Q21. ‘रत्नसागर’, ‘रत्नरंजक’ तथा ‘रत्नोदधि’ प्राचीन भारत में निम्न में से किसके प्रसिद्ध नाम थे ? व्याख्या: विश्व प्रसिद्ध प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय (महाविहार) का पुस्तकालय (Library) अत्यंत विशाल और भव्य था, जिसे सामूहिक रूप से ‘धर्मगंज’ कहा जाता था। यह पुस्तकालय तीन मुख्य इमारतों में बंटा हुआ था, जिनके नाम ‘रत्नसागर’ (रत्नों का समुद्र), ‘रत्नरंजक’ (रत्नों से रंजित) और ‘रत्नोदधि’ (रत्नों का सागर) थे। इनमें से रत्नोदधि नौ मंजिला विशाल इमारत थी जिसमें अत्यंत दुर्लभ पांडुलिपियां रखी गई थीं।
(a) नालंदा महाविहार के पुस्तकालय
(b) बंगाल की खाड़ी के पत्तन
(c) रत्नों से भरे राजराजा मंदिर
(d) रोम के स्वर्ण सिक्कों के भंडारगृह
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Q22. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: व्याख्या:
1. ऋग्वेद में सर्वाधिक संख्या में सूक्त इन्द्र को समर्पित है।
2. अग्नि मनुष्यों और देवताओं के बीच मध्यस्थ का कार्य करती थी ।
3. प्रसिद्ध गायत्री मंत्र अदिति को संबोधित है ।
उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं ?
(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 2
(d) 1, 2 और 3
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1. ऋग्वेद में सबसे प्रमुख देवता इंद्र हैं, जिन्हें ‘पुरंदर’ (किलों को तोड़ने वाला) भी कहा गया है। उन्हें सर्वाधिक 250 सूक्त समर्पित हैं। (कथन 1 बिल्कुल सही है)
2. ऋग्वेद में दूसरे सबसे महत्वपूर्ण देवता अग्नि हैं (200 सूक्त)। उन्हें मनुष्यों द्वारा दी गई आहुतियों को देवताओं तक पहुँचाने वाला यानी ‘मध्यस्थ’ (Intermediary) माना गया है। (कथन 2 बिल्कुल सही है)
3. ऋग्वेद के तीसरे मंडल में उल्लेखित प्रसिद्ध ‘गायत्री मंत्र’ माता अदिति को नहीं, बल्कि सविता (सूर्य देवता) को संबोधित है। (कथन 3 गलत है)
Q23. किस शिव उपासक चालुक्य शासक ने जैन धर्म अपनाया और जैन मन्दिरों को संरक्षण प्रदान किया ? व्याख्या: गुजरात के चालुक्य (सोलंकी) वंश का राजा कुमारपाल प्रारंभ में शिव का अनन्य भक्त (शैव) था। परंतु बाद में वह महान जैन विद्वान और आचार्य हेमचंद्र के प्रभाव में आया और उसने जैन धर्म अपना लिया। उसने अपने राज्य में पशु-वध पर रोक लगा दी (अहिंसा का पालन करवाया) और कई प्रसिद्ध जैन मंदिरों का निर्माण व जीर्णोद्धार करवाया था।
(a) अजयपाल
(b) सोमेश्वर
(c) मूलराज II
(d) कुमारपाल
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Q24. निम्नलिखित चोल शासकों में किसका प्रारंभिक नाम ‘अरिमोलिवर्मन’ था ? व्याख्या: चोल साम्राज्य के सबसे महान और प्रतापी शासकों में से एक राजराज प्रथम (Rajaraja I) का प्रारंभिक या वास्तविक नाम ‘अरिमोलिवर्मन’ (Arimolivarman) था। 985 ईस्वी में राज्याभिषेक के बाद उन्होंने ‘राजराज’ की उपाधि धारण की। उन्होंने ही तंजौर में प्रसिद्ध ‘बृहदेश्वर मंदिर’ (राजराजेश्वर मंदिर) का निर्माण कराया था।
(a) राजेन्द्र I
(b) राजाधिराज
(c) राजेन्द्र II
(d) राज राज
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Q25. निम्न में से कौन सा दक्षिण भारतीय राजा अपने वंश के साथ में सही सुमेलित नहीं है ? व्याख्या: प्रश्न में पूछा गया है कि कौन से युग्म सही सुमेलित नहीं हैं: चूँकि 1 और 3 गलत सुमेलित हैं, इसलिए विकल्प (c) सही उत्तर है।
(राजा) – (वंश)
1. नेदुनजेरल अदन – चोल
2. नेदियन – पांड्य
3. करिकाल – चेर
सही युग्म का चयन करें:
(a) 1 और 2
(b) 2 और 3
(c) 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
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Q26. निम्न में से किस चालुक्य शासक का दरबार महान जैन विद्वान हेमचन्द्र से सुशोभित था ? व्याख्या: गुजरात के सोलंकी/चालुक्य वंश के महान राजा जयसिंह सिद्धराज के दरबार में प्रसिद्ध जैन मुनि और प्रकांड विद्वान आचार्य हेमचंद्र रहते थे। सिद्धराज के अनुरोध पर ही हेमचंद्र ने ‘सिद्धहेमशब्दानुशासन’ नामक एक बहुत ही प्रसिद्ध व्याकरण ग्रंथ की रचना की थी। सिद्धराज के बाद उनके उत्तराधिकारी कुमारपाल ने भी हेमचंद्र को अपना गुरु माना और राज्य का सर्वोच्च संरक्षण दिया था।
(a) जयसिम्हा सिद्धराजा
(b) भीम
(c) कर्ण
(d) कुमारपाल
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Q27. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : व्याख्या: कलिंग (ओडिशा) के चेदि वंश के राजा खारवेल के बारे में तीनों कथन पूरी तरह सही हैं:
1. हाथीगुम्फा अभिलेख खारवेल के प्रारंभिक तेरह वर्षों की घटनाओं का विवरण देता है ।
2. खारवेल ने ‘कलिंगाधिपति’ की उपाधि धारण की।
3. खारवेल उत्साही जैन था ।
ऊपर दिये गये कथनों में कौन सा/से सही है/हैं ?
(a) केवल 1 और 2
(b)केवल 1 और 3
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
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1. ओडिशा के उदयगिरि पहाड़ी पर स्थित बिना तिथि का हाथीगुम्फा अभिलेख खारवेल के इतिहास का मुख्य स्रोत है, जो उनके शासन के शुरूआती 13 वर्षों का क्रमबद्ध विवरण देता है।
2. इस अभिलेख में खारवेल को ‘कलिंगाधिपति’ (कलिंग का स्वामी) और ‘चक्रवर्ती’ कहा गया है।
3. खारवेल प्राचीन भारतीय इतिहास में जैन धर्म का एक बहुत बड़ा और उत्साही संरक्षक (उपासक) था, जिसने जैन मुनियों के लिए गुफाओं का निर्माण करवाया था।
Q28. बंगाल का शासक कौन था जब बख्तियार खिलजी ने नदिया पर अधिकार किया ? व्याख्या: लगभग 1202-1204 ईस्वी के दौरान जब कुतुबुद्दीन ऐबक के सेनापति इख्तियारुद्दीन मुहम्मद बख्तियार खिलजी ने बंगाल की अस्थायी राजधानी ‘नदिया’ (लखनौती) पर अचानक आक्रमण किया, तब वहाँ सेन वंश के वृद्ध राजा लक्ष्मण सेन शासन कर रहे थे। खिलजी के अचानक हमले से घबराकर वे महल के पिछले दरवाजे से अपनी जान बचाकर पूर्वी बंगाल (विक्रमपुर) चले गए थे।
(a) विजय सेन
(b) लक्ष्मण सेन
(c) रामपाल
(d) मदनपाल
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Q29. नीचे दो कथन दिए गए हैं । एक को कथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है । कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए : व्याख्या: कथन (A) सही है: यूनानी राजदूत मेगस्थनीज ने अपनी पुस्तक ‘इंडिका’ में स्पष्ट लिखा है कि “सभी भारतीय समान हैं और उनमें से कोई भी दास (गुलाम) नहीं है।” उसने भारत को दासविहीन घोषित किया था। कारण (R) गलत है: मौर्यकालीन भारत में दासता (Slavery) प्रतिबंधित नहीं थी। आचार्य कौटिल्य ने अपने ग्रंथ ‘अर्थशास्त्र’ में विस्तृत रूप से 9 प्रकार के दासों का उल्लेख किया है और उनके अधिकारों व मुक्ति के नियम बताए हैं। मेगस्थनीज भारतीय समाज में दासों के प्रति अच्छे व्यवहार (घरेलू नौकरों की तरह रखने) को देखकर यूनान की क्रूर दास प्रथा और भारत की स्थिति में अंतर नहीं समझ पाया और भ्रमित हो गया था।
कथन (A) : मेगस्थनीज ने भारत को दासविहीन घोषित किया ।
कारण (R) : दासता भारत के समाज में प्रतिबंधित थी, जिसका कौटिल्य के अर्थशास्त्र में उल्लेख है।
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (A) की सही व्याख्या (R) है ।
(b) (A) और (R) दोनों सही है, किन्तु (A) की सही व्याख्या (R) नहीं है।
(c) (A) सही है, किन्तु (R) गलत है ।
(d) (A) गलत है, किन्तु (R) सही है ।
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Q30. मौर्यकालीन बराबर पहाड़ी की सुदामा तथा लोमस ऋषि की गुफाएँ किस संप्रदाय को समर्पित हैं ? व्याख्या: बिहार के जहानाबाद (गया के पास) जिले में स्थित बराबर (Barabar) की पहाड़ियों को काटकर मौर्य सम्राट अशोक और उनके पोते दशरथ ने गुफाओं का निर्माण करवाया था। इनमें स्थित ‘सुदामा गुफा’, ‘लोमस ऋषि गुफा’, ‘कर्ण चौपड़’ और ‘विश्व झोपड़ी’ मुख्य रूप से ‘आजीवक संप्रदाय’ के संतों के आवास (निवास) के लिए दान में दी गई थीं। आजीवक संप्रदाय की स्थापना मक्खलि गोशाल ने की थी, जो नियतिवाद (भाग्य पर भरोसा) को मानते थे।
(a) दिगंबर जैन
(c) शैव
(b) हीनयान बौद्ध
(d) आजीवक
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