UPSC CSE (Preliminary) Exam 2026 Paper I (GS) (Hindi) – 24 May 2026 (Answer Key)

UPSC CSE (Preliminary) Exam 2026 Paper I (GS) (Hindi) – 24 May 2026 (Official Answer Key)

May 24, 2026

Q71. भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में निजी संस्थाओं की भागीदारी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1.भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) एक स्वायत्त अभिकरण है जिसकी स्थापना निजी संस्थाओं की भागीदारी को सुकर बनाने के लिए की गई है।

2. अग्निकुल कॉसमॉस ने विश्व में पहली बार 3D प्रिंटेड रॉकेट इंजन का उपयोग करके उड़ान (फ्लाइट) का प्रक्षेपण किया।
3. स्काईरूट एयरोस्पेस ने GSLV के लिए तरल ईंधन (Liquid fuel) विकसित किया।

उपर्युक्त में से कौन-सा / कौन-से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1

(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 2
(d) 1, 2 और 3

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Answer – C

व्याख्या: कथन 1 सही है: IN-SPACe (भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र) अंतरिक्ष विभाग के तहत एक एकल-खिड़की स्वायत्त नोडल एजेंसी है, जो गैर-सरकारी निजी संस्थाओं (NGEs) की अंतरिक्ष गतिविधियों को बढ़ावा देने और उन्हें विनियमित करने का कार्य करती है।

कथन 2 सही है: भारतीय स्पेस-स्टार्टअप अग्निकुल कॉसमॉस (Agnikul Cosmos) ने अपने रॉकेट ‘अग्निबाण – सॉर्टेड’ (Agnibaan – SOrTeD) के सफल प्रक्षेपण के साथ इतिहास रचा था। इस रॉकेट में दुनिया का पहला एकल-टुकड़ा (Single-piece) 3D प्रिंटेड रॉकेट इंजन ‘अग्निलेट’ (Agnilet) उपयोग किया गया था।

कथन 3 गलत है: स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) ने भारत का पहला निजी रॉकेट ‘विक्रम-एस’ विकसित किया था और वे मुख्यतः ठोस और क्रायोजेनिक ईंधन पर काम कर रहे हैं। उन्होंने ISRO के भारी प्रक्षेपण यान GSLV के लिए कोई तरल ईंधन विकसित नहीं किया है (GSLV के तरल इंजन का विकास मुख्यतः इसरो के लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर द्वारा किया गया है)।

Q72. ड्रोन झुंडों (स्वार्म्स) के संबंध में, निम्नलिखित में सेकौन-सा / कौन-से कथन सही है/हैं?
1. वे कमांड केंद्र के साथ संचार के लिए टेराहर्ट्ज़ बैंड आवृत्ति का प्रयोग करते हैं।

2. झुंड (स्वार्म) में सम्मिलित कोई ड्रोन, झुंड के अन्य ड्रोनों के साथ संचार कर सकता है।
3. ड्रोन झुंड के हमले को रोकने के लिए जीपीएस स्पूफिंग (GPS Spoofing) सामान्यतः प्रयोग में लाई जानेवाली तकनीक है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
(a) केवल 1

(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 2
(d) 1, 2 और 3

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Answer – B

व्याख्या: कथन 2 सही है: ड्रोन झुंड (Swarm) की मूल विशेषता ही यह है कि इसमें शामिल ड्रोन आपस में एक विकेंद्रीकृत नेटवर्क के माध्यम से एक-दूसरे के साथ निरंतर संचार (Peer-to-peer communication) करते हैं, जिससे वे बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सामूहिक रूप से काम कर पाते हैं।

कथन 3 सही है: ड्रोन झुंड के हमले को नाकाम करने (Anti-drone warfare) के लिए जीपीएस स्पूफिंग (GPS Spoofing) एक प्रमुख और प्रभावी तकनीक है। इसमें ड्रोनों के नेविगेशन सिस्टम को नकली जीपीएस सिग्नल भेजकर भ्रमित कर दिया जाता है, जिससे वे अपने मार्ग से भटक जाते हैं या क्रैश हो जाते हैं।

कथन 1 गलत है: कमांड सेंटर के साथ या आपस में संचार के लिए ड्रोन आमतौर पर रेडियो फ्रीक्वेंसी (जैसे 2.4 GHz या 5.8 GHz) या सैन्य-ग्रेड सैटेलाइट लिंक का उपयोग करते हैं। टेराहर्ट्ज़ (THz) बैंड आवृत्ति का प्रयोग सामान्यतः नहीं किया जाता, क्योंकि इसकी रेंज बहुत कम होती है और यह वायुमंडलीय बाधाओं से अत्यधिक प्रभावित होती है।

Q73. जीनोमइंडिया परियोजना के संबंध में, निम्नलिखित में सेकौन-सा / कौन-से कथन सही है/हैं?
1. यह मानव जीनोम परियोजना का एक भाग है।

2. यह परियोजना भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के द्वारा वित्तपोषित है।
3. इसका मुख्य लक्ष्य भारतीय जनसंख्या की आनुवंशिक विविधता की सूची तैयार करना है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
(a) केवल 1

(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 2
(d) 1, 2 और 3

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Answer – B

व्याख्या: कथन 2 सही है: जीनोम इंडिया परियोजना पूरी तरह से भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) द्वारा समर्थित और वित्तपोषित है।

कथन 3 सही है: इसका मुख्य लक्ष्य भारतीय जनसंख्या की अनूठी आनुवंशिक विविधता (Genetic Diversity) का एक ग्रिड या कैटलॉग तैयार करना है। इसके तहत भारत के विभिन्न क्षेत्रों और अनूठे भाषाई/जातीय समूहों से 10,000 नागरिकों के संपूर्ण जीनोम का अनुक्रमण (Whole Genome Sequencing) सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है ताकि भविष्य में व्यक्तिगत चिकित्सा (Personalised Medicine) विकसित की जा सके।

कथन 1 गलत है: यह भारत की अपनी एक स्वतंत्र और स्वदेशी राष्ट्रीय परियोजना है, यह अंतरराष्ट्रीय ‘मानव जीनोम परियोजना’ (Human Genome Project – जो वर्ष 2003 में समाप्त हो चुकी थी) का प्रत्यक्ष भाग नहीं है।

Q74. राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा / कौन-से कथन सही है/हैं?
1. इसका उद्देश्य 50 – 1000 भौतिक क्यूबिट की क्षमता वाले मध्यवर्ती-स्तर के क्वांटम कंप्यूटर विकसित करना है।

2. इसके कार्यान्वयन के अंतर्गत संपूर्ण भारत के शैक्षणिक और राष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास संस्थानों (R&D institutes) में चार विषयगत (थीमेटिक) केंद्रों (T-Hubs) की स्थापना करना सम्मिलित है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
(a) केवल 1

(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1, न ही 2

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Answer – C

व्याख्या: कथन 1 सही है: इस मिशन (2023 से 2031 की अवधि के लिए) का एक प्राथमिक उद्देश्य 8 वर्षों में 50 से 1000 भौतिक क्यूबिट (Physical Qubits) की क्षमता वाले विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (जैसे सुपरकंडक्टिंग और फोटोनिक) पर आधारित मध्यवर्ती-स्तर के क्वांटम कंप्यूटरों को विकसित करना है।

कथन 2 सही है: मिशन के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए देश के शीर्ष संस्थानों में चार विषयगत हब (Thematic Hubs या T-Hubs) स्थापित किए जा रहे हैं:

– क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum Computing)
– क्वांटम संचार (Quantum Communication)
– क्वांटम सेंसिंग और मैट्रोलोजी (Quantum Sensing & Metrology)
– क्वांटम सामग्रियां और उपकरण (Quantum Materials & Devices)

Q75. भारत के डीप ओशन मिशन के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा / कौन-से कथन सही है/हैं?
1. इसे भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा आरंभ किया गया था।

2.गहरे समुद्री खोज हेतु 3 लोगों को ले जाने के लिए मत्स्य- 6000 को डिज़ाइन किया गया है।
3. इस मिशन के अंतर्गत समुद्रयान एक परियोजना है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
(a) केवल 1

(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 2
(d) 1, 2 और 3

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Answer – B

व्याख्या: कथन 2 सही है: इस मिशन के तहत गहरे समुद्र में अनुसंधान के लिए ‘मत्स्य-6000’ (Matsya-6000) नामक एक स्वदेशी मानवयुक्त पनडुब्बी (Submersible) विकसित की जा रही है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह 3 मनुष्यों को समुद्र में 6,000 मीटर की गहराई तक सुरक्षित ले जा सके।

कथन 3 सही है: समुद्रयान (Samudrayan) इसी डीप ओशन मिशन के अंतर्गत भारत की पहली मानवयुक्त महासागर मिशन परियोजना है, जिसके तहत मत्स्य-6000 को समुद्र में उतारा जाएगा।

कथन 1 गलत है: डीप ओशन मिशन पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा नहीं, बल्कि भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences – MoES) द्वारा नोडल एजेंसी के रूप में आरंभ किया गया है।

Q76. श्री X, एक वरिष्ठ अधिकारी हैं, जो किसी विश्वमारी के दौरानएक निर्णायक टीकाकरण कार्यक्रम का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने पाया कि टीके के वितरण के लिए उत्तरदायी एक निजी सेवा प्रदाता, लाभ अर्जित करने के लिए गुणवत्ता से समझौता कर रहा है। निहित स्वार्थों के कारण, इस मामले को निपटाने हेतु अत्यधिक दबाव होने के बावजूद, अपने जीविका (कैरिअर) के विविध प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भागीदारी के दौरान सीखे गए लोक प्रशासन के सिद्धांतों के आधार पर उन्होंने अपनी आवाज़ उठाई। उन्होंने इस मामले को समुचित सतर्कता प्राधिकारी को प्रतिवेदित किया और नागरिकों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए उस संविदा को रोक दिया।

श्री X की कार्रवाई से लोक प्रशासन के निम्नलिखित सिद्धांतों में से कौन-सा सर्वाधिक प्रभावी रूप से प्रदर्शित होता है ?
(a) दल भावना (Esprit de corps)
(b) समता
(c) उत्तरदायित्व
(d) प्रत्यायोजन

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Answer – C

व्याख्या: लोक प्रशासन में उत्तरदायित्व (Accountability / Responsibility) का तात्पर्य यह है कि एक लोक सेवक जनता के कल्याण, सार्वजनिक धन के उचित उपयोग और नैतिक मानदंडों के प्रति जवाबदेह होता है। श्री X ने अत्यधिक दबाव के बावजूद नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए आवाज उठाई, सतर्कता प्राधिकारी को रिपोर्ट किया और घटिया आपूर्ति वाली संविदा (Contract) को रोक दिया। यह उनके उच्च नैतिक उत्तरदायित्व और वस्तुनिष्ठता (Objectivity) को प्रदर्शित करता है।

अन्य विकल्प: दल भावना (टीम वर्क), समता (समानता) या प्रत्यायोजन (अधिकारों को नीचे सौंपना) यहाँ मुख्य रूप से प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं।

Q77. एक बहुजातीय जिले में, जहाँ आर्थिक प्रतिस्पर्धा और ऐतिहासिक शिकायतों के परिणामस्वरूप प्रायः सामुदायिक तनाव उत्पन्न होते हैं, वहाँ एक जनजातीय उपग्राम के निकट एक अपशिष्ट प्रबंधन सुविधा केंद्र के लिए भूमि आबंटित करने संबंधी एक सरकारी निर्णय से एक चिंगारी निकली और जनजातीय समुदाय का विरोध भड़क उठा, जिसमें दावा किया गया है कि यह भूमि उनकी सांस्कृतिक पहचान के लिए पवित्र और महत्त्वपूर्ण है। उसी समय, शहरी निवासी और स्थानीय उद्योग समूह एक उपयुक्त निपटान स्थल के न होने के कारण उत्पन्न ठोस अपशिष्ट की गंभीर चुनौतियों और स्वास्थ्य चिंताओं का हवाला देते हुए इस परियोजना का समर्थन करते हैं। यह संघर्ष सड़क अवरोध, सोशल मीडिया अभियानों, और पुलिस के अतिरेक के आरोपों के चलते तीव्र हो गया। एक जिम्मेदार सरकारी अधिकारी के रूप में, आपको मध्यस्थता के माध्यम से इस स्थिति का समाधान करने एवं पर्यावरणीय आवश्यकताओं, जनजाति के अधिकारों, और शहरी जन स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाते हुए एक संधारणीय परिणाम सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है।

उपर्युक्त के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. तकनीकी विकल्पों पर चर्चा करने से पहले, विरोध करने वाले जनजाति समुदाय की सांस्कृतिक चिंताओं को स्वीकार करने के साथ ही, एक सफल संघर्ष समाधान प्रक्रिया अवश्य आरंभ की जानी चाहिए।

2. शहरी स्वास्थ्य चिंताओं के समाधान के लिए, सरकार को अविलंब परियोजना को आगे बढ़ाना चाहिए, जो कि किसी लघु वर्ग की भावनाओं से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण है।
3. पारस्परिक समझ विकसित करने और तनावों को कम करने में सहायता के लिए जनजाति नेताओं, पर्यावरण विशेषज्ञों, और नगर पालिका के प्रतिनिधियों को सम्मिलित करते हुए एक बहु-हितधारक संवाद मंच कागठन करना ।
4. साक्ष्य आधारित निर्णयन को सुकर बनाने के लिए एक स्वतंत्र पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (ESIA) को संचालित करना और प्राप्त निष्कर्षो को दोनों पक्षों के साथ पारदर्शी रूप से साझा करना ।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से, इस समाधान प्रक्रिया में योगदान देंगे ?
(a) केवल 1, 3 और 4

(b) केवल 2, 3 और 4
(c) केवल 1 और 2
(d) 1, 2, 3 और 4

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Answer – A

व्याख्या: एक संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी के रूप में संकट प्रबंधन और मध्यस्थता करते समय निम्नलिखित दृष्टिकोण सही होंगे:

कथन 1 सही है: किसी भी मध्यस्थता में विश्वास बहाली सबसे महत्वपूर्ण होती है। तकनीकी समाधानों से पहले जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक और पवित्र भूमि संबंधी चिंताओं को सम्मानपूर्वक स्वीकार करना अनिवार्य है।

कथन 3 सही है: एक बहु-हितधारक (Multi-stakeholder) संवाद मंच सभी पक्षों (जनजाति नेताओं, विशेषज्ञों और नगर पालिका) को एक मेज पर लाएगा, जिससे गलतफहमियां दूर होंगी।

कथन 4 सही है: एक स्वतंत्र पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (ESIA) कराना और रिपोर्ट पारदर्शी रूप से साझा करना साक्ष्य-आधारित, न्यायसंगत निर्णय लेने में मदद करेगा।

कथन 2 गलत क्यों है: लोकतंत्र में बहुसंख्यक आबादी (शहरी जन स्वास्थ्य) के बहाने किसी अल्पसंख्यक या जनजातीय समुदाय के अधिकारों और भावनाओं को “लघु वर्ग” कहकर जबरन कुचलना या परियोजना को अविलंब थोपना एक तानाशाही और दोषपूर्ण तरीका है। इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ सकती है।

Q78. सुश्री X, एक मध्यम स्तरीय सिविल सेवा अधिकारी हैं, जो एक प्रमुख नगर के शहरी विकास विभाग में कार्यरत हैं। हाल ही में, वे एक सार्वजनिक अवसंरचना परियोजना सामुदायिक उद्यान हेतु संविदा की अनुमोदन प्रक्रिया में सम्मिलित थीं । अनुमोदन प्रक्रिया के दौरान, उन्हें एक गोपनीय सूचना प्राप्त होती है, जिसमें इसका उल्लेख है कि चयनित सूची में सम्मिलित एक संविदाकार के अन्य नगरों में घटिया कार्य-शैली और भ्रष्टाचार के आरोपों का पूर्ववृत्त रहा है, यद्यपि विधि द्वारा कुछ भी प्रमाणित नहीं हुआ है। विभागाध्यक्ष श्री Y, उन्हें इस सूचना को परियोजना समिति अथवा जनता के समक्ष प्रकट न करने की सलाह देते हैं. क्योंकि इससे परियोजना में विलंब हो सकता है और नगर की प्रतिष्ठा को हानि हो सकती है। हालाँकि, सुश्री X का मानना है कि ऐसी सूचना को रोकना, पारदर्शिता और जनता के विश्वास से समझौता करना होगा।

अब, सुश्री X को निम्नलिखित में से क्या करना चाहिए ?
1. परियोजना समिति और जनता के समक्ष तत्काल ‘को प्रकट करना चाहिएसूचना

2. परियोजना की संपूर्णता (integrity) के संरक्षण के लिए चयनित सूची से संविदाकार को हटाने की अनुशंसा करनी चाहिए
3. कुछ समय के लिए जनता से इस सूचना को गोपनीय रखते हुए, किसी निरीक्षण समिति को एक ‘सीमित प्रकटीकरण’ प्रस्तावित करना चाहिए

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
(a) केवल 1 और 2

(b) केवल 3
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3

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Answer – B

Q79. ‘X’, भारत के संविधान के भाग III के अनुच्छेद 13 में यथा उपबंधित, ‘विधि’ शब्द के अर्थ पर एक संगोष्ठी को संबोधित कर रहा था। ‘X’ ने स्पष्ट किया कि भारत के संविधान में ‘विधि’ शब्द का अर्थ अत्यधिक व्यापक है। इसमें अध्यादेश, आदेश तथा नियम और विनियम भी सम्मिलित हैं। ‘Y’ ने ध्यान दिलाया कि अनुच्छेद 13 में ‘विधि’ शब्द के अंतर्गत भारत के राज्यक्षेत्र में विधि का बल रखने वाली रूढ़ि या प्रथा भी सम्मिलित है, जिससे ‘X’ सहमत नहीं था।

उपर्युक्त के आधार पर, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही निष्कर्ष को चुनिए :
(a) विधि की व्याख्या में, ‘X’ सही है, जिसमें रूढ़ि को सम्मिलित न किए जाने के बारे में उसके विचार भी सम्मिलित हैं।

(b) ‘Y’ का यह विचार कि ‘विधि’ में रूढ़ि सम्मिलित है, सही नहीं है।
(c) ‘X’ और ‘Y’ दोनों के विचार सही हैं।
(d) केवल ‘Y’ का विचार सही है।

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Answer – D

व्याख्या: मूल संवैधानिक प्रावधान: भारत के संविधान के अनुच्छेद 13(3)(a) में ‘विधि’ (Law) शब्द की समावेशी परिभाषा स्पष्ट रूप से दी गई है। इसके अनुसार:

” ‘विधि’ के अंतर्गत भारत के राज्यक्षेत्र में विधि का बल रखने वाला कोई अध्यादेश, आदेश, उपविधि, नियम, विनियम, अधिसूचना, रूढ़ि या प्रथा (Custom or Usage) भी है।”

विश्लेषण: ‘X’ का यह मानना गलत था कि इसमें रूढ़ि या प्रथा शामिल नहीं है। इसके विपरीत, ‘Y’ ने बिल्कुल सही ध्यान दिलाया कि भारत में जो रूढ़ियाँ या प्रथाएँ कानून की तरह मान्य हैं (विधि का बल रखती हैं), वे भी अनुच्छेद 13 के तहत ‘विधि’ के दायरे में आती हैं और यदि वे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती हैं, तो उन्हें शून्य (Void) घोषित किया जा सकता है। अतः केवल ‘Y’ का विधिक दृष्टिकोण सही है।

Q80. भारत के संविधान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. भारत के संविधान में ऐसा कोई भी अनुच्छेद नहीं है, जो यह विनिर्दिष्ट करता हो कि भारत के संविधान को आधिकारिक रूप से ‘भारत का संविधान’ कहा जाएगा।

2. भारत के संविधान में ऐसा कोई भी अनुच्छेद नहीं है, जो यह विनिर्दिष्ट करता हो कि भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 (इंडियन इंडिपेंडेन्स एक्ट, 1947) और भारत सरकार अधिनियम, 1935, (गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया एक्ट, 1935) को निरसित किया गया।
3. भारत के संविधान में ऐसा कोई भी अनुच्छेद नहीं है, जिसमें भारत के संविधान के प्रारंभ होने की तारीख के रूप में 26 जनवरी, 1950 का उल्लेख है।

उपर्युक्त कथनों पर आधारित निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सही है?
(a) सभी तीन कथन सही हैं।

(b) कोई भी कथन सही नहीं है।
(c) दो कथन सही हैं, जिनमें कथन 3 सम्मिलित है।
(d) केवल एक कथन सही है।

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Answer – B

व्याख्या: यह प्रश्न संविधान के अंतिम भाग (भाग XXII – संक्षिप्त नाम, प्रारंभ और निरसन) के प्रत्यक्ष प्रावधानों पर आधारित है। आइए तीनों कथनों की सत्यता की जांच करते हैं:

कथन 1 गलत है: संविधान के अनुच्छेद 393 (संक्षिप्त नाम / Short Title) में स्पष्ट रूप से लिखा है कि “इस संविधान का संक्षिप्त नाम भारत का संविधान है।”

कथन 2 गलत है: संविधान के अनुच्छेद 395 (निरसन / Repeals) में स्पष्ट रूप से विनिर्दिष्ट किया गया है कि इसके द्वारा भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 और भारत सरकार अधिनियम, 1935 को (उनके सभी पूरक अधिनियमों सहित) निरसित (Repealed) किया जाता है।

कथन 3 गलत है: संविधान के अनुच्छेद 394 (प्रारंभ / Commencement) में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि इसके शेष सभी उपबंध 26 जनवरी, 1950 को प्रवृत्त होंगे, और इसी दिन को इस संविधान के प्रारंभ की तारीख कहा गया है।

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