Q71. किस विदेशी यात्री ने अपने यात्रा-वृत्तान्त में लाहौर की एक सती बालिका का मार्मिक विवरण दिया है ? व्याख्या: शाहजहाँ और औरंगज़ेब के काल में भारत आए फ्रांसीसी चिकित्सक और यात्री फ्रांस्वा बर्नियर (François Bernier) ने अपनी पुस्तक ‘ट्रैवल्स इन द मुगल एम्पायर’ में भारतीय समाज में प्रचलित सती प्रथा का बहुत ही गहरा और आंखों देखा विवरण दिया है। उसने लाहौर में एक 12 वर्ष की असहाय बालिका को जबरन सती किए जाने के हृदयविदारक दृश्य का उल्लेख किया है, जिसे देखकर वह स्वयं भी रो पड़ा था।
(a) बर्नियर
(b) इब्नबतूता
(c) अल-बरूनी
(d) जस्टिन
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Q72. विजयनगर के किस शासक ने अपनी राजधानी पेनूगोंडा स्थानांतरित की थी ? व्याख्या: 1565 ईस्वी में तालीकोटा (राक्षस-तांगड़ी) के प्रसिद्ध युद्ध में विजयनगर की करारी हार और मुख्य राजधानी हम्पी के पूरी तरह नष्ट होने के बाद, सदाशिव राय के मंत्री रामराय के भाई तिरुमल ने अराविदु वंश की स्थापना की। उसने गिरते हुए साम्राज्य को संभालने के लिए और सुरक्षा की दृष्टि से अपनी राजधानी को विजयनगर (हम्पी) से हटाकर पेनूगोंडा (आधुनिक आंध्र प्रदेश) स्थानांतरित किया था।
(a) रंगा – III
(b) वेंकट-II
(c) कृष्णदेव राय
(d) तिरुमल
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Q73. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए : व्याख्या: बहमनी साम्राज्य के विघटन के बाद दक्कन में पाँच स्वतंत्र राज्यों का उदय हुआ। उनके राजवंशों का सही मिलान इस प्रकार है:
सूची-I (राज्य) – सूची-II (वंश)
A. बीजापुर – 1. कुतुबशाही
B. गोलकुंडा – 2. इमादशाही
C. अहमदनगर – 3. आदिलशाही
D. बरार – 4. निजामशाही
कूट :
A B C D
(a) 3 2 4 1
(b) 3 1 4 2
(c) 1 2 3 4
(d) 4 1 3 2
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A. बीजापुर – 3. आदिलशाही वंश (स्थापना: यूसुफ आदिलशाह)
B. गोलकुंडा – 1. कुतुबशाही वंश (स्थापना: कुली कुतुबशाह)
C. अहमदनगर – 4. निजामशाही वंश (स्थापना: मलिक अहमद)
D. बरार – 2. इमादशाही वंश (स्थापना: फतेहुल्लाह इमादशाह)
अतः सही कूट का विकल्प (b) है।
Q74. महान सेनानायक जयंता एवं कुम्पा निम्नलिखित में से किस राज्य से संबंधित थे ? व्याख्या: जयंता (जैता) और कुम्पा मारवाड़ (जोधपुर) के राठौड़ शासक राव मालदेव के दो अत्यंत वीर और पराक्रमी सेनापति थे। 1544 ईस्वी में शेरशाह सूरी और राव मालदेव के बीच हुए ‘गिरि-सुमेल के युद्ध’ में जैता और कुम्पा ने मुट्ठी भर राजपूत सैनिकों के साथ शेरशाह की विशाल सेना के छक्के छुड़ा दिए थे। इस युद्ध में दोनों वीरगति को प्राप्त हुए, लेकिन उनकी बहादुरी देखकर शेरशाह सूरी के मुंह से निकला था कि “मैं एक मुट्ठी बाजरे के लिए हिंदुस्तान की बादशाहत खो देता।”
(a) मेवाड़
(b) मारवाड़
(c) मालवा
(d) बुन्देलखण्ड
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Q75. निम्नलिखित में से किसने दिल्ली में ‘मदरसा-ए-मुइज्जी’ एवं ‘मदरसा-ए-नासिरी’ की स्थापना की ? व्याख्या: दिल्ली सल्तनत में शिक्षा के प्रसार और प्रशासनिक वर्ग को तैयार करने के लिए सुल्तान शम्सुद्दीन इल्तुतमिश ने दिल्ली में दो प्रसिद्ध मदरसों की स्थापना की थी। उसने मुहम्मद गोरी (मुइज्जुद्दीन बिन साम) की याद में ‘मदरसा-ए-मुइज्जी’ बनवाया और अपने दिवंगत बड़े बेटे नासिरुद्दीन महमूद की याद में ‘मदरसा-ए-नासिरी’ का निर्माण करवाया था। प्रसिद्ध इतिहासकार मिन्हाज-उस-सिराज को मदरसा-ए-नासिरी का प्रधान (प्राचार्य) नियुक्त किया गया था।
(a) कैकूबाद
(b) रजिया सुल्तान
(c) बलबन
(d) इल्तुतमिश
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Q76. निम्नलिखित में से किसे रजिया ने ‘अमीर-ए-आखूर’ नियुक्त किया था ? व्याख्या: सुल्तान रजिया बेगम ने गैर-तुर्क सरदारों को बढ़ावा देकर तुर्की अमीरों (चालीसा दल) के प्रभाव को कम करने का प्रयास किया था। इसी क्रम में उसने एक अब्सीनियाई (अफ्रीकी) हब्शी दास जमालुद्दीन याकूत को शाही अस्तबल का प्रधान, यानी ‘अमीर-ए-आखूर’ के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया। तुर्की अमीर रजिया और याकूत की इस बढ़ती नजदीकी से बेहद नाराज थे, जो आगे चलकर रजिया के पतन का एक बड़ा कारण बना।
(a) जमालुद्दीन याकूत
(b) इख्तियारुद्दीन एतगीन
(c) इजुद्दीन कबीर खान
(d) इजुद्दीन सलारी
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Q77. किस पुस्तक में अमीर खुसरो ने अलाउद्दीन खिलजी को ‘जनता का चरवाहा’ कहा था ? व्याख्या: अमीर खुसरो ने अपनी प्रसिद्ध इतिहासपरक गद्य रचना ‘खजाइनुल-फुतूह’ (जिसे तारीख-ए-इलाही भी कहा जाता है) में अलाउद्दीन खिलजी के सैन्य अभियानों और प्रशासनिक सुधारों का वर्णन किया है। इसी ग्रंथ में खुसरो ने अलाउद्दीन की प्रशंसा करते हुए उसे ‘जनता का चरवाहा’ (Shepherd of the People), ‘विश्व का सुल्तान’ और ‘युग का विजेता’ जैसी उपाधियों से नवाजा है।
(a) आशिका
(b) साकियाना
(c) नूह – सिपिहर
(d) खजाइनुल- फुतूह
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Q78. हुमायूँ के समय काल में ‘तबल-ए-अदल’ क्या था ? व्याख्या: मुगल बादशाह हुमायूँ ने अपनी प्रजा को सीधा और त्वरित न्याय देने के लिए शाही महल के बाहर एक विशेष व्यवस्था की थी, जिसे ‘तबल-ए-अदल’ (Drum of Justice/न्याय का ढोल) कहा जाता था। यदि किसी फरियादी या पीड़ित को कोई शिकायत होती थी, तो वह इस ढोल को बजाता था, जिसे सुनकर स्वयं बादशाह या संबंधित न्याय अधिकारी उसकी समस्या का निवारण करते थे।
(a) बाज़ार नियन्त्रक
(c) कर संग्राहक
(b) किलेदार
(d) न्याय का ढोल
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Q79. निम्नलिखित में से किसने आदि ग्रन्थ का संकलन किया ? व्याख्या: सिख धर्म के पाँचवें गुरु, गुरु अर्जुन देव जी ने 1604 ईस्वी में सिखों के पवित्र धार्मिक ग्रंथ ‘आदि ग्रंथ’ (जिसे बाद में गुरु ग्रंथ साहिब कहा गया) का संकलन किया था। इस पवित्र ग्रंथ में उन्होंने पहले के चार सिख गुरुओं की बानियों के साथ-साथ कबीर, बाबा फरीद, नामदेव और रविदास जैसे अनेक हिंदू और सूफी संतों के उपदेशों और भजनों को भी संकलित किया।
(a) गुरु अर्जुन दास
(b) गुरु गोविन्द सिंह
(c) गुरु हर राय
(d) गुरु अंगद देव
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Q80. निम्न संतों में से कौन नाथ पंथियों से अत्यधिक प्रभावित थे परंतु सच्चे ज्ञान के लिये उन्होंने वैराग्य को महत्त्वपूर्णनहीं माना ? व्याख्या: सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी ने अपनी यात्राओं (उदासियों) के दौरान कई नाथपंथी जोगियों और सिद्धों से संवाद किया था। वे उनके एकेश्वरवाद और आंतरिक शुद्धि के विचारों से गहरे प्रभावित थे। हालांकि, नाथपंथियों के विपरीत, गुरु नानक जी का मानना था कि ईश्वर प्राप्ति या सच्चे ज्ञान के लिए संसार का त्याग करके वैराग्य या संन्यास लेना जरूरी नहीं है। उन्होंने गृहस्थ जीवन (Family life) में रहकर ही पवित्रता और नाम-सिमरन का संदेश दिया।
(a) कबीर
(b) गुरुनानक
(c) तुकाराम
(d) रैदास
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