UKPSC Lecturer Exam – History (Paper I) – 31 May 2026 (Answer Key)

UKPSC Lecturer Exam – History (Paper I) – 31 May 2026 (Answer Key)

Q91. अकबर के दरबार में पहुँचने वाले पहले जेसुइट मिशन का नेतृत्व किसने किया ?
(a) फादर जेरोम जेवियर
(b) थॉमस रो
(c) फादर रुडोल्फ एक्वाविवा
(d) ट्रेवर्नियर

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Answer – (c)

व्याख्या: अकबर की धार्मिक जिज्ञासा और ‘इबादतखाना’ की चर्चाओं के आमंत्रण पर फतेहपुर सीकरी में गोवा से 1580 ईस्वी में पहला पुर्तगाली जेसुइट मिशन (Jesuit Mission) पहुँचा था। इस प्रथम मिशन का नेतृत्व फादर रुडोल्फ एक्वाविवा (Rudolfo Aquaviva) ने किया था, और उनके साथ फादर एंटोनियो मोन्सेरेट भी शामिल थे। (फादर जेरोम जेवियर बहुत बाद में तीसरे मिशन के नेता बनकर आए थे)।

Q92. किस पेशवा के सत्ता में आने के बाद मराठा आन्दोलन का स्वरूप रक्षात्मक से आक्रामक में बदल गया ?
(a) बालाजी विश्वनाथ
(b) बाजीराव प्रथम
(c) बालाजी बाजीराव
(d) बाजीराव द्वितीय

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Answer – (b)

व्याख्या: बालाजी विश्वनाथ की मृत्यु के बाद उनके योग्य पुत्र बाजीराव प्रथम (1720–1740 ई.) मात्र 20 वर्ष की आयु में पेशवा बने। उन्होंने मराठा नीति को पूरी तरह बदल दिया और ‘हिंदू पाद पादशाही’ का नारा देकर मराठा साम्राज्य को दक्षिण से उत्तर भारत (मालवा, बुंदेलखंड, गुजरात) में फैलाया। उन्होंने ही मुगल साम्राज्य की गिरती स्थिति को देखकर कहा था कि “हमें इस जर्जर वृक्ष के तने पर प्रहार करना चाहिए, शाखाएँ तो स्वयं ही गिर जाएँगी।”

Q93. ‘पीत्रा यूरा’ शैली का सर्वप्रथम प्रयोग किस इमारत में किया गया था ?
(a) एतमाद-उद्-दौला का मकबरा
(b) अकबर का मकबरा
(c) ताजमहल
(d) जहाँगीर का मकबरा

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Answer – (a)

व्याख्या: ‘पीत्रा यूरा’ (Pietra Dura) संगमरमर के पत्थरों पर कीमती रत्नों और रंगीन पत्थरों की जड़ाई करके सुंदर बेल-बूटे बनाने की एक इतालवी स्थापत्य कला शैली है। भारत में इस कला का पूर्ण रूप से सर्वप्रथम प्रयोग नूरजहाँ द्वारा आगरा में अपने पिता मिर्जा गियास बेग की याद में बनवाए गए ‘एतमाद-उद्-दौला के मकबरे’ (1622-1628 ई.) में किया गया था। यह पूरी तरह सफेद संगमरमर से बनी भारत की पहली मुगल इमारत भी है।

Q94. अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल के दौरान ‘मुन्ही’ (मुनहियन) किस अधिकारी समूह को सन्दर्भित करता था ?
(a) बाज़ार अधीक्षक

(b) राजस्व अधिकारी
(c) सेना अधिकारी
(d) गुप्तचर

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Answer – (d)

व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी ने अपने बाजार नियंत्रण (Market Control System) को पूरी तरह सफल बनाने और राज्य में विद्रोहों की साजिशों को दबाने के लिए एक बेहद मजबूत गुप्तचर प्रणाली तैयार की थी। इस विभाग के मुख्य जासूसों को ‘बरीद-ए-मुमालिक’ कहा जाता था, जबकि उनके अधीन काम करने वाले स्थानीय या छोटे स्तर के गुप्तचरों / खोजी संवाददाताओं को ‘मुन्ही’ या ‘मुनहियन’ कहा जाता था, जो सीधे सुल्तान को बाजार की पल-पल की खबरें देते थे।

Q95. इस्लामी कानून के अनुसार फिरोज़शाह तुगलक के शासनकाल में निम्नलिखित में से कौन से कर बरकरार रखे गयेथे ?
I. खराज
II. जकात
III. जवाबित
IV. खम्स
नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
(a) I, II और III

(b) I, III और IV
(c) I, II और IV
(d) I, II, III और IV

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Answer – (c)

व्याख्या: फिरोजशाह तुगलक ने गद्दी पर बैठते ही शरीयत (इस्लामी कानून) के विरुद्ध लिए जाने वाले करीब 24 कष्टदायक करों (अवाब) को समाप्त कर दिया था। उसने केवल उन्हीं 4 करों को कानूनन बरकरार रखा जिनकी अनुमति कुरान में है:
खराज (Kharaj): गैर-मुस्लिमों से लिया जाने वाला भूमि कर।
जकात (Zakat): मुस्लिमों से लिया जाने वाला स्वैच्छिक धार्मिक/संपत्ति कर।
खम्स (Khams): युद्ध में लूटे गए माल का हिस्सा।
जजिया (Jizya): गैर-मुस्लिमों से लिया जाने वाला सुरक्षा कर।
नोट: ‘जवाबित’ कोई कर नहीं था, बल्कि सुल्तान द्वारा बनाए गए धर्मनिरपेक्ष राज्य-कानून या डिक्री को कहा जाता था। इसलिए सही विकल्प (c) है।

Q96. इनमें से कौन सैयद राजवंश का संस्थापक था ?
(a) मुबारक शाह

(b) मुहम्मद शाह
(c) खिज्र खाँ
(d)अलाउद्दीन आराम शाह

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Answer – (c)

व्याख्या: 1398 ईस्वी में तैमूर लंग के भारत पर भयानक आक्रमण और तुगलक वंश के पतन के बाद, तैमूर के सिपहसालार खिज्र खाँ ने 1414 ईस्वी में दिल्ली पर अधिकार कर सैयद राजवंश की स्थापना की थी। खिज्र खाँ ने कभी भी सुल्तान की उपाधि धारण नहीं की, बल्कि वह तैमूर के पुत्र शाहरुख के प्रतिनिधि के रूप में स्वयं को केवल ‘रैयत-ए-आला’ की उपाधि से ही संतुष्ट रखता था।

Q97. निम्नलिखित में से कौन सा एक सही सुमेलित नहीं है ?
(पुस्तक)                              –         (लेखक)
(a) तारीख-ए-शेरशाही                  –           अब्बास खाँ शेरवानी

(b) तारीख-ए-दौलत-ए-शेरशाही     –           हसन अली खान
(c) तबकात-ए-अकबरी                –           निजामुद्दीन अहमद
(d) तारीख-ए-दाउदी                     –           अहमद यादगार

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Answer – (d)

व्याख्या:

  • तारीख-ए-शेरशाही — अब्बास खाँ शेरवानी (बिल्कुल सही)
  • तारीख-ए-दौलत-ए-शेरशाही — हसन अली खान (बिल्कुल सही)
  • तबकात-ए-अकबरी — निजामुद्दीन अहमद (बिल्कुल सही)
  • तारीख-ए-दाउदी के वास्तविक लेखक ‘अब्दुल्लाह’ हैं (इन्होंने यह पुस्तक जहाँगीर के काल में अफगान शासकों के इतिहास पर लिखी थी)। जबकि अहमद यादगार ने ‘तारीख-ए-सलातीन-ए-अफगाना’ लिखी थी।

अतः विकल्प (d) गलत सुमेलित है।

Q98. त्वरित न्याय हेतु किस मुगल शासक ने अपने दरबार में ‘जंजीर-ए-अदल’ की व्यवस्था की ?
(a) अकबर
(b) जहाँगीर
(c) शाहजहाँ
(d) औरंगजेब

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Answer – (b)

व्याख्या: मुगल सम्राट जहाँगीर ने 1605 ईस्वी में गद्दी संभालते ही अपनी न्यायप्रियता प्रदर्शित करने के लिए आगरा के किले (शाहबुर्ज) से लेकर यमुना नदी के तट पर लगे पत्थर के खंभे तक सोने की एक विशाल जंजीर लगवाई थी, जिसे ‘जंजीर-ए-अदल’ (Chain of Justice) कहा जाता था। इस जंजीर में 60 घंटियाँ लगी थीं। कोई भी पीड़ित व्यक्ति बिना किसी मध्यस्थ या अधिकारी के इस जंजीर को खींचकर सीधे बादशाह से न्याय की गुहार लगा सकता था।

Q99. किस दिल्ली सुल्तान के शासनकाल में मंगोल प्रमुख तरमा शिरिन का भारत पर आक्रमण हुआ ?
(a) मुहम्मद बिन तुगलक
(b) बलबन
(c) अलाउद्दीन खिलजी
(d) फिरोज शाह तुगलक

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Answer – (a)

व्याख्या: तुगलक वंश के सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल के शुरुआती वर्षों (लगभग 1326-1327 ईस्वी) में मध्य एशिया के चगताई मंगोल नेता तरमा शिरिन (Tarmashirin) ने एक विशाल सेना के साथ भारत पर आक्रमण किया था। वह मेरठ और दिल्ली की सीमाओं तक पहुँच गया था। इस संकट से निपटने के लिए सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक ने दूरदर्शिता दिखाते हुए तरमा शिरिन को भारी धन (रिश्वत) देकर वापस भेज दिया था।

Q100. निम्नलिखित में से विजयनगर राज्य की यात्रा पर आने वाला इतालवी कौन था ?
(a) अफानासी निकितिन

(b) निकोलो दी कॉन्टी
(c) फर्नोवा नूनिज
(d)अब्दुर रज्जाक

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Answer – (b)

व्याख्या: इटली (वेनिस) का सुप्रसिद्ध यात्री निकोलो दी कॉन्टी (Nicolo de Conti) 1420-1421 ईस्वी में विजयनगर साम्राज्य की यात्रा पर आया था। उस समय विजयनगर पर संगम वंश के राजा देवराय प्रथम का शासन था। निकोलो दी कॉन्टी ने विजयनगर के महलों, त्योहारों (विशेषकर दीपावली और महानवमी) तथा वहाँ के समाज का बहुत ही शानदार विवरण छोड़ा है। (अब्दुर रज्जाक फारस का था, नूनिज पुर्तगाली था और निकितिन रूसी यात्री था)।

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