UKPSC Lecturer Exam – History (Paper I) – 31 May 2026 (Answer Key)

UKPSC Lecturer Exam – History (Paper I) – 31 May 2026 (Answer Key)

Q121. निम्नलिखित में से कौन सा नवपाषाणिक स्थल नहीं है ?
(a) कालीबंगा

(b) सेनुआर
(c) चेचर-कुतुबपुर
(d) चिरांद

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Answer – (a)

व्याख्या: कालीबंगा (राजस्थान) एक सुप्रसिद्ध कांस्ययुगीन (Indus Valley Civilization/हड़प्पा) और ताम्रपाषाणिक स्थल है, न कि नवपाषाणिक (Neolithic)। इसके विपरीत: चिरांद (सारण, बिहार), सेनुआर (रोहतास, बिहार) और चेचर-कुतुबपुर (वैशाली, बिहार) तीनों ही प्रमुख नवपाषाणिक स्थल हैं, जहाँ से पत्थर व हड्डियों के औजार और कृषि के साक्ष्य मिले हैं।

Q122. निम्नलिखित में से कौन एक बौद्ध भिक्षुणी नहीं थीं ?
(a) धम्मदीना

(b) पटाचारा
(c) खेमा
(d) मैत्रेयी

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Answer – (d)

व्याख्या: मैत्रेयी उपनिषद काल (वैदिक काल) की एक विदुषी महिला और दार्शनिक थीं, जो महर्षि याज्ञवल्क्य की पत्नी थीं (इनका संवाद बृहदारण्यक उपनिषद में है)। जबकि धम्मदीना, पटाचारा और खेमा (बिम्बिसार की रानी) गौतम बुद्ध के समय बौद्ध संघ में शामिल होने वाली सुप्रसिद्ध बौद्ध भिक्षुणियाँ (Theris) थीं।

Q123. सिन्धु घाटी सभ्यता के निम्न में से कौन से पुरास्थल पर एक स्टेडियम, जल संचयन तथा प्रबंधन प्रणाली दिखाई देती है ?
(a) आमरी
(c) राखीगढ़ी
(b) मांडा
(d) धौलावीरा

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Answer – (d)

व्याख्या: गुजरात के कच्छ जिले में स्थित धौलावीरा अपनी उत्कृष्ट जल प्रबंधन प्रणाली (Water Harvesting System) के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जहाँ चट्टानों को काटकर 16 विशाल जलाशयों (Reservoirs) की श्रृंखला बनाई गई थी। इसके अलावा, यहाँ से हड़प्पा सभ्यता का एकमात्र विशाल ‘स्टेडियम’ (खेल का मैदान) और ‘साइनबोर्ड’ (सूचना पट्ट) भी प्राप्त हुआ है।

Q124. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर को चुनिए :
सूची-I (ग्रन्थ)              –         सूची-II (रचनाकार)

A. चण्डी शतक              –           1. मयूर भट्ट
B. सूर्य शतक                 –           2. प्रभाचन्द्र
C. प्रभावक चरित्            –           3. बाणभट्ट
D. विविध तीर्थ कल्प       –           4. जिनप्रभा सूरि
कूट :
A B C D
(a) 3 1 2 4

(b) 1 2 3 4
(c) 2 1 4 3
(d) 4 3 1 2

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Answer – (a)

व्याख्या: प्राचीन व मध्यकालीन ग्रंथों और उनके रचनाकारों का सही मिलान इस प्रकार है:
A. चण्डी शतक — 3. बाणभट्ट (हर्षवर्धन के दरबारी कवि, जिन्होंने हर्षचरित और कादंबरी भी लिखी)
B. सूर्य शतक — 1. मयूर भट्ट (बाणभट्ट के समकालीन और रिश्तेदार)
C. प्रभावक चरित् — 2. प्रभाचन्द्र (प्रसिद्ध जैन आचार्य और लेखक)
D. विविध तीर्थ कल्प — 4. जिनप्रभा सूरि (चौदहवीं शताब्दी के जैन विद्वान)

अतः सही अनुक्रम 3, 1, 2, 4 यानी विकल्प (a) है।

Q125. सूची – I को सूची – II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
सूची-I (पुरातात्विक स्थल)         –         सूची-II (उत्खननकर्ता)

A. राखीगढ़ी                               –           1. यज्ञदत्त शर्मा
B. बनावली                               –           2. बी. बी. लाल
C. रोपड़                                    –           3. आर. एस. बिष्ट
D. कालीबंगा                             –           4. सूरजभान
कूट :
A B C D

(a) 4 3 1 2
(b) 3 1 2 4
(c) 1 3 4 2
(d) 2 4 3 1

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Answer – (a)

व्याख्या: हड़प्पाकालीन स्थलों और उनके मुख्य उत्खननकर्ताओं (Excavators) का सही मिलान इस प्रकार है:
A. राखीगढ़ी (हरियाणा) — 4. सूरजभान (इन्होंने 1969 में इस स्थल की शुरुआती पहचान की थी)
B. बनावली (हरियाणा) — 3. आर. एस. बिष्ट (रवींद्र सिंह बिष्ट द्वारा 1974 में उत्खनन)
C. रोपड़ (पंजाब) — 1. यज्ञदत्त शर्मा (Y. D. Sharma द्वारा 1953-55 में उत्खनन)
D. कालीबंगा (राजस्थान) — 2. बी. बी. लाल (ब्रजबासी लाल और बी. के. थापर द्वारा विस्तृत उत्खनन)

अतः सही कूट अनुक्रम 4, 3, 1, 2 यानी विकल्प (a) है।

Q126. किस पुरातत्ववेत्ता के द्वारा अमरावती के प्रसिद्ध स्तूप की खोज की गयी थी ?
(a) बी.एम. बरूआ

(b) कर्नल कॉलिन मैकेन्जी
(c) अलेक्जेंडर कनिंघम
(d) जे. डी. बेगलर

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Answer – (b)

व्याख्या: आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में कृष्णा नदी के तट पर स्थित अमरावती के महास्तूप की खोज सबसे पहले 1797 ईस्वी में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के एक सैन्य अधिकारी और सर्वेक्षक कर्नल कॉलिन मैकेन्जी (Colin Mackenzie) ने की थी, जो बाद में भारत के पहले सर्वेयर जनरल भी बने।

Q127. काश्मीर घाटी के प्रसिद्ध नवपाषाणिक पुरास्थल ‘बुर्जहोम’ की खोज किसने की थी ?
(a) डी. टेरा और पीटरसन

(c) मार्टिमर व्हीलर
(b) आर. डी. बनर्जी
(d) शेल्डन पोलक

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Answer – (a)

व्याख्या: कश्मीर घाटी में स्थित प्रसिद्ध नवपाषाण कालीन स्थल ‘बुर्जहोम’ (जिसका अर्थ है- ‘भूर्ज वृक्ष का स्थान’) की खोज 1935 ईस्वी में हेलमट डी. टेरा और टी. टी. पीटरसन के नेतृत्व वाले येल-कैंब्रिज अभियान दल द्वारा की गई थी। यह स्थल ‘गर्त आवास’ (गड्ढों वाले घर) और मालिकों के साथ कुत्तों को दफनाए जाने के साक्ष्यों के लिए जाना जाता है।

Q128. अशोक के किस अभिलेख में धम्म को ‘अपासिनवे बहुकथाने दया दाने सोचये’ के रूप में परिभाषित किया गया है ?
(a) द्वितीय लघु शिलालेख

(b)द्वितीय स्तंभ लेख
(c) तृतीय स्तंभ लेख
(d) ग्यारहवाँ शिलालेख

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Answer – (b)

व्याख्या: सम्राट अशोक ने अपने द्वितीय और सातवें स्तंभ लेख (Pillar Edicts) में स्वयं से प्रश्न किया है कि “धम्मे कियूं?” (धम्म क्या है?)। इसके उत्तर में उन्होंने धम्म को परिभाषित करते हुए लिखा है: “अपासिनवे बहुकयाने दया दाने सचे सोचये माधवे साधवे च” अर्थात्- अल्प पाप करना, अत्यधिक कल्याण करना, दया, दान, सत्यवादिता, पवित्रता, मृदुता और साधुता (अच्छाई) रखना ही ‘धम्म’ है।

Q129. निम्नलिखित में से किस ग्रंथ में बौद्ध भिक्षुणियों के गीत और कवितायें संकलित हैं ?
(a) सिगालोवाद सुत्त

(b) संयुक्त निकाय
(c) थेरीगाथा
(d) अंबष्ठ सुत्त

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Answer – (c)

व्याख्या: ‘थेरीगाथा’ (Therigatha) बौद्ध धर्म के सुत्तपिटक के ‘खुद्डक निकाय’ का एक भाग है। इसमें बौद्ध संघ की उन वरिष्ठ और प्रबुद्ध भिक्षुणियों (जिन्हें ‘थेरी’ कहा जाता था) के आत्मज्ञान और आध्यात्मिक अनुभवों से जुड़े 73 गीतों और कविताओं का संग्रह है, जिन्होंने अर्हत पद प्राप्त कर लिया था। इसे महिलाओं द्वारा रचित दुनिया के सबसे पुराने साहित्यों में से एक माना जाता है।

Q130. नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है :
अभिकथन (A) :
उपनिषदों के अनुसार, मोक्ष पाने के पश्चात् आत्मा का अंत नहीं होता है।
कारण (R):
वह उस महान सागर (परमात्मा) में विलीन हो जाती है। उसका अस्तित्व समाप्त नहीं होता ।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए :
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है ।

(b) (A) गलत है, किन्तु (R) सही है ।
(c) (A) सही है, किन्तु (R) गलत है।
(d) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है ।

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Answer – (d)

व्याख्या: उपनिषदों के ‘अद्वैत’ दार्शनिक चिंतन के अनुसार, जब जीव अज्ञान के बंधनों से मुक्त होकर ‘मोक्ष’ (Liberation) प्राप्त करता है, तो आत्मा नष्ट नहीं होती। जिस प्रकार नदियाँ अपने नाम और रूप को छोड़कर समुद्र में विलीन हो जाती हैं, उसी प्रकार मुक्त आत्मा परम सत्य यानी ‘परमात्मा’ (ब्रह्म) में एकाकार हो जाती है। उसका अस्तित्व व्यापक हो जाता है, समाप्त नहीं होता। अतः कथन और कारण दोनों सत्य हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है।

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