Q101.निम्नलिखित में से किसे खलीफा द्वारा पहली बार दिल्ली के सुल्तान के रूप में मान्यता दी गयी थी ? व्याख्या: 1229 ईस्वी में बगदाद के अब्बासी खलीफा अल-मुस्तंसिर बिल्लाह ने शम्सुद्दीन इल्तुतमिश को ‘सुल्तान-ए-आज़म’ (महान सुल्तान) की उपाधि और ‘खिलअत’ (सम्मान सूचक वस्त्र) प्रदान कर कानूनी तौर पर मान्यता दी थी। इस प्रकार इल्तुतमिश खलीफा से अधिकार-पत्र प्राप्त करने वाला दिल्ली सल्तनत का पहला वैधानिक सुल्तान बना। (कुतुबुद्दीन ऐबक ने कभी सुल्तान की उपाधि धारण नहीं की थी, उसने केवल ‘सिपहसालार’ और ‘मलिक’ के रूप में ही शासन किया था)।
(a) कुतुबुद्दीन ऐबक
(b) अलाउद्दीन खिलजी
(c) इल्तुतमिश
(d) बलबन
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Q102. ‘ख्वाजा मुहाजबुद्दीन’ को निम्नलिखित में से दिल्ली सल्तनत के किस शासक ने अपना वजीर नियुक्त किया था ? व्याख्या: ख्वाजा मुहाजबुद्दीन दिल्ली सल्तनत का एक चतुर और महत्वाकांक्षी अमीर था। उसने सुल्तान बहरामशाह के पतन में मुख्य भूमिका निभाई और उसके बाद जब अलाउद्दीन मसूद शाह (1242–1246 ई.) गद्दी पर बैठा, तो मुहाजबुद्दीन को सल्तनत का वज़ीर नियुक्त किया गया। उसने सुल्तान की शक्तियों को कम करके शासन की वास्तविक सत्ता (तुर्कान-ए-चिहलगामी के सहयोग से) अपने हाथों में केंद्रित कर ली थी, जिससे नाराज होकर बाद में तुर्की सरदारों ने उसकी हत्या कर दी।
(a) इल्तुतमिश
(b) बलबन
(c) रजिया
(d) अलाउद्दीन मसूद शाह
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Q103. बाबा रामदास किस मुगल शासक के काल में प्रसिद्ध संगीतज्ञ थे ? व्याख्या: अकबर का काल भारतीय शास्त्रीय संगीत के उत्थान का स्वर्ण काल माना जाता है। आईन-ए-अकबरी में अबुल फजल ने अकबर के दरबार के 36 प्रमुख संगीतकारों की सूची दी है। इस सूची में ग्वालियर के तानसेन और स्वामी हरिदास के शिष्यों के साथ-साथ बाबा रामदास (Baba Ramdas) का नाम प्रमुखता से शामिल है, जो अपने भजनों और शास्त्रीय गायन के लिए विख्यात थे।
(a) बाबर
(b) अकबर
(c) जहाँगीर
(d) शाहजहाँ
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Q104. ‘अब्दुल कादिर बेदिल’ नामक शायर किस मुगल शासक के समय में प्रसिद्ध हुआ ? व्याख्या: मिर्जा अब्दुल कादिर ‘बेदिल’ (1644–1720 ई.) मुगल काल के उत्तरार्ध और मुख्य रूप से औरंगज़ेब के शासनकाल के सबसे प्रभावशाली फारसी कवियों और विचारकों में से एक थे। वे फारसी कविता की ‘सबक-ए-हिन्दी’ (भारतीय शैली) के महानतम प्रणेता माने जाते हैं। उनकी गूढ़ दार्शनिक और सूफी कविताओं का मध्य एशिया (विशेषकर ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और अफगानिस्तान) में बहुत गहरा प्रभाव है।
(a) अकबर
(b) जहाँगीर
(c) शाहजहाँ
(d) औरंगजेब
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Q105. निम्नलिखित में से किस सूफ़ी सन्त को शाहजहाँ ने देश से निष्कासित करवा दिया था ? व्याख्या: शेख आदम वानूरी नक्शबंदी सिलसिले के एक बेहद प्रभावशाली और कट्टर सूफी संत थे, जो शेख अहमद सरहिन्दी के शिष्य थे। उनके बढ़ते हुए राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव तथा हजारों सशस्त्र अनुयायियों (विशेषकर अफगानियों) की बढ़ती संख्या को देखकर मुगल बादशाह शाहजहाँ को साम्राज्य की सुरक्षा का खतरा महसूस हुआ। इसी कारण शाहजहाँ ने 1642-43 ईस्वी में उन्हें दिल्ली/पंजाब क्षेत्र से देश-निष्कासित (हिजरत) कर मक्का जाने का आदेश दे दिया था, जहाँ बाद में उनका निधन हो गया।
(a) शेख अहमद सरहिन्दी
(c) ख्वाजा बाकी बिल्लाह
(b) आदम वानूरी
(d) ख्वाजा मीर दर्द
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Q106. सूची – I को सूची – II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए : व्याख्या: मध्यकाल के प्रसिद्ध संगीत ग्रंथों और उनके रचनाकारों का सही मिलान इस प्रकार है:
सूची-I (ग्रन्थ) – सूची-II (रचनाकार)
A. रागमाला – 1. सोमनाथ
B. रसकौमुदी – 2. वेंकटरमन
C. राग विवोध – 3. पुण्डरीक विट्ठल
D. चतुर्दण्डी प्रकाशिका – 4. श्री कण्ठ
कूट :
A B C D
(a) 3 4 1 2
(b) 4 3 2 1
(c) 1 2 3 4
(d) 2 1 4 3
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A. रागमाला — 3. पुण्डरीक विट्ठल (इन्होंने अकबर के समय इस ग्रंथ की रचना की थी)
B. रसकौमुदी — 4. श्री कण्ठ (यह संगीत और नृत्य का सुप्रसिद्ध ग्रंथ है)
C. राग विबोध — 1. सोमनाथ (1609 ई. में लिखा गया, जिसमें वीणा के वादन और रागों का वर्गीकरण है)
D. चतुर्दण्डी प्रकाशिका — 2. वेंकटरमन / वेंकटमखिन (कर्नाटक संगीत पद्धति का आधार स्तंभ ग्रंथ)
अतः सही कूट अनुक्रम 3, 4, 1, 2 यानी विकल्प (a) है।
Q107. बलबन के ‘राजत्व सिद्धान्त’ को दिल्ली के किस शासक ने पुनःस्थापित किया ? व्याख्या: गयासुद्दीन बलबन की मृत्यु के बाद जलालुद्दीन खिलजी के उदार शासन के कारण सुल्तान के पद की प्रतिष्ठा गिर गई थी। जब अलाउद्दीन खिलजी सुल्तान बना, तो उसने बलबन के ‘राजत्व सिद्धांत’ (Theory of Kingship) को कठोरता से पुनःजीवित किया। उसने घोषणा की कि “राजा का कोई सगा-संबंधी नहीं होता” और सुल्तान की निरंकुश सत्ता ही सर्वोपरि है। उसने अमीरों और विद्रोहियों का पूरी तरह दमन कर सुल्तान के पद को फिर से अत्यधिक शक्तिशाली और खौफनाक बना दिया।
(a) मुहम्मद तुगलक
(b)अलाउद्दीन खिलजी
(c) खिज्र खाँ
(d) सिकन्दर लोदी
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Q108. इब्नबतूता ने अपना प्रसिद्ध ग्रन्थ ‘किताब-उल-रेहला’ किस भाषा में लिखा था ? व्याख्या: मोरक्को (अफ्रीका) का प्रसिद्ध यात्री इब्नबतूता 1333 ईस्वी में मोहम्मद बिन तुगलक के काल में भारत आया था। भारत और अपने अन्य दौरों के अनुभवों को उसने अपने सुप्रसिद्ध यात्रा-वृत्तांत (Travelogue) ‘किताब-उल-रेहला’ (The Rihla) में संकलित किया। चूंकि वह मूल रूप से एक अरबी भाषी क्षेत्र से था और इस्लामी कानून (शरिया) का काजी था, इसलिए उसने अपना यह पूरा ग्रंथ अरबी भाषा में लिखा था।
(a) फारसी में
(c) तुर्की में
(b) अरबी में
(d) उर्दू में
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Q109. निम्नलिखित में से दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान के शासनकाल में शाही महलों में हिन्दू देवी-देवताओं की पूजाहोती थी ? व्याख्या: नासिरुद्दीन खुसरोशाह (1220 ई.) दिल्ली सल्तनत का एकमात्र ऐसा सुल्तान था जो मूल रूप से गुजरात का एक हिंदू था और बाद में उसने इस्लाम स्वीकार कर लिया था। उसने मुबारक शाह खिलजी की हत्या करके बहुत कम समय के लिए दिल्ली की गद्दी पर अधिकार किया था। इतिहासकार जियाउद्दीन बरनी के अनुसार, खुसरोशाह के शासनकाल में उसके हिंदू समर्थकों और रिश्तेदारों को अत्यधिक संरक्षण मिला और उनके प्रभाव के कारण दिल्ली के शाही महलों के भीतर फिर से हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ स्थापित की गईं और उनकी पूजा-अर्चना शुरू हुई थी।
(a) नासिरुद्दीन महमूद
(b) नासिरुद्दीन खुसरोशाह
(c) अलाउद्दीन मसूदशाह
(d) कुतुबुद्दीन ऐबक
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Q110. मध्यकाल में ‘उन’ किस प्रकार का कर था ? व्याख्या: सल्तनत काल और मध्यकालीन प्रशासनिक करों में ‘उश्र’ (Ushr) एक बेहद प्रसिद्ध कर था, जो केवल मुस्लिम जमींदारों या कृषकों से लिया जाने वाला एक धार्मिक भूमि कर (या लगान) था (जो कुल पैदावार का 10% या 5% होता था)। प्रश्न में प्रयुक्त शब्द ‘उन’ प्रांतीय परीक्षाओं में ‘उश्र’ (या शरीयत के चुंगी करों) के लिप्यंतरण (Typo/Translation error) के कारण बना है, जो मुस्लिम समुदाय पर अधिरोहित किया जाता था।
(a) मुस्लिमों से लिया जाने वाला कर
(b) भूमि कर
(c) धार्मिक कर
(d) चारागाह कर
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