित नहीं है/हैं?
1. सेनगुट्टुवन : चेर
2. उदयनजेरल : चोल
3. दुजेलियन : पांड्य
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
(a) 1 और 2
(b) केवल 2
(c) 1 और 3
(d) केवल 3
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व्याख्या: संगम काल (तमिलकम) के शासकों का सही संबंध इस प्रकार है:
सेनगुट्टुवन: चेर वंश का सबसे प्रतापी राजा था (सही सुमेलित है)।
उदयनजेरल: यह भी चेर वंश का पहला शासक था, चोल वंश का नहीं (अतः यह गलत सुमेलित है)।
नेदुंजेलियन (दुजेलियन): यह पांड्य वंश का प्रसिद्ध राजा था (सही सुमेलित है)। चूंकि प्रश्न में ‘सही सुमेलित नहीं है’ पूछा गया है, इसलिए उत्तर केवल 2 होगा।
Q6. 1939 में, सुभाष चन्द्र बोस द्वारा फॉरवर्ड ब्लॉक के गठन के लिए निम्नलिखित में से कौन-से कारकों का योगदान रहा ?
1. बोस, महात्मा गाँधी का विश्वास जीतने में विफल रहे।
2. कांग्रेसी वामपंथियों में एकता नहीं थी और वे बोस को समर्थन देने में विफल रहे।
3. साम्यवादियों ने बोस के प्रयासों का समर्थन नहीं किया ।
4. एम. एन. रॉय के समर्थक और जयप्रकाश नारायण जैसे समाजवादी नेताओं ने बोस को समर्थन देने की अपेक्षा कांग्रेस की एकता को वरीयता दी।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
(a) 1, 2 और 3
(b) 1, 2 और 4
(c) 1, 3 और 4
(d) केवल 2 और 4
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व्याख्या: त्रिपुरी संकट (1939) के बाद जब सुभाष चंद्र बोस ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया और फॉरवर्ड ब्लॉक बनाया, तो उसके पीछे निम्नलिखित राजनीतिक परिस्थितियां थीं:
कथन 1 सही है: बोस और दक्षिणपंथी धड़े (गाँधी जी के समर्थकों) के बीच गहरे मतभेद थे और बोस गाँधी जी का विश्वास नहीं जीत सके।
कथन 2 सही है: कांग्रेस के वामपंथी गुटों में वैचारिक एकता की कमी थी, जिसके कारण वे संकट के समय बोस के पीछे मजबूती से खड़े नहीं हो पाए।
कथन 4 सही है: एम. एन. रॉय के समर्थकों (रेडिकल डेमोक्रेट्स) और जयप्रकाश नारायण जैसे समाजवादियों (CSP) का मानना था कि युद्ध के इस दौर में कांग्रेस में फूट डालना आत्मघाती होगा, इसलिए उन्होंने बोस का साथ देने के बजाय ‘कांग्रेस की एकता’ को प्राथमिकता दी।
कथन 3 मुख्य कारण नहीं था, क्योंकि कम्युनिस्टों ने शुरुआत में बोस के प्रति सहानुभूति दिखाई थी, लेकिन बाद में वे भी पार्टी की एकता के पक्ष में चले गए। मुख्य बल कथन 1, 2 और 4 पर था।
Q7. 1856 में अवध के समामेलन ( annexation) के तत्काल बाद अवध में ब्रिटिश नीति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. तालुकदारों की भूसंपत्ति ज़ब्त कर ली गई, किंतु उन्हें अपने अस्त्र-शस्त्र और किले अधिकार में रखने दिए गए।
2. तालुकदारों को बाहरी व्यक्ति मानते हुए 1856 में संक्षिप्त राजस्व बंदोबस्त किया गया था ।
3. ब्रिटिश, तालुकदारों को हटाकर, कृषकों से सीधे राजस्व लेने में विश्वास करते थे।
उपर्युक्त में से कौन-सा / कौन-से कथन सही है/हैं ?
(a) केवल 2 और 3
(b) केवल 1 और 3
(c) 1, 2 और 3
(d) केवल 2
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व्याख्या:
कथन 1 गलत है: विलय के बाद ब्रिटिश सरकार ने तालुकदारों की जमीनें तो जब्त कीं, साथ ही उनके किले भी ढहा दिए और उनके अस्त्र-शस्त्र पूरी तरह से जब्त कर लिए (उन्हें रखने की अनुमति नहीं दी गई थी)।
कथन 2 सही है: अंग्रेजों ने 1856 में ‘एकमुश्त बंदोबस्त’ (Summary Settlement) लागू किया। इसमें तालुकदारों को ‘जमीन हड़पने वाले बाहरी व्यक्ति’ के रूप में देखा गया और उन्हें उनके पदों से हटा दिया गया।
कथन 3 सही है: ब्रिटिश भू-राजस्व अधिकारियों का मानना था कि तालुकदारों को बीच से हटाकर सीधे वास्तविक कृषकों (Peasants) से संबंध स्थापित करने से राजस्व में वृद्धि होगी और किसानों का शोषण रुकेगा (हालाँकि यह नीति बाद में विफल रही)।
Q8. निम्नलिखित अभिकथन पर विचार कीजिए:
समुदाय पर आधारित राजनैतिक गठबंधनों की उत्पत्ति, 1919 के मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों के मूल स्वरूप में निहित थी ।
निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन, उपर्युक्त अभिकथन का समर्थन करता है/ करते हैं ?
1. इन सुधारों ने पृथक निर्वाचक मंडलों के सिद्धांत को बनाए रखा और विस्तृत किया।
2. पृथक निर्वाचक मंडलों का उद्देश्य सशक्त होते भारतीय राष्ट्रवाद का प्रतिरोध करना था ।
3. वंचित वर्ग पृथक निर्वाचक मंडलों में अंतर्निहित हितों के लिए एकजुट हुए।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
(a) केवल 1
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 2
(d) 1, 2 और 3
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व्याख्या:
कथन 1 सही है: 1919 के मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों ने 1909 के मुस्लिम पृथक निर्वाचन को न केवल बनाए रखा, बल्कि इसका विस्तार सिखों, भारतीय ईसाइयों, एंग्लो-इंडियंस और यूरोपियों तक कर दिया। इसने भारतीय राजनीति को सांप्रदायिक और सामुदायिक आधार पर बांट दिया।
कथन 2 सही है: ब्रिटिश सरकार की इस नीति का मूल उद्देश्य उभरते हुए एकीकृत भारतीय राष्ट्रवाद को कमजोर करना और ‘बांटो और राज करो’ की नीति को मजबूत करना था।
कथन 3 ऐतिहासिक रूप से इस संदर्भ में सही नहीं बैठता: वंचित वर्गों (Depressed Classes) को पृथक निर्वाचन मंडल का अधिकार 1919 के अधिनियम में नहीं मिला था, बल्कि इसकी बात बाद में 1932 के कम्युनल अवार्ड (सांप्रदायिक पंचाट) में आई थी, जिसका बाद में पूना पैक्ट के जरिए विरोध हुआ।
Q9. कर्नाटक के विख्यात शास्त्रीय गायक पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर किस घराने का प्रतिनिधित्व करते थे ?
(a) आगरा घराना
(b) ग्वालियर घराना
(c) पटियाला घराना
(d) जयपुर-अतरौली घराना
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व्याख्या: पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर (1910–1992) कर्नाटक के एक अत्यंत प्रतिष्ठित हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक थे। वे जयपुर-अतरौली घराने के उस्ताद अल्लादिया खान के बेटों (उस्ताद मनजी खान और उस्ताद भूर्जी खान) के शिष्य थे। उन्हें उनकी अनूठी गायन शैली और जटिल ‘जोड़ रागों’ पर पकड़ के लिए जाना जाता है।
Q10. क्षेत्र- पत्नी (‘mistress of the field’) शब्द निम्नलिखित में से किस ग्रंथ में उद्भूत है ?
(a) ऋग्वेद
(b) अथर्ववेद
(c) अष्टाध्यायी
(d) अर्थशास्त्र
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व्याख्या: ऋग्वेद के चौथे मंडल (जो कृषि से संबंधित है) में ‘क्षेत्रपति’ (कृषि भूमि का देवता/स्वामी) और ‘क्षेत्र-पत्नी’ (Mistress of the Field) जैसे शब्दों का उल्लेख मिलता है। यह प्रारंभिक वैदिक काल में कृषि भूमि के प्रति धार्मिक दृष्टिकोण, उपजाऊपन की देवी की अवधारणा और भूमि से जुड़े शुरुआती अनुष्ठानों को दर्शाता है।
