Q11. सर्वाधिक वाकाटक अभिलेख किस शासक के शासनकाल से संबंधित है ? व्याख्या: वाकाटक राजवंश के राजा प्रवरसेन द्वितीय (Pravarasena II) के शासनकाल के सबसे अधिक अभिलेख (ताम्रपत्र और शिलालेख) प्राप्त हुए हैं। वह गुप्त शासक चंद्रगुप्त द्वितीय के नाती और प्रभावतीगुप्ता के पुत्र थे। प्रवरसेन द्वितीय ने ‘सेतुबंध’ नामक एक प्रसिद्ध प्राकृत काव्य की रचना भी की थी।
(a) प्रवरसेन I
(b) प्रवरसेन II
(c) पृथ्वीसेन I
(d) रुद्रसेन II
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Q12. ‘ इलाहाबाद स्तंभ अभिलेख में किसे ‘लिच्छवि-दौहित्र’ के नाम से उद्धृत किया गया है ? व्याख्या: प्रयाग प्रशस्ति (इलाहाबाद स्तंभ अभिलेख) में गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त को ‘लिच्छवि-दौहित्र’ (लिच्छवि कन्या का पुत्र या नाती) कहा गया है। समुद्रगुप्त के पिता चंद्रगुप्त प्रथम ने लिच्छवि राजकुमारी ‘कुमारदेवी’ से विवाह किया था, और समुद्रगुप्त को अपनी इस लिच्छवि वंशावली पर अत्यधिक गर्व था।
(a) हरिषेण
(b)समुद्रगुप्त
(c) कुमारगुप्त II
(d) चन्द्रगुप्त II
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Q13. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ? व्याख्या: पांड्य राजवंश का सत्ता-केंद्र या राजधानी मदुरै (तमिलनाडु) थी, न कि कलिंग (ओडिशा)। बाकी सभी विकल्प सही सुमेलित हैं:
(राजवंश) – (सत्ता – केन्द्र)
(a) काकतीय – वारंगल
(b) होयसल – द्वारसमुद्र
(c) पांड्य – कलिंग
(d) चालुक्य – बादामी
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Q14. वास्तुपाल तथा तेजपाल द्वारा सफेद संगमरमर से निर्मित माउंट आबू स्थित जैन मंदिर किस राजवंश से संबंधितहै ? व्याख्या: राजस्थान के माउंट आबू में स्थित प्रसिद्ध ‘दिलवाड़ा जैन मंदिर’ का निर्माण गुजरात के चालुक्य/सोलंकी राजवंश के समय हुआ था। सोलंकी राजा भीमदेव प्रथम के मंत्री विमल शाह ने यहाँ ‘विमल वसही’ मंदिर बनवाया, और बाद में राजा वीरधवल के दो मंत्रियों वास्तुपाल और तेजपाल ने 1230 ईस्वी में यहाँ सफेद संगमरमर से अद्भुत ‘लून वसही’ (नेमिनाथ मंदिर) का निर्माण कराया था।
(a) चन्देल
(b) परमार
(c) राष्ट्रकूट
(d) चालुक्य (सोलंकी)
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Q15. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: व्याख्या:
1. मथुरा और वल्लभी में एक साथ दो जैन परिषदें (सभाएँ) बुलाई गई थीं ।
2. मथुरा तथा वल्लभी प्राचीन भारत में श्वेतांबर जैन धर्म के प्रमुख गढ़ थे ।
3. उत्तरी बंगाल में पुण्ड्रवर्धन दिगंबर पंथ का केन्द्र था ।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ?
(a) इनमें से कोई भी नहीं
(b) 1 सही है।
(c) 2 सही है।
(d) तीनों सही हैं।
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1. चौथी-पाँचवीं शताब्दी ईस्वी (लगभग 313 ई. या 453 ई.) में जैन धर्म की दो अलग-अलग परिषदें एक ही समय पर मथुरा (आर्य स्कंदिल की अध्यक्षता में) और वल्लभी (नागार्जुन की अध्यक्षता में) में बुलाई गई थीं ताकि लुप्त हो रहे जैन ग्रंथों का संकलन किया जा सके। (कथन 1 सही है)
2. प्राचीन काल में मथुरा और गुजरात का वल्लभी दोनों ही श्वेतांबर जैन संप्रदाय के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण केंद्र थे। (कथन 2 सही है)
3. उत्तरी बंगाल का पुण्ड्रवर्धन क्षेत्र दिगंबर जैन संप्रदाय का एक बहुत बड़ा गढ़ था, जहाँ से भद्रबाहु के संप्रदाय का गहरा जुड़ाव था। (कथन 3 सही है)
Q16. निम्नलिखित में से कौन सा सही सुमेलित नहीं है ? व्याख्या: कोक्कल प्रथम (Kokkala I) चंदेल वंश का नहीं, बल्कि त्रिपुरी के कलचुरी राजवंश का संस्थापक था। बाकी सभी राजा अपने वंश से सही सुमेलित हैं: राजा भोज गुर्जर-प्रतिहार वंश के प्रतापी राजा थे, मूलराज प्रथम ने गुजरात के चालुक्य (सोलंकी) वंश की स्थापना की थी, और इंद्र तृतीय राष्ट्रकूट वंश के एक शक्तिशाली शासक थे।
(शासक) – (वंश)
(a) कोक्कल-I – चंदेल
(b) भोज – गुर्जर-प्रतिहार
(c) मूलराज – I – चालुक्य
(d) इन्द्र-III – राष्ट्रकूट
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Q17. निम्नलिखित में से कौन सा गणितज्ञ मान्यखेट के राष्ट्रकूट शासक अमोघवर्ष नृपतुंग के दरबार में रहता था ? व्याख्या: 9वीं शताब्दी के प्रसिद्ध जैन गणितज्ञ महावीराचार्य, राष्ट्रकूट राजा अमोघवर्ष प्रथम के राजदरबार को सुशोभित करते थे। उन्होंने ‘गणितसारसंग्रह’ नामक एक अत्यंत महत्वपूर्ण गणितीय ग्रंथ की रचना की थी, जिसमें उन्होंने ब्रह्मगुप्त के कार्यों को आगे बढ़ाया और कई नए गणितीय सिद्धांत दिए।
(a) भास्कर II
(b) महावीराचार्य
(c) भास्कर
(d) ब्रह्मगुप्त
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Q18. सूची -I को सूची -II से सुमेलित कीजिये तथा सूचियों के नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिये : व्याख्या: सिंधु घाटी सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता) के प्रमुख पुरास्थलों और उनके राज्यों का सही मिलान इस प्रकार है:
सूची-I (पुरास्थल) – सूची -II (राज्य)
A. मीताथल – 1. गुजरात
B. लोथल – 2. पंजाब
C. संघोल – 3. राजस्थान
D. कालीबंगा – 4. हरियाणा
कूट :
A B C D
(a) 1 2 3 4
(b) 2 4 1 3
(c) 4 1 2 3
(d) 3 1 4 2
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A. मीताथल – 4. हरियाणा (भिवानी जिले में स्थित)
B. लोथल – 1. गुजरात (अहमदाबाद जिले में भोगवा नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध गोदीवाड़ा/बंदरगाह)
C. संघोल – 2. पंजाब (फतेहगढ़ साहिब जिले में स्थित)
D. कालीबंगा – 3. राजस्थान (हनुमानगढ़ जिले में स्थित, जहाँ से जुते हुए खेत के साक्ष्य मिले हैं)
Q19. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए : व्याख्या: सिंधु घाटी सभ्यता के पतन के कारणों पर अलग-अलग इतिहासकारों के मत बिल्कुल आमने-सामने सही सुमेलित दिए गए हैं:
सूची-I(पुरातत्वविद् / विद्वान) – सूची -II (सिन्धु घाटी सभ्यता के पतन के कारण)
A. शिरीन रत्नागर – 1. मेसोपोटामिया के साथ व्यापार की अवनति
B. मॉर्टीमर व्हीलर – 2. आर्यों का आक्रमण
C. गुरदीप सिंह – 3. शुष्क जलवायु
D. जॉर्ज डेल्स – 4. विवर्तनिक (टेक्टॉनिक) हलचलों के कारण बाढ़ के आने से
कूट :
A B C D
(a) 1 3 2 4
(b) 1 2 4 3
(c) 2 1 3 4
(d) 1 2 3 4
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A. शिरीन रत्नागर – 1. मेसोपोटामिया के साथ विदेशी व्यापार में गिरावट/अवनति को पतन का मुख्य कारण मानती हैं।
B. मॉर्टीमर व्हीलर – 2. आर्यों के बाह्य आक्रमण और ऋग्वेद में वर्णित ‘पुरंदर’ (इंद्र) को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हैं।
C. गुरदीप सिंह – 3. वनस्पति और पराग विश्लेषण के आधार पर शुष्क जलवायु और कम वर्षा (सूखा) को कारण मानते हैं।
D. जॉर्ज डेल्स – 4. विवर्तनिक (टेक्टॉनिक) हलचलों के कारण नदियों के मार्ग बदलने और भीषण बाढ़ आने को पतन का कारण बताते हैं।
Q20. बाँसखेड़ा तथा मधुबन अभिलेखों में उल्लेखित ‘तुल्यमेय’ एक था व्याख्या: वर्धन राजवंश के राजा हर्षवर्धन के समय के प्रसिद्ध ‘बाँसखेड़ा’ और ‘मधुबन’ ताम्रपत्र अभिलेखों में राजस्व और करों का विवरण मिलता है। इनमें प्रयुक्त शब्द ‘तुल्यमेय’ दो भागों से बना है — ‘तुल्य’ (तोलने योग्य वस्तुएं) और ‘मेय’ (मापने योग्य वस्तुएं)। अतः वजन और माप के आधार पर व्यापारिक वस्तुओं या अनाजों पर जो टैक्स/मालकर लगाया जाता था, उसे सामूहिक रूप से ‘तुल्यमेय’ कहा जाता था।
(a) अन्न में राजा का हिस्सा
(b) वस्तु के रूप में कर
(c) आवधिक प्रसाद
(d) वजन एवं माप के अनुसार माल पर लगाया गया कर
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