UKPSC Lecturer Exam – History (Paper I) – 31 May 2026 (Answer Key)

UKPSC Lecturer Exam – History (Paper I) – 31 May 2026 (Answer Key)

Q131. जैन धर्म के संस्थापक निम्न में से कौन थे ?
(a) पार्श्वनाथ

(b) ऋषभदेव
(c) महावीर
(d) भद्रबाहु

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Answer – (b)

व्याख्या: जैन धर्म में कुल 24 तीर्थंकर हुए हैं। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव (जिन्हें आदिनाथ भी कहा जाता है) को ही जैन धर्म का मूल संस्थापक माना जाता है।

नोट: पार्श्वनाथ 23वें तीर्थंकर थे और महावीर स्वामी 24वें तीर्थंकर थे जिन्हें जैन धर्म का ‘वास्तविक संस्थापक’ (Real Founder) माना जाता है, लेकिन मूल संस्थापक ऋषभदेव ही हैं।

Q132. निम्नलिखित मानव प्रजातियों पर विचार कीजिए और उन्हें सही कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए :
1. नियण्डरथल
2. होमो इरेक्टस
3. होमो सेपिएन्स
4. ऑस्ट्रेलोपिथेकस
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
A B C D

(a) 1, 2, 3, 4
(b) 4, 3, 2, 1
(c) 2, 3, 4, 1
(d) 4, 2, 1, 3

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Answer – (d)

व्याख्या: मानव के क्रमिक विकास (Human Evolution) का सही ऐतिहासिक कालक्रम इस प्रकार है:

  1. ऑस्ट्रेलोपिथेकस (Australopithecus): लगभग 40 लाख वर्ष पूर्व (सबसे पहले)।
  2. होमो इरेक्टस (Homo erectus): लगभग 19-20 लाख वर्ष पूर्व (सीधे खड़े होकर चलने वाले मानव)।
  3. नियण्डरथल (Neanderthal): लगभग 4 लाख से 40,000 वर्ष पूर्व।
  4. होमो सेपिएन्स (Homo sapiens): आधुनिक मानव, जो लगभग 3 लाख वर्ष पूर्व अस्तित्व में आए।

अतः सही अनुक्रम 4, 2, 1, 3 यानी विकल्प (d) है।

Q133. ‘मणिमेखलै’ की रचना किसने की ?
(a) इलंगोवडिगल

(b) कंबन
(c) सत्तनार
(d) अवैयार

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Answer – (c)

व्याख्या: ‘मणिमेखलै’ संगम काल के तमिल साहित्य का एक महाकाव्य है। इसकी रचना मदुरै के एक बौद्ध व्यापारी सीतलै सत्तनार ने की थी। यह महाकाव्य ‘शिल्प्पादिकारम’ (जिसके लेखक इलंगोवडिगल थे) की अगली कड़ी है, जिसमें कोवलन और माधवी की पुत्री ‘मणिमेखलै’ के बौद्ध भिक्षुणी बनने की कहानी का वर्णन है।

Q134. पल्लव राजाओं ने अपनी राजधानी कहाँ बनाई ?
(a) मदुरै

(b) पैठन
(c) कांची
(d) कल्याणी

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Answer – (c)

व्याख्या: पल्लव राजवंश ने दक्षिण भारत (मुख्यतः आधुनिक तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के क्षेत्र) पर शासन किया था। पल्लवों की प्रतिष्ठित राजधानी कांची या कांचीपुरम (तमिलनाडु) थी, जो उस समय शिक्षा, संस्कृति और कला (विशेषकर पल्लव स्थापत्य कला) का एक महान केंद्र बनी।

Q135. ‘अलवार’ सन्त किस धर्म से संबंधित थे ?
(a) बौद्ध

(b) जैन
(c) शैव
(d) वैष्णव

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Answer – (d)

व्याख्या: दक्षिण भारत (तमिलनाडु) में मध्यकाल में भक्ति आंदोलन की शुरुआत करने वाले संतों को दो प्रमुख भागों में बांटा गया था:

अलवार सन्त: जो भगवान विष्णु की आराधना करते थे (वैष्णव भक्त)। इनकी संख्या 12 मानी गई है (जिनमें एकमात्र महिला संत ‘आंडाल’ भी शामिल थीं)।

नयनार सन्त: जो भगवान शिव के अनन्य भक्त थे (शैव भक्त)। इनकी संख्या 63 थी।

Q136. गौतम बुद्ध के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गौतम बुद्ध के पिता शुद्धोधन कपिलवस्तु के शाक्यों के गणराज्य के राजन थे ।

2. इनकी माता माया देवी कोशल की राजकुमारी थी ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं ?
(a) केवल 1

(b) केवल 2
(c)1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही

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Answer – (c)

व्याख्या: दिए गए दोनों ही कथन ऐतिहासिक रूप से बिल्कुल सत्य हैं:

  1. गौतम बुद्ध के पिता शुद्धोधन कपिलवस्तु के शाक्य क्षत्रियों के गणराज्य के प्रधान (राजन) थे। इसी कारण बुद्ध को ‘शाक्यमुनि’ भी कहा जाता है।
  2. इनकी माता माया देवी (महामाया) कोशल राज्य के कोलिय वंश की राजकुमारी थीं।

Q137. कल्याणी के चालुक्य शासक सोमेश्वर-I के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उसने आहवमल्ल की उपाधि धारण की थी ।
2. सोमेश्वर- I शैव मतावलंबी था ।
3. उसने चोल नृपति राजाधिराज-I पर आक्रमण किया था जिसमें चोल नरेश वीरगति को प्राप्त हुए ।
4. सोमेश्वर को कुदल संगमम् स्थल पर हुए युद्ध में चोलों से पराजय का सामना करना पड़ा ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं ?
(a) केवल 1 और 2

(b) 1, 2, 3 और 4 सभी
(c) केवल 2, 3 और 4
(d) केवल 1, 2 और 3

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Answer – (b)

व्याख्या: कल्याणी के चालुक्य वंश का प्रतापी शासक सोमेश्वर-I (1042-1068 ई.) था और उसके संदर्भ में सभी चारों कथन सही हैं:

  • उसने ‘आहवमल्ल’ (युद्ध प्रेमी) की उपाधि ली और वह कट्टर शैव था।
  • कोप्पम के प्रसिद्ध युद्ध (1052-54 ई.) में सोमेश्वर-I ने चोल राजा राजाधिराज-I पर घातक आक्रमण किया, जिसमें राजाधिराज युद्ध मैदान में ही वीरगति को प्राप्त हुए।
  • इसके बाद कुदलसंगमम् के युद्ध (1064 ई.) में चोलों के अगले राजा वीरराजेंद्र ने सोमेश्वर-I को करारी शिकस्त दी थी। अंततः बीमारी और पराजय से दुखी होकर सोमेश्वर-I ने तुंगभद्रा नदी में डूबकर आत्मदाह (परमयोग) कर लिया था।

Q138. प्राकृत भाषा में लिखी गयी एक काव्यकृति ‘गौड़वहो’ की रचना किसने की ?
(a) वाक्पति

(b) हेमचन्द्र
(c) पम्पा
(d) वाग्भट्ट

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Answer – (a)

व्याख्या: ‘गौड़वहो’ (गौड-वध) प्राकृत भाषा का एक ऐतिहासिक महाकाव्य है, जिसकी रचना कन्नौज के राजा यशोवर्मन के दरबारी कवि वाक्पतिराज (वाक्पति) ने 8वीं शताब्दी में की थी। इस ग्रंथ में राजा यशोवर्मन द्वारा बंगाल (गौड़ देश) के राजा के वध और उनकी सैन्य विजयों का विस्तृत गुणगान किया गया है।

Q139. हर्षवर्द्धन ने ‘कन्नौज परिषद्’ का आयोजन कब किया था ?
(a) 606 ई.

(b) 627 ई.
(c) 647 ई.
(d) 643 ई.

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Answer – (d)

व्याख्या: चीनी बौद्ध यात्री ह्वेनसांग (Xuanzang) के सम्मान में तथा महायान बौद्ध धर्म के सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार के लिए सम्राट हर्षवर्धन ने 643 ईस्वी में अपनी राजधानी कन्नौज में एक विशाल धार्मिक परिषद् का आयोजन किया था। इस सभा की अध्यक्षता स्वयं ह्वेनसांग ने की थी और इसमें विभिन्न राज्यों के राजा, हजारों बौद्ध भिक्षु और विद्वान शामिल हुए थे।

Q140. राष्ट्रकूटों के विषय में निम्न कथनों पर विचार कीजिए :
1. एलोरा के भव्य कैलाश मंदिर का निर्माण राष्ट्रकूट शासक कृष्ण-I के काल में हुआ ।

2. अमोघवर्ष-I ने मान्यखेट में अपनी नई राजधानी का निर्माण किया ।
3. इन्द्र-III ने कन्नौज पर कब्जा किया।4. 10वीं शताब्दी के अन्त में राष्ट्रकूटों ने परमारों को परास्त किया ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन से कथन सही हैं ?
(a) 1 और 2

(b) 1, 2 और 3
(c) 3 और 4
(d) 1, 3 और 4

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Answer – (b)

व्याख्या: राष्ट्रकूट राजवंश के संदर्भ में कथनों का विश्लेषण इस प्रकार है:

  1. एलोरा (महाराष्ट्र) के विश्वप्रसिद्ध एकाश्मक कैलाश मंदिर का निर्माण राष्ट्रकूट राजा कृष्ण-I ने करवाया था। (कथन 1 सही है)
  2. राष्ट्रकूटों के महानतम शासक अमोघवर्ष-I ने मयूरखिंडी से हटाकर मान्यखेट (मालखेड) को अपनी नई राजधानी बनाया था। (कथन 2 सही है)
  3. राष्ट्रकूट राजा इन्द्र-III ने प्रतिहार राजा महिपाल को हराकर कन्नौज पर सफलतापूर्वक आक्रमण किया और नगर को लूटा था। (कथन 3 सही है)
  4. चौथा कथन गलत है क्योंकि 10वीं शताब्दी के अंत (973 ई.) में कल्याणी के चालुक्य राजा तैलप-II ने अंतिम राष्ट्रकूट राजा कर्क-II को परास्त कर राष्ट्रकूट साम्राज्य का अंत किया था, न कि परमारों ने।

अतः सही विकल्प (b) है।

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