Q51. 1707 ई. में शाहू तथा ताराबाई के मध्य खेड़ का युद्ध निम्नलिखित में से किस नदी के किनारे हुआ था ? व्याख्या: औरंगज़ेब की मृत्यु (1707 ई.) के बाद जब छत्रपति शिवाजी महाराज के पोते शाहू जी महाराज मुगलों की कैद से आज़ाद हुए, तो मराठा साम्राज्य के सिंहासन के लिए उनका मुकाबला राजाराम की विधवा ताराबाई से हुआ। अक्टूबर 1707 में पुणे जिले के पास भीमा नदी के तट पर स्थित ‘खेड़’ (Khed) नामक स्थान पर दोनों सेनाओं के बीच ऐतिहासिक युद्ध हुआ। इस युद्ध में शाहू जी विजयी रहे, जिसमें पेशावर बालाजी विश्वनाथ ने उनकी बड़ी मदद की थी।
(a) गोदावरी
(b) ताप्ती
(c) भीमा
(d) कृष्णा
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Q52. किस सुल्तान ने बलबन को ‘उलूग खान’ की उपाधि प्रदान की ? व्याख्या: दिल्ली सल्तनत के गुलाम वंश के सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद (जो स्वभाव से बहुत ही सीधा और धार्मिक था) ने 1249 ईस्वी में गयासुद्दीन बलबन की सैन्य योग्यताओं और वफादारी से खुश होकर उसे ‘उलूग खान’ (महान खान) की उपाधि दी थी। साथ ही उसने बलबन को सल्तनत का सर्वोच्च प्रशासनिक पद ‘नाइब-ए-मामलिकात’ (वज़ीर) भी सौंप दिया था। बाद में नासिरुद्दीन की मृत्यु के बाद बलबन खुद सुल्तान बना।
(a) इल्तुतमिश
(b) बहरामशाह
(c) नासिरुद्दीन महमूद
(d) अलाउद्दीन मसूदशाह
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Q53. शेरशाह ने झेलम नदी पर निम्नलिखित में से कौन सा किला बनवाया था ? व्याख्या: सूर वंश के संस्थापक शेरशाह सूरी ने उत्तर-पश्चिमी सीमा पर गक्खर जनजातियों के विद्रोह को दबाने और मंगोल/हुमायूं के संभावित आक्रमण को रोकने के लिए आधुनिक पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में झेलम नदी के पास ‘रोहतास किले’ (Rohtas Fort) का निर्माण करवाया था। यह किला अपनी विशाल प्राचीर, स्थापत्य और रणनीतिक स्थिति के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है और वर्तमान में एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।
(a) चिनार दुर्ग
(b) पुराना किला
(c) रोहतास किला
(d) मांडू किला
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Q54. मुगल प्रशासन में मस्जिदों, खानकाहों एवं धार्मिक संस्थानों को दी गयी निःशुल्क भू-अनुदान को कहा जाता था व्याख्या: मुगल काल में धार्मिक विद्वानों, संतों, मस्जिदों, मदरसों और खानकाहों के रख-रखाव के लिए जो लगान-मुक्त (टैक्स-फ्री) भूमि दान में दी जाती थी, उसे तुर्की-मुगल प्रशासनिक शब्दावली में ‘सयूरगाल’ (Sayurghal) या ‘मदद-ए-माश’ कहा जाता था। इस भूमि का प्रबंधन और आवंटन करने की जिम्मेदारी सल्तनत के मुख्य धार्मिक अधिकारी यानी ‘सद्र-उस-सुदूर’ की होती थी।
(a) जकात्
(b) सद्का
(c) सयूरगाल
(d) जजिया
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Q55. किस मुगल राजकुमारी ने साहित्यिक कार्यशाला (बैत-उल-उलूम) की स्थापना की ? व्याख्या: मुगल सम्राट औरंगज़ेब की सबसे बड़ी पुत्री जेब-उन-निशा (Zeb-un-Nissa) एक अत्यंत शिक्षित कवयित्री और कला-प्रेमी महिला थी। उसने दिल्ली में ‘बैत-उल-उलूम’ (Academy of Sciences/साहित्यिक कार्यशाला) नाम से एक समृद्ध पुस्तकालय और साहित्यिक केंद्र की स्थापना की थी। यहाँ उसने कई विद्वानों और अनुवादकों को संरक्षण दिया, जिन्होंने कई महत्वपूर्ण प्राचीन ग्रंथों का लिप्यंतरण और अनुवाद किया। वह खुद ‘मखफी’ उपनाम से फारसी में कविताएँ लिखती थी।
(a) जहाँआरा
(b) रोशनआरा
(c) जेब-उन-निशा
(d) गौहन आरा
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Q56. निम्नलिखित में से किस शासक ने अजमेर में संस्कृत विद्यालय का निर्माण कराया था ? व्याख्या: चौहान (चाहमान) राजवंश के प्रतापी राजा विग्रहराज चतुर्थ (जिन्हें ‘बिसलदेव’ भी कहा जाता है) ने अजमेर में एक भव्य संस्कृत विद्यालय और सरस्वती मंदिर का निर्माण कराया था। विग्रहराज स्वयं एक महान विद्वान थे, उन्होंने ‘हरिकेली’ नाटक की रचना की थी, जिसकी कुछ पंक्तियाँ इस विद्यालय की दीवारों पर उत्कीर्ण थीं। बाद में, कुतुबुद्दीन ऐबक ने इस संस्कृत विद्यालय को तुड़वाकर उसी के मलबे से ‘अढ़ाई दिन का झोंपड़ा’ नामक मस्जिद का निर्माण करवा दिया था।
(a) विग्रहराज चतुर्थ
(b) पृथ्वीराज तृतीय
(c) खुसरो मलिक
(d) अजयराज द्वितीय
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Q57. मध्यकालीन भारत में एकनाथ एवं तुकाराम किस भाषा में साहित्य रचना किया करते थे ? व्याख्या: मध्यकालीन भारत के भक्ति आंदोलन में महाराष्ट्र के संत कवियों का योगदान अतुलनीय है। संत एकनाथ (जिन्होंने भावार्थ रामायण लिखी) और संत तुकाराम (जो छत्रपति शिवाजी महाराज के समकालीन थे और अपने ‘अभंगों’ के लिए प्रसिद्ध हैं) दोनों ही वारकरी संप्रदाय से जुड़े थे। इन संतों ने जनसामान्य को भक्ति का मार्ग समझाने के लिए अपनी स्थानीय भाषा ‘मराठी’ में अपनी अमर रचनाएँ और साहित्य लिखा था।
(a) संस्कृत
(b) तमिल
(c) मराठी
(d) बंगाली
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Q58. पतंजलि के योगसूत्र का अरबी में अनुवाद किसने किया ? व्याख्या: 11वीं शताब्दी में महमूद गज़नबी के साथ भारत आए सुप्रसिद्ध फारसी विद्वान और इतिहासकार अल-बरूनी (Al-Biruni) ने भारतीय संस्कृति, दर्शन और विज्ञान का गहरा अध्ययन किया था। उसने संस्कृत भाषा सीखी और महर्षि पतंजलि के प्रसिद्ध ग्रंथ ‘योगसूत्र’ का अरबी भाषा में अनुवाद किया, जिसे ‘किताब पतंजल फिल-खलास मिन अल-अमथल’ नाम से जाना जाता है। इसके अलावा उसने सांख्य दर्शन और भगवद्गीता के अंशों का भी अनुवाद किया था।
(a)अल-बरूनी
(b) अल-गजाली
(c) अल-असारी
(d) अब्दुल वहीद बिलग्रामी
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Q59. दिल्ली सल्तनत के किस शासक के शासनकाल में राजधानी में शराब एवं जुए पर पाबंदी लगायी गयी थी ? व्याख्या: खिलजी वंश के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने अपने खिलाफ होने वाले विद्रोहों को रोकने के लिए कई कड़े प्रशासनिक अध्यादेश (Ordinances) जारी किए थे। उसका मानना था कि शराब की गोष्ठियों और जुए के अड्डों पर अमीर और सरदार इकट्ठा होकर विद्रोह के षड्यंत्र रचते हैं। इसलिए उसने दिल्ली और उसके आस-पास शराब के निर्माण, बिक्री, सेवन और जुए पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था।
(a) बलबन
(b)जलालुद्दीन खिलजी
(c) अलाउद्दीन खिलजी
(d) मुहम्मद बिन तुगलक
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Q60. विजयनगर साम्राज्य के निम्नलिखित वंशों कोकालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिये : व्याख्या: विजयनगर साम्राज्य (स्थापना 1336 ई.) पर शासन करने वाले चारों राजवंशों का सही ऐतिहासिक क्रम इस प्रकार है:
(a) संगम, सालुव, तुलुव, अराविदु
(b) संगम, तुलुव, अराविदु, सालुव
(c) सालुव, अराविदु, संगम, तुलुव
(d) सालुव, तुलुव, संगम, अराविदु
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संगम वंश (1336 – 1485 ई.): स्थापना हरिहर और बुक्का ने की।
सालुव वंश (1485 – 1505 ई.): स्थापना सालुव नरसिंह ने की (प्रथम बलापहार)।
तुलुव वंश (1505 – 1570 ई.): स्थापना वीर नरसिंह ने की। इसी वंश के सबसे महान राजा कृष्णदेवराय थे।
अराविदु वंश (1570 – 1646 ई.): तालीकोटा के युद्ध (1565 ई.) के बाद तिरुमल ने इस वंश की नींव रखी थी।
