UKPSC Lecturer Exam – History (Paper I) – 31 May 2026 (Answer Key)

UKPSC Lecturer Exam – History (Paper I) – 31 May 2026 (Answer Key)

Q41. सूची-I को सूची -II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
सूची-I (लेखक)              –           सूची-II(रचना)

A. हरिभद्र सूरि                –           1. आदिपुराण
B. उद्योतन सूरि               –           2. कथाकोष प्रकरण
C. जिनेश्वर सूरि               –           3. समरादित्य कथा
D. जिनसेन                     –           4. कुवलयमाला
कूट :
A B C D

(a) 3 4 2 1
(b) 4 2 1 3
(c) 1 2 3 4
(d) 2 14 3

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Answer – (a)

व्याख्या: प्राचीन जैन विद्वानों और उनकी प्रसिद्ध रचनाओं का सही मिलान इस प्रकार है:
A. हरिभद्र सूरि – 3. समरादित्य कथा (प्राकृत भाषा में रचित एक प्रसिद्ध कथा ग्रंथ)
B. उद्योतन सूरि – 4. कुवलयमाला (778 ईस्वी में रचित, जिसमें विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं का रोचक उल्लेख है)
C. जिनेश्वर सूरि – 2. कथाकोष प्रकरण
D. जिनसेन – 1. आदिपुराण (दिगंबर जैन परंपरा में तीर्थंकर ऋषभादेव के जीवन पर आधारित ग्रंथ)

Q42. चोल ग्राम प्रशासन में ‘एरिवारियम’ क्या था ?
(a) उद्यान समिति

(b)तालाब समिति
(c) न्याय समिति
(d)स्वर्ण समिति

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Answer – (b)

व्याख्या: चोल काल में उत्तरमेरुर अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रामीण प्रशासन को चलाने के लिए अलग-अलग समितियों (Variyams) का गठन किया जाता था। इनमें से ‘एरिवारियम’ (Eri-variyam) मुख्य रूप से तालाबों, जलाशयों और सिंचाई व्यवस्था की देखरेख करने वाली समिति थी। (जबकि उद्यान समिति को ‘थोट्टवारियम’ और स्वर्ण समिति को ‘पोनवारियम’ कहा जाता था)।

Q43. निम्नलिखित में से कौन से पुरापाषाण स्थल आंध्रप्रदेश में अवस्थित हैं ?
I. नागार्जुनकोंडा
II.अतिरमपक्कम
III. मुच्छटा चिंतामनु गावी
IV. रेनीगुण्टा
नीचे दिये गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
(a) I और II

(b) I, II और III
(c) I, III और IV
(d) I, II और IV

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Answer – (c)

व्याख्या: नागार्जुनकोंडा, मुच्छटा चिंतामनु गावी (हड्डियों के औजारों के लिए प्रसिद्ध गुफा स्थल), और रेनीगुण्टा (चित्तूर जिला) — ये तीनों ही आंध्र प्रदेश में स्थित महत्वपूर्ण पुरापाषाण कालीन (Palaeolithic) स्थल हैं। जबकि अतिरमपक्कम (Attirampakkam) तमिलनाडु राज्य में स्थित एक सुप्रसिद्ध पुरापाषाण स्थल है, जहाँ से भारत में सबसे पहले आदिमानव द्वारा निर्मित कुल्हाड़ी (Handaxe) के साक्ष्य मिले थे। इसलिए कथन II इसमें शामिल नहीं होगा।

Q44. निम्नलिखित में से कौन सिकन्दर के भारत में सैन्य अभियानों के दौरान उसका जल सेनापति था ?
(a) स्ट्रैबो
(b) नियार्कस
(c) एरियन
(d) डायोडोरस

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Answer – (b)

व्याख्या: जब 325 ईसा पूर्व में सिकंदर (Alexander) भारत से वापस लौटने लगा, तो उसने अपनी सेना को दो भागों में विभाजित किया। सेना का एक हिस्सा थल मार्ग से गया और दूसरे हिस्से को सिंधु नदी और अरब सागर के रास्ते समुद्री मार्ग (जल मार्ग) से भेजने का निर्णय लिया गया। इस जल बेड़े का नेतृत्व सिकंदर के सबसे विश्वसनीय मित्र और एडमिरल (जल सेनापति) नियार्कस (Nearchus) ने किया था। स्ट्रैबो, एरियन और डायोडोरस बाद के यूनानी इतिहासकार हैं।

Q45. निम्नलिखित में से किस शासक ने मैसूर में जैन विधि के अनुसार सल्लेखना द्वारा प्राण त्यागे ?
(a) चन्द्रगुप्त द्वितीय
(b) चन्द्रगुप्त प्रथम
(c) अमोघवर्ष
(d) चन्द्रगुप्त मौर्य

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Answer – (d)

व्याख्या: मौर्य वंश के संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में जैन मुनि भद्रबाहु से जैन धर्म की दीक्षा ली थी। इसके बाद वे मगध में पड़े भीषण अकाल के समय अपना राजपाठ छोड़कर कर्नाटक (मैसूर) के श्रवणबेलगोला नामक स्थान पर चले गए। वहाँ चंद्रगिरि पहाड़ी पर उन्होंने जैन परंपरा की ‘सल्लेखना’ या ‘संथारा’ विधि (बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास रखना) के द्वारा अपने प्राण त्यागे थे।

Q46. पवज्जा (प्रव्रज्या) संस्कार के विषय में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य नहीं है ?
I. जब कोई व्यक्ति घर का परित्याग कर बौद्ध आचार्य के अधीन एक परिव्राजक जीवन प्रारंभ करता है ।
II. इस अवसर पर वह अपने केशों का त्याग कर गेरुए वस्त्र धारण कर लेता था ।
III. इस संस्कार के पश्चात् भिक्षु को बौद्ध संघ की स्थायी सदस्यता मिल जाती थी ।
(a) केवल I
(b) केवल II
(c) केवल III
(d) I, II और III सभी

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Answer – (c)

व्याख्या: कथन I और II पूरी तरह सत्य हैं। बौद्ध धर्म में जब कोई व्यक्ति गृहस्थ जीवन छोड़कर संघ में प्रवेश करता था, तो उसे ‘पवज्जा’ (प्रव्रज्या) संस्कार से गुजरना पड़ता था, जिसमें सिर के बाल मुंडवाकर गेरुए वस्त्र धारण करने होते थे।

कथन III असत्य है: पवज्जा संस्कार के बाद व्यक्ति बौद्ध संघ का ‘स्थायी’ सदस्य नहीं बनता था, बल्कि वह केवल एक ‘श्रामणेर’ या शिक्षार्थी (Novice) बनता था। संघ की पूर्ण या स्थायी सदस्यता (जिसे भिक्षु का दर्जा कहते हैं) उसे कम से कम 20 वर्ष की आयु में ‘उपसंपदा’ संस्कार होने के बाद ही मिलती थी।

Q47. अशोक के अभिलेख में प्रतिवेदक एवं पुलेषनी का उल्लेख मिलता है । इन अधिकारियों का क्या कार्य था ?
(a) औद्योगिक शिल्प के अध्यक्ष
(b) मनोरंजन का अध्यक्ष तथा विदेशियों पर नज़र रखने वाला
(c) सम्राट को जनधारणा के विषय में अवगत कराने वाले प्रभारी
(d) व्यापार एवं वाणिज्य के प्रभारी

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Answer – (c)

व्याख्या: मौर्य सम्राट अशोक के छठे शिलालेख (6th Rock Edict) में प्रतिवेदक (Reporters/Informers) और पुलेषनी (Pulisani/Public Relations Officers) का विशेष उल्लेख मिलता है। अशोक ने स्पष्ट आदेश दिया था कि चाहे वह कहीं भी हो (भोजन कर रहा हो, अंतःपुर में हो या विश्राम कर रहा हो), ये अधिकारी प्रजा की समस्याओं और जनता की राय (जनधारणा) से राजा को तुरंत अवगत कराएं ताकि जन कल्याण के कार्य बिना रुके हो सकें।

Q48. निम्नलिखित में से किस स्रोत के अनुसार, अंग महाजनपद की राजधानी चम्पा नगर के निर्माण की योजना वास्तुकारमहागोविन्द ने की थी ?
(a) दीघ निकाय

(b) अंगुत्तर निकाय
(c) महापरिनिर्वाण सुत्त
(d) राजतरंगणी

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Answer – (a)

व्याख्या: बौद्ध ग्रंथ ‘दीघ निकाय’ (Digha Nikaya) के ‘महागोविंद सुत्त’ के अनुसार, प्राचीन भारत के प्रसिद्ध वास्तुकार (Architect) महागोविंद ने ही बिम्बिसार के समय राजगृह शहर की और अंग महाजनपद की प्रसिद्ध राजधानी ‘चम्पा नगर’ के निर्माण की रूपरेखा व लेआउट तैयार किया था। चम्पा अपने समय के सबसे समृद्ध व्यापारिक और योजनाबद्ध शहरों में गिना जाता था।

Q49. बौद्ध संघ के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
I. सैनिक राजा की अनुमति के बिना संघ में प्रवेश नहीं पा सकते थे ।

II. दास अपने स्वामी से मुक्ति पाए बिना संघ में प्रवेश नहीं पा सकते थे ।
III. ऋण लेने वाला ऋण चुकाए बिना संघ में प्रवेश नहीं पा सकता था ।
IV. बौद्ध संघ समाज में यथास्थितिवाद का समर्थक था ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा / कौन से कथन सही है/हैं ?

(a) केवल I
(b) केवल I एवं II
(c) केवल I एवं III
(d) I, II, III एवं IV सभी

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Answer – (d)

व्याख्या: महात्मा बुद्ध ने सामाजिक व्यवस्था को सीधे चुनौती न देकर संघ के नियमों में तत्कालीन सामाजिक और वैधानिक मानदंडों का सम्मान किया था:

  • कथन I, II और III सही हैं: बौद्ध संघ के कड़े नियमों के अनुसार, राजा की अनुमति के बिना सैनिक, मालिक की अनुमति के बिना दास (गुलाम), और कर्ज चुकाए बिना ऋणी व्यक्ति संघ में प्रवेश नहीं पा सकते थे।
  • कथन IV भी सही है: इन पाबंदियों और प्रवेश के नियमों के कारण इतिहासकार यह मानते हैं कि बौद्ध संघ ने तत्कालीन समाज में बुनियादी ढाँचे को बदलने के बजाय ‘यथास्थितिवाद’ (Status quo) का समर्थन किया ताकि राज्य और समाज के प्रभावी वर्गों के साथ टकराव न हो।

Q50. नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है :
अभिकथन (A) :
हड़प्पा सभ्यता के लोगों के मेसोपोटामिया के लोगों के साथ व्यापारिक संबंध थे ।

कारण (R) : ऐसा कोई पुरातात्विक साक्ष्य नहीं है, जो मेसोपोटामिया के साथ व्यापारिक संबंधों की पुष्टि करताहै ।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है ।
(b) (A) गलत है, किन्तु (R) सही है।
(c) (A) सही है, किन्तु (R) गलत है।
(d) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है ।

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Answer – (c)

व्याख्या:

अभिकथन (A) बिल्कुल सही है: सिंधु घाटी (हड़प्पा) सभ्यता के लोगों के मेसोपोटामिया (आधुनिक इराक) के साथ बहुत ही घनिष्ठ और जीवंत व्यापारिक संबंध थे।

कारण (R) पूरी तरह गलत है: हमारे पास भारी मात्रा में पुरातात्विक साक्ष्य मौजूद हैं जो इस व्यापार की पुष्टि करते हैं। मेसोपोटामिया के शहरों (जैसे उर, किश, सूसा) से हड़प्पा सभ्यता की बेलनाकार मुहरें, कार्नेलियन के मनके और बाट मिले हैं। साथ ही, मेसोपोटामिया के कीलाक्षर (Cuneiform) अभिलेखों में भारत के साथ होने वाले व्यापार का ज़िक्र है, जहाँ सिंधु क्षेत्र को ‘मेलुहा’ नाम से पुकारा गया है।

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