Q141. “केशव को कवि हृदय नहीं मिला था। उनमें वह सहृदयता और भावुकता भी न थी, जो एक कवि में होनी चाहिए ।”केशव के संबंध में उपर्युक्त कथन किसका है ? व्याख्या: आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने अपने ‘हिंदी साहित्य का इतिहास’ में महाकवि केशवदास की कटु आलोचना करते हुए यह प्रसिद्ध कथन कहा है। शुक्ल जी के अनुसार, केशवदास में वह भावुकता और सहृदयता नहीं थी जो एक सच्चे कवि में होनी चाहिए, वे केवल चमत्कार-प्रदर्शन और पांडित्य-प्रदर्शन में रुचि रखते थे। इसी कारण शुक्ल जी ने उन्हें ‘कठिन काव्य का प्रेत’ भी कहा है।
(a) डॉ. नगेन्द्र का
(b) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का
(c) हजारीप्रसाद द्विवेदी का
(d) विश्वनाथप्रसाद मिश्र का
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Q142. साहित्यिक विधा की दृष्टि से अज्ञेय की रचनाओं को सुमेलित कीजिए: व्याख्या: सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ की कृतियों का सही विधागत सुमेलन इस प्रकार है:
विधा – रचना
I. काव्य संग्रह – A. विपथगा
II. उपन्यास – B. भग्नदूत
III. कहानी – C. नदी के द्वीप
IV. यात्रावृत्त – D. एक बूँद सहसा उछली
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
I, II, III, IV
(a) B A C D
(b) A D C B
(c) A C B A
(d) B C A D
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काव्य संग्रह — B. भग्नदूत (यह अज्ञेय जी का पहला काव्य संग्रह है, जो 1933 में प्रकाशित हुआ था)
उपन्यास — C. नदी के द्वीप (1951 ई. में प्रकाशित इनका सुप्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक उपन्यास)
कहानी — A. विपथगा (1937 ई. में प्रकाशित अज्ञेय जी का पहला कहानी संग्रह)
यात्रावृत्त — D. एक बूँद सहसा उछली (1960 ई. में प्रकाशित, इसमें उनकी विदेश यात्राओं का वर्णन है)
अतः कूट संयोजन I-B, II-C, III-A, IV-D विकल्प (d) में पूर्णतः सही है।
Q143. ‘बिहारी सतसई’ में भाव और विचार की दृष्टि से निम्नलिखित में से किनकी त्रिवेणी मानी जाती है ? व्याख्या: महाकवि बिहारीलाल द्वारा रचित ‘बिहारी सतसई’ मुख्यतः श्रृंगार रस का ग्रंथ है, परंतु उसमें मुख्य रूप से तीन प्रवृत्तियों का अनूठा संगम मिलता है, जिसे ‘भक्ति, श्रृंगार और नीति की त्रिवेणी’ कहा जाता है। सतसई में जहाँ राधा-कृष्ण के प्रति अनन्य भक्तिपरक दोहे हैं, वहीं जीवन के व्यावहारिक ज्ञान से जुड़े नीतिपरक दोहे भी प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। इसमें मुख्य रूप से वीरता (वीर रस) का समावेश नहीं माना जाता।
I. भक्ति
II. वीरता
III. श्रृंगार
IV. नीतिनीचे
दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
(a) II, III एवं IV की
(c) I, II एवं III की
(b) I, III एवं IV की
(d) I, II एवं IV की
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Q144. “कहत – नटत रीझत खिजत, मिलत खिलत लजियात ।” यह पंक्ति किस कवि की है ? व्याख्या: यह ‘बिहारी सतसई’ का सबसे प्रसिद्ध और अद्भुत दोहा है, जो श्रृंगार रस के अंतर्गत ‘संयोग श्रृंगार’ (हाव-भाव विधान) का बेहतरीन उदाहरण है। इस एक ही दोहे में कवि ने भरे भवन (गुरुजनों के बीच) में नायक और नायिका द्वारा आँखों ही आँखों में किए जाने वाले सात-आठ प्रकार के अलग-अलग क्रिया-कलापों (कथनों, मना करने, रीझने, खीझने, मिलने, प्रसन्न होने और शर्माने) का अत्यंत सघन चित्रण किया है।
(a) देव की
(b) बिहारी की
(c) केशवदास की
(d) पद्माकर की
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Q145. निम्नलिखित युग्मों का सही मिलान कीजिए: व्याख्या: प्रमुख लेखकों और उनकी आत्मकथाओं का सही सुमेलन इस प्रकार है:
आत्मकथा – लेखक
I. सिंहावलोकन – A. राहुल सांकृत्यायन
II. चाँद सूरज के वीरन – B. देवेन्द्र सत्यार्थी
III. बसेरे से दूर – C. यशपाल
IV. मेरी जीवन यात्रा – D. हरिवंशराय बच्चन
नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
I II III IV
(a) C B E A
(b) A D B C
(c) B A C D
(d) D A C B
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सिंहावलोकन — C. यशपाल (यह यशपाल की तीन भागों में प्रकाशित प्रसिद्ध आत्मकथा है)
चाँद सूरज के वीरन — B. देवेन्द्र सत्यार्थी
बसेरे से दूर — D. हरिवंशराय बच्चन (बच्चन जी की चार भागों वाली आत्मकथा का तीसरा भाग)
मेरी जीवन यात्रा — A. राहुल सांकृत्यायन (राहुल जी की आत्मकथा 5 खंडों में है)
अतः सही कूट क्रम I-C, II-B, III-D, IV-A है, जो विकल्प (a) के निकटतम है।
Q146. ‘कालिदास’ और ‘मल्लिका’ के प्रसंग में निम्नलिखित में से कौन सा नाटक लिखा गया है ? व्याख्या: ‘आषाढ़ का एक दिन’ (1958 ई.) आधुनिक हिंदी नाटककार मोहन राकेश द्वारा रचित एक अत्यंत प्रसिद्ध ऐतिहासिक-मनोवैज्ञानिक नाटक है। इस नाटक की पूरी पृष्ठभूमि महाकवि कालिदास, उनकी ग्राम-प्रिया ‘मल्लिका’ और विलोम के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जिसमें रचनाकार के अंतद्वंद्व और राज्याश्रय व कला के टकराव को दिखाया गया है।
(a) लहरों के राजहंस
(b) शारदीया
(c) अंधा कुआँ
(d) आषाढ़ का एक दिन
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Q147. साहित्यिक पत्रिका और उसके सम्पादक की दृष्टि से निम्नलिखित युग्मों का सही मिलान कीजिए: व्याख्या: प्रसिद्ध पत्रिकाओं और उनके संपादकों का सही सुमेलन इस प्रकार है:
संपादक – पत्रिका
I.प्रतीक – A. प्रेमचन्द
II. माधुरी – B. अज्ञेय
III. सरस्वती – C. श्यामसुंदर दास
IV. भारत मित्र – D. बालमुकुंद गुप्त
दिये गये कूट के आधार पर सही उत्तर चुनिए :
कूट :
I, II, III, IV
(a) B A C D
(b) D A B C
(c) C B A D
(d) C A D B
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प्रतीक — B. अज्ञेय (इन्होंने 1947 में इलाहाबाद से इस महत्वपूर्ण प्रगतिशील पत्रिका का संपादन किया था)
माधुरी — A. प्रेमचन्द (मुंशी प्रेमचंद ने लखनऊ से निकलने वाली ‘माधुरी’ पत्रिका का संपादन भी संभाला था)
सरस्वती — C. श्यामसुंदर दास (सन् 1900 में सरस्वती के पहले संपादक मंडल में बाबू श्यामसुंदर दास मुख्य थे, जिसके बाद 1903 में महावीर प्रसाद द्विवेदी इसके संपादक बने)
भारत मित्र — D. बालमुकुंद गुप्त (यह कलकत्ता से प्रकाशित एक प्रमुख पत्र था जिसके संपादक गुप्त जी थे)
अतः कूट संयोजन I-B, II-A, III-C, IV-D विकल्प (a) में पूर्णतः सही है।
Q148. कहानी की दृष्टि से कौन सी रचना उसके लेखक के साथ सुमेलित नहीं है ? व्याख्या: ‘ताई’ कहानी जयशंकर प्रसाद की नहीं, बल्कि हिंदी के प्रसिद्ध कहानीकार बिशम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ की कालजयी रचना है। जयशंकर प्रसाद की प्रसिद्ध कहानियों में ‘आकाशदीप’, ‘पुरस्कार’, ‘गुंडा’ और ‘ममता’ शामिल हैं। बाकी सभी विकल्प (सुदर्शन की ‘हार की जीत’, प्रेमचंद की ‘बूढ़ी काकी’ और मास्टर भगवान दास की ‘प्लेग की चुड़ैल’) बिल्कुल सही सुमेलित हैं।
(I) सुदर्शन – हार की जीत
(II) जयशंकर प्रसाद – ताई
(III) प्रेमचन्द – बूढ़ी काकी
(IV) मास्टर भगवान दास – प्लेग की चुड़ैल
(a) (I) सुमेलित नहीं है।
(b) (II) सुमेलित नहीं है।
(c) (IV) सुमेलित नहीं है।
(d) (III) सुमेलित नहीं है।
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Q149. निम्नलिखित युग्मों को सुमेलित कीजिए : व्याख्या: यात्रावृत्तांत और उनके लेखकों का सही सुमेलन इस प्रकार है:
लेखक – यात्रावृत्त / रचना
I. राहुल सांकृत्यायन – A. पैरों में पंख बाँधकर
II. रामवृक्ष बेनीपुरी – B. कलकत्ता से पेकिंग
III. भगवतशरण उपाध्याय – C. गोरी नजरों में हम
IV. प्रभाकर माचवे – D. रूस में पच्चीस मास
नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
I, II, III, IV
(a) C A D B
(b) A B C D
(c) C B A D
(d) D A B C
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राहुल सांकृत्यायन — D. रूस में पच्चीस मास (महापंडित राहुल जी का प्रसिद्ध सोवियत संघ यात्रावृत्त)
रामवृक्ष बेनीपुरी — A. पैरों में पंख बाँधकर (1952 ई. में प्रकाशित अत्यंत लोकप्रिय यात्रावृत्त)
भगवतशरण उपाध्याय — B. कलकत्ता से पेकिंग
प्रभाकर माचवे — C. गोरी नजरों में हम
Q150. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से ‘प्रेमचन्द’ के निम्नलिखित उपन्यासों का सही क्रम है : व्याख्या: मुंशी प्रेमचंद के इन उपन्यासों का सही कालानुक्रमिक (प्रकाशन वर्ष) विवरण नीचे दी गई तालिका के अनुसार है:
I. प्रेमाश्रम, सेवासदन, गबन, रंगभूमि
II. सेवासदन, गबन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि
III. सेवासदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, गबन
IV. गबन, सेवासदन, रंगभूमि, प्रेमाश्रम
नीचे दिये गये विकल्पों से सही उत्तर चुनिए :
(a) I
(b) II
(c) III
(d) IV
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1. सेवासदन – 1918 ई.
2. प्रेमाश्रम – 1921 ई.
3. रंगभूमि – 1925 ई.
4. गबन – 1931 ई.
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