Q21. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: व्याख्या: कथन I सत्य है: शमशेर बहादुर सिंह मार्क्सवादी विचारधारा से प्रभावित प्रगतिशील पत्रिका ‘नया साहित्य’ के संपादक मंडल में शामिल थे। कथन II सत्य है: विचारों से वामपंथी/समाजवादी होने के बावजूद, अपनी कलात्मक अभिरुचि और अंतर्मुखी स्वभाव (संस्कारों) के कारण वे गहरे व्यक्तिवादी थे। डॉ. बच्चन सिंह ने भी उनके इस अंतर्विरोध को रेखांकित किया है। कथन III गलत है: उनकी कविताओं का स्वर कुंठित प्रेम का नहीं, बल्कि सौंदर्य, कला और गहरे आत्म-संघर्ष का है। उन्हें “कवियों का कवि” और “मूड्स के कवि” कहा जाता है।
कथन
I. : शमशेर बहादुर सिंह ‘नया साहित्य’ के सम्पादक मण्डल में थे ।
II. : शमशेर बहादुर सिंह संस्कारों से व्यक्तिवादी थे ।
III. : उनकी अधिकांश कविताओं का स्वर कुंठित प्रेम का है।
शमशेर के संदर्भ में सही कथनों का चयन नीचे दिये गये कूट से कीजिए :
कूट :
(a) केवल I और III सत्य हैं ।
(b) केवल I और II सत्य हैं ।
(c) I, II और II तीनों सत्य हैं।
(d) केवल II और III सत्य हैं ।
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Q22. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: व्याख्या: ‘मधुशाला’ (1935) हालावाद का सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ है। कथन II बिल्कुल सही है कि इस पर प्रसिद्ध सूफी/फारसी कवि उमर खय्याम की रुबाइयों का सीधा प्रभाव है। उमर खय्याम के इसी ‘मस्ती और सूफियाना’ दर्शन के सहारे बच्चन जी ने समाज के जाति-पाति और धार्मिक भेदभाव पर चोट की थी (जैसे: “मस्जिद-मन्दिर मेल कराती इन दोनों को मधुशाला”), जो कि कथन I को सही साबित करता है। चूँकि खय्याम की रुबाइयों के इसी प्रभाव के कारण ही अनुभूति के धरातल पर एकता की स्थापना संभव हो सकी, इसलिए कथन II, कथन I की सही व्याख्या है।
कथन I : हरिवंशराय बच्चन की मधुशाला धार्मिक साम्प्रदायिक अन्तराल को दूर कर अनुभूति के धरातल पर एकता की स्थापना करती है ।
कथन II : मधुशाला पर उमर खय्याम की रुबाइयों का प्रभाव दिखाई देता है।
उपर्युक्त कथनों के आधार पर सही उत्तर विकल्प का चयन कीजिए:
(a) कथन I और कथन II दोनों सही हैं तथा कथन II कथन I की सही व्याख्या करता है ।
(b) कथन I और कथन II दोनों सही हैं, किन्तु कथन II कथन I की सही व्याख्या नहीं करता है।
(c) कथन I सही है, किन्तु कथन II सही नहीं है ।
(d) कथन I गलत है, किन्तु कथन II सही है ।
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Q23. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: व्याख्या: कथन I गलत है: ‘चाँद’ पत्रिका का प्रकाशन सन 1920 में प्रयाग (इलाहाबाद) से साप्ताहिक नहीं, बल्कि मासिक पत्रिका के रूप में शुरू हुआ था। कथन II सत्य है: सन 1923 से इसका संपादन रामरख सहगल और चण्डीप्रसाद ‘हृदयेश’ ने संभाला। (बाद में महादेवी वर्मा ने भी इसका संपादन किया था)। कथन III सत्य है: ‘चाँद’ पत्रिका मूलतः स्त्री-विमर्श और नारी विषयक समस्याओं (जैसे बाल विवाह, दहेज प्रथा, स्त्री शिक्षा) को प्राथमिकता देने के लिए ही इतिहास में प्रसिद्ध है। इसका ‘मारवाड़ी अंक’ और ‘अछूत अंक’ अत्यंत प्रसिद्ध रहे।
कथन
I. : ‘चाँद’ का प्रकाशन 1920 में साप्ताहिक पत्र के रूप में हुआ था ।
II. : 1923 ई. से रामरख सहगल एवं चण्डीप्रसाद ‘हृदयेश’ के सम्पादन में ‘चाँद’ मासिक पत्रिका हो गया ।
III. इसमें नारी विषयक समस्याओं को प्राथमिकता मिलती थी ।
उपर्युक्त कथनों के आधार पर सही उत्तर विकल्प का चयन कीजिए :
(a) केवल I और II सत्य हैं ।
(b) केवल I और II सत्य हैं ।
(c) I, II और III तीनों सत्य हैं।
(d) केवल II और III सत्य हैं।
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Q24. निम्नलिखित में से कौन-सा / कौन-से युग्म सुमेलित है / है ? व्याख्या: भारतेंदु युग और द्विवेदी युग के ये चारों समाचार-पत्र/पत्रिकाएँ अपने प्रकाशन स्थान के साथ बिल्कुल सही सुमेलित हैं:
पत्र – स्थान
I. हिन्दी प्रदीप – प्रयाग
II. भारत मित्र – कलकत्ता
III. ब्राह्मण – कानपुर
IV. आनंदकादंबिनी – मिर्जापुर
नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए :
(a) केवल युग्म I सुमेलित है।
(b) केवल युग्म II सुमेलित है।
(c) केवल युग्म III सुमेलित है।
(d) I, II, III, IV चारों युग्म सुमेलित हैं।
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I. हिन्दी प्रदीप — प्रयाग (संपादक: बालकृष्ण भट्ट)
II. भारत मित्र — कलकत्ता (संपादक: बालमुकुंद गुप्त आदि)
III. ब्राह्मण — कानपुर (संपादक: प्रताप नारायण मिश्र)
IV. आनंदकादंबिनी — मिर्जापुर (संपादक: बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’)
Q25. निम्नलिखित में से किस विकल्प के सभी उपन्यास मैत्रेयी पुष्पा द्वारा लिखित हैं ? व्याख्या: विकल्प (b) में दिए गए चारों उपन्यास (‘बेतवा बहती रही’, ‘अल्मा कबूतरी’, ‘चाक’ और ‘त्रिया हठ’) मैत्रेयी पुष्पा के अत्यंत प्रसिद्ध ग्रामीण और आंचलिक पृष्ठभूमि पर लिखे गए नारी-चेतना के उपन्यास हैं।
(a) चाक, अल्मा कबूतरी, स्मृति दंश, पीली आँधी
(b) बेतवा बहती रही, अल्मा कबूतरी, चाक, त्रिया हठ
(c) गुनाह बेगुनाह, चाक, बेतवा बहती रही, तिरोहित
(d) पीली आँधी, हमारा शहर उस बरस, चाक, अल्मा कबूतरी
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Q26. रचना और रचनाकार की दृष्टि से सुमेलित युग्म की पहचान कीजिए: व्याख्या: दिए गए कूट में केवल विकल्प (c) यानी युग्म III सुमेलित है। ‘मात्रा और भार’ प्रसिद्ध समकालीन कहानीकार स्वयं प्रकाश की रचना है।
रचना – रचनाकार
I. सूरज कब निकलेगा – उदय प्रकाश
II. तिरिछ – अरुण प्रकाश
III. मात्रा और भार – स्वयं प्रकाश
IV. जल प्रांतर – हरिचरन प्रकाश
नीचे दिये गये विकल्पों से सही उत्तर चुनिए :
(a) I
(b) II
(c) III
(d) IV
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Q27. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: व्याख्या: यह दोनों कथन डॉ. बच्चन सिंह और आचार्य रामचंद्र शुक्ल के परवर्ती आलोचनात्मक सिद्धांतों पर आधारित हैं: कथन I सही है: प्रयोगवाद द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद उपजे मध्यवर्गीय समाज की निराशा, कुंठा और ह्रासोन्मुखी जीवन की अभिव्यक्ति करता है। कथन II सही है: ‘तारसप्तक’ (1943) की भूमिका और उसके कवियों का विश्लेषण करें, तो उनमें यह अंतर्विरोध साफ दिखता है—वे राजनैतिक/सामाजिक रूप से मार्क्सवाद (समाजवाद) का समर्थन करते हैं, लेकिन अपनी व्यक्तिगत कला-साधना में घोर व्यक्तिवादी हैं (जैसे मुक्तिबोध, नेमिचंद्र जैन आदि)।
कथन I.: प्रयोगवादी कविता ह्रासोन्मुख मध्यवर्गीय समाज के जीवन का चित्र है।
II. ‘तारसप्तक’ के कुछ कवि विचारों से समाजवादी हैं और संस्कारों से व्यक्तिवादी तथा कुछ ऐसे हैं, जो विचारों और क्रियाओं दोनों से समाजवादी हैं।
उपर्युक्त कथनों के आधार पर सही उत्तर विकल्प का चयन कीजिए:
(a) कथन I एवं कथन II दोनों सही हैं।
(b) कथन I एवं कथन II दोनों गलत हैं।
(c) कथन I सही है और कथन II गलत है।
(d) कथन I गलत है और कथन II सही है।
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Q28. निम्नलिखित में से किस लेखक को नयी कहानी के प्रवर्तक के रूप में नहीं माना जाता है? व्याख्या: सन 1956 के आसपास हिंदी में ‘नयी कहानी आन्दोलन’ की शुरुआत हुई थी, जिसके प्रवृत्तित्रयी (तीन मुख्य प्रवर्तक) राजेन्द्र यादव, मोहन राकेश और कमलेश्वर माने जाते हैं।
(a) राजेन्द्र यादव
(b) मोहन राकेश
(c) यशपाल
(d) कमलेश्वर
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Q29. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: व्याख्या: साठोत्तरी हिंदी कहानी (1960 के बाद) में कई कहानी आंदोलन चले: कथन I सही है: ‘अकहानी’ आंदोलन (जो कि पारंपरिक मूल्यों के विरोध और पूर्ण स्वच्छंदता पर आधारित था) की शुरुआत और नेतृत्व में गंगाप्रसाद विमल, रवीन्द्र कालिया और दूधनाथ सिंह के नाम सबसे प्रमुख हैं। कथन II सही है: ‘सचेतन कहानी’ आंदोलन का आरंभ ही डॉ. महीप सिंह ने सन 1964 में ‘सचेतन’ पत्रिका के माध्यम से किया था, जिसमें वैचारिक सचेतता पर बल दिया गया था।
कथन I. : अकहानी आन्दोलन में गंगाप्रसाद विमल, रवीन्द्र कालिया आदि के नाम उल्लेखनीय हैं।
II. : सचेतन कहानी आन्दोलन के विकास में महीप सिंह की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही ।
उपर्युक्त कथनों के आधार पर सही उत्तर विकल्प का चयन कीजिए:
(a) कथन I एवं कथन II दोनों सही हैं।
(b) कथन I एवं कथन II दोनों गलत हैं।
(c) कथन I सही है और कथन II गलत है।
(d) कथन I गलत है और कथन II सही है।
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Q30. ‘यशपाल’ के उपन्यास साहित्य से सम्बन्धित निम्न कथनों पर विचार कीजिए : व्याख्या: कथन I सही है: ‘दिव्या’ (1945) और ‘अमिता’ (1956) यशपाल के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक उपन्यास हैं। ‘दिव्या’ में बौद्ध कालीन ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर नारी की पराधीनता का चित्रण है। कथन II पूर्णतः गलत है: यशपाल हिंदी साहित्य के सबसे प्रखर मार्क्सवादी (वामपंथी) उपन्यासकार माने जाते हैं। उनके उपन्यास ‘झूठा सच’, ‘दादा कामरेड’, ‘दिव्या’ आदि सभी पर द्वंद्वात्मक भौतिकवाद और मार्क्सवादी राजनैतिक दर्शन का गहरा प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ता है।
कथन I. : ‘दिव्या’ और ‘अमिता’ यशपाल के ऐतिहासिक उपन्यास हैं।
II. : यशपाल के उपन्यासों पर किसी राजनैतिक विचारधारा का प्रभाव नहीं दिखायी पड़ता और न ही उन पर किसी दर्शन का प्रभाव है।
उपर्युक्त कथनों के आधार पर सही उत्तर विकल्प का चयन कीजिए:
(a) कथन I एवं कथन II दोनों सही हैं।
(b) कथन I एवं कथन II दोनों गलत हैं।
(c) कथन I सही है और कथन II गलत है।
(d) कथन I गलत है और कथन II सही है।
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