UKPSC Assit. Librarian, Assit. RO, Translator & Typist Exam Paper - 19 July 2026 (Answer Key)

UKPSC Assit. Librarian, Assit. RO, Translator & Typist Exam Paper – 19 July 2026 (Answer Key)

July 19, 2026

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (Uttarakhand Public Service Commission) द्वारा आयोजित माननीय उत्तराखंड उच्च न्यायालय के प्रतिष्ठान में सहायक लाइब्रेरियन, सहायक समीक्षा अधिकारी, अनुवादक और टाइपिस्ट (Assistant Librarian, Assistant Review Officer, Translator and Typist) परीक्षा-2025 का आयोजन दिनांक 19 जुलाई 2026 को किया गया था। इस परीक्षा का प्रश्न पत्र व्याख्या सहित यहाँ पर उपलब्ध। 

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (Uttarakhand Public Service Commission) Conduct the Assistant Librarian, Assistant Review Officer, Translator and Typist in the establishment of honourable high court uttrakhand Exam – 2025 held on 19 July, 2026. UKPSC Lecturer Exam Paper 2025 Paper with Answer Key. The question paper for this exam, along with explanations, is available here.

Exam  UKPSC Assit. Librarian, Assit. RO, Translator & Typist Exam 2026 
Subject  General Knowledge
Date of Exam 
19 July, 2026
Total Questions  200
Paper Set  A

UKPSC Assit. Librarian, Assit. RO, Translator & Typist Exam 2026
Paper – (General Knowledge)

Q1. सम्राट अशोक ने महाराष्ट्र में बौद्ध धर्म के प्रचार हेतु किसको भेजा था ?
(a) महारक्षित

(b) महादेव
(c) महाधर्म रक्षित
(d) सोन तथा उत्तरा

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Answer – (C)

व्याख्या: मौर्य सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न भिक्षुओं (धर्म प्रचारकों) को अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा था। महावंश के अनुसार, महाधर्म रक्षित को महाराष्ट्र (महारत) भेजा गया था। अन्य विकल्पों की बात करें तो, ‘महारक्षित’ को यवन (यूनान) देश भेजा गया था, ‘महादेव’ को महिषमंडल (मैसूर) भेजा गया था, और ‘सोन तथा उत्तरा’ को सुवर्णभूमि (म्यांमार/दक्षिण-पूर्वी एशिया) भेजा गया था।

Q2. अशोक के शिलालेखों में प्रयुक्त ब्राह्मी लिपि का सर्वप्रथम उवाचन किसने किया ?
(a) अलेक्ज़ेंडर कनिंघम
(b) जेम्स प्रिंसेप

(c) मार्टिमर व्हीलर
(d) जॉन मार्शल

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Answer – (B)

व्याख्या: अशोक के अभिलेखों और उनकी ब्राह्मी लिपि को सबसे पहले पढ़ने (उवाचन करने) में सफलता जेम्स प्रिंसेप को 1837 में मिली थी। वह ईस्ट इंडिया कंपनी की टकसाल (Mint) में एक अधिकारी और एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल के सचिव थे।

Q3. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिये

सूची-I (लेखक)

सूची-II (पुस्तक)

A. हरीभद्र सूरि

1. कथाकोश

B. जिन सेन

2. आदिपुराण

C. जयानक

3. पृथ्वीराज विजय

D. विशाखदत्त

4. मुद्राराक्षस

कूट:
A B C D
(a) 1 2 3 4
(b) 1 3 4 2
(c) 2 4 3 1
(d) 3 4 1 2

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Answer – (A)

व्याख्या: सही सुमेलन इस प्रकार है:
A. हरीभद्र सूरि1. कथाकोश (यह एक प्रसिद्ध जैन ग्रंथ है)
B. जिन सेन2. आदिपुराण (यह एक जैन महाकाव्य है जिसमें प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव के जीवन का वर्णन है)
C. जयानक3. पृथ्वीराज विजय (इस ग्रंथ से चौहान शासक पृथ्वीराज तृतीय के इतिहास की जानकारी मिलती है)
D. विशाखदत्त4. मुद्राराक्षस (यह एक प्रसिद्ध संस्कृत नाटक है जिसमें चंद्रगुप्त मौर्य के सत्ता में आने की कहानी है)

Q4. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?

(राजा का नाम)

(वंश)

1. पुष्यमित्र

शुंग

2. वासुदेव

कण्व

3. शिमुक

मौर्य

4. वासिष्क

कुषाण

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए
कूट :
(a) केवल 1
(b) केवल 2

(c) केवल 3
(d) केवल 4

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Answer – (C)

व्याख्या: युग्म 3 सही सुमेलित नहीं है क्योंकि शिमुक मौर्य वंश का नहीं, बल्कि सातवाहन वंश का संस्थापक था। उसने मौर्यों और कण्वों के पतन के बाद दक्कन में सातवाहन साम्राज्य की नींव रखी थी। अन्य सभी विकल्प सही हैं: पुष्यमित्र ने शुंग वंश की, वासुदेव ने कण्व वंश की स्थापना की थी, और वासिष्क कुषाण वंश का एक प्रमुख राजा था।

Q5. वराहमिहिर की कौन सी रचना पाँच पूर्व खगोलीय प्रणालियों का सार प्रस्तुत करती है ?
(a) बृहत् जातक
(b) बृहत् संहिता
(c) लघु जातक
(d) पंचसिद्धांतिका

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Answer – (D)

व्याख्या: गुप्त काल के महान खगोलशास्त्री और गणितज्ञ वराहमिहिर की प्रसिद्ध रचना ‘पंचसिद्धांतिका’ है। इस पुस्तक में उनके समय में प्रचलित पाँच प्राचीन खगोलीय प्रणालियों या सिद्धांतों (पैतामह, वसिष्ठ, रोमक, पौलिश और सूर्य सिद्धांत) का सार और संकलन दिया गया है।

Q6. सल्तनत काल में ‘सरजानदार’ कौन होता था ?
(a) लोकल बाज़ार का प्रमुख
(b) प्रमुख अंगरक्षक
(c) गुप्तचरों का प्रमुख
(d) मुख्य न्यायाधीश

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Answer – (B)

व्याख्या: दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक और दरबारी ढांचे में ‘सरजानदार’ (Sar-i-Jandar) सुल्तान के शाही अंगरक्षकों (Bodyguards) का मुख्य अधिकारी या प्रमुख होता था। यह एक बेहद महत्वपूर्ण और भरोसेमंद पद था, जिसकी ज़िम्मेदारी सुल्तान की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती थी।

Q7. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए

सूची-I (युद्ध)

सूची-II (वर्ष)

A. खानवा का युद्ध

1. 1527

B. चन्देरी का युद्ध

2. 1528

C. घाघरा का बुद्ध

3. 1529

D. चौसा का युद्ध

4. 1539

कूट:
A B C D
(a) 1 2 3 4

(b) 2 3 4 1
(c) 4 3 2 1
(d) 3 4 1 2

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Answer – (A)

व्याख्या: मुग़ल काल और हुमायूं/बाबर के समय के इन युद्धों का सही कालक्रम इस प्रकार है:
A. खानवा का युद्ध1. 1527 (बाबर और राणा सांगा के बीच हुआ)
B. चन्देरी का युद्ध2. 1528 (बाबर और मेदिनी राय के बीच हुआ)
C. घाघरा का युद्ध3. 1529 (बाबर और अफगानों के बीच हुआ)
D. चौसा का युद्ध4. 1539 (शेरशाह सूरी और हुमायूँ के बीच हुआ, जिसमें हुमायूँ की हार हुई थी)

Q8. तुजुक ए जहाँगीरी क्या है ?
(a) सर थॉमस रो का एक यात्रा वृत्तांत
(b) जहाँदर शाह की जीवनी
(c) जहाँगीर की आत्मकथा

(d) नूरजहाँ की कविताओं का संग्रह

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Answer – (C)

व्याख्या: ‘तुजुक-ए-जहाँगीरी’ मुग़ल सम्राट जहाँगीर की आत्मकथा है, जिसे उसने फ़ारसी भाषा में लिखा था। मुग़ल शासकों में केवल बाबर (तुजुक-ए-बाबरी) और जहाँगीर ने ही अपनी आत्मकथाएँ स्वयं लिखी थीं।

Q9. अमीर खुसरो की कौन सी पुस्तक कुतबुद्दीन मुबारक शाह के काल की पूर्ण जानकारी देती है ?
(a) खज़ाइन उल फुतूह
(b) नूह-ए-सिफर

(c) मिफताह-उल-फुतूह
(d) तुगलकनामा

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Answer – (B)

व्याख्या: अमीर खुसरो द्वारा रचित ‘नूह-ए-सिफर’ (जिसका अर्थ है ‘नौ आकाश’) अलाउद्दीन खिलजी के बेटे और उत्तराधिकारी कुतबुद्दीन मुबारक शाह खिलजी के शासनकाल और उसके समय की सामाजिक-सांस्कृतिक परिस्थितियों की पूरी जानकारी देती है। खुसरो की अन्य पुस्तकों में ‘खज़ाइन-उल-फुतूह’ अलाउद्दीन खिलजी की विजयों के बारे में है और ‘तुगलकनामा’ गयासुद्दीन तुगलक के बारे में है।

Q10. सल्तनत काल में सिक्कों पर टकसाल का नाम लिखने की परम्परा किस सुल्तान ने आरम्भ की ?
(a) अलाउद्दीन खलजी
(b) मुहम्मद बिन तुगलक

(c) बलबन
(d) इल्तुतमिश

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Answer – (D)

व्याख्या: दिल्ली सल्तनत की मुद्रा प्रणाली में सुधार करने का श्रेय इल्तुतमिश को जाता है। उसने शुद्ध अरबी सिक्के चलाए और सिक्कों पर टकसाल का नाम अंकित करने की परंपरा शुरू की। उसने चांदी का ‘टका’ और तांबे का ‘जीतल’ जारी किया था।

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