UPSC CSE (Preliminary) Exam 2026 Paper I (GS) (Hindi) – 24 May 2026 (Answer Key)

UPSC CSE (Preliminary) Exam 2026 Paper I (GS) (Hindi) – 24 May 2026 (Official Answer Key)

May 24, 2026

Q51. ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी (blockchain technology) की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
1. डेटाबेस में भंडारित अभिलेख, परिवर्तन के जोखिम के बिना, संबंधित हितधारकों को दृष्टिगोचर करवाए जा सकते हैं।

2. संपूर्ण डेटाबेस की प्रतियों को बहुत सारे कंप्यूटरों के एक नेटवर्क पर भंडारित किया जाता है, जिनका तुल्यकालन (सिंक) सेकंडों के भीतर होता है।
3. कंसोर्टियम ब्लॉकचेन (consortium blockchain) सार्वजनिक और निजी ब्लॉकचेनों का मिश्रण है, जो चयनित डेटा पहुँच की अनुमति देता है।
4. गणितीय ऐल्गोरिथ्म एक बार अभिलिखित किए गए और स्वीकार किए जा चुके किसी भी डेटा के परिवर्तन या विलोपन को असंभव बना देते हैं।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
(a) 1 और 3

(b) केवल 2 और 4
(c) 1, 2 और 4
(d) केवल 1 और 4

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Answer – C
व्याख्या:

कथन 1 सही है: ब्लॉकचेन में डेटा ‘अपरिवर्तनीय’ (Immutable) होता है, जिससे हितधारक बिना किसी बदलाव या छेड़छाड़ के जोखिम के रिकॉर्ड देख सकते हैं।

कथन 2 सही है: यह एक विकेंद्रीकृत बहीखाता (Distributed Ledger) है, जहाँ नेटवर्क के सभी कंप्यूटरों (Nodes) पर डेटा की प्रतियाँ होती हैं, जो सेकंडों में सिंक (Synchronize) हो जाती हैं।

कथन 4 सही है: क्रिप्टोग्राफिक हैश और गणितीय एल्गोरिथ्म (जैसे आम सहमति तंत्र/Consensus Mechanism) एक बार दर्ज हो चुके डेटा को बदलना या डिलीट करना लगभग असंभव बना देते हैं।

कथन 3 गलत क्यों है: कंसोर्टियम ब्लॉकचेन सार्वजनिक और निजी का मिश्रण नहीं है, बल्कि यह एक से अधिक संगठनों द्वारा नियंत्रित निजी ब्लॉकचेन का रूप है (सार्वजनिक और निजी के मिश्रण को हाइब्रिड ब्लॉकचेन कहा जाता है)।

Q52. एक ई-वाणिज्य रेवेन्यू मॉडल, जहाँ विक्रेता के पास कीमत निर्धारण पर नियंत्रण तो है, किंतु विक्रेता उत्पादों का स्टॉक (stock) नहीं रखता है और इसके बदले किसी अन्य पक्षकार आपूर्तिकर्ता (third-party supplier) को ग्राहक के ऑर्डर और लदान (shipment) संबंधी विवरण भेजता है, जो आगे सीधे ग्राहक को सामान भेज देता है; इस मॉडल को क्या कहा जाता है ?
(a) ड्रॉपशिपिंग मॉडल

(b) एफिलिएट रेवेन्यू मॉडल
(c) ट्रांजैक्शन फी रेवेन्यू मॉडल
(d) एजेंसी रेवेन्यू मॉडल

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Answer – A

व्याख्या: ड्रॉपशिपिंग (Dropshipping) एक खुदरा पूर्ति (Retail Fulfillment) मॉडल है। इसमें ऑनलाइन स्टोर चलाने वाला विक्रेता उत्पादों को स्टॉक में नहीं रखता है। जब कोई ग्राहक ऑर्डर देता है, तो विक्रेता वह ऑर्डर और शिपमेंट विवरण किसी तीसरे पक्ष के आपूर्तिकर्ता (जैसे थोक व्यापारी या निर्माता) को भेज देता है। वह निर्माता सीधे सामान ग्राहक के पते पर डिलीट कर देता है। विक्रेता केवल कीमत निर्धारण और विपणन (Marketing) को नियंत्रित करता है तथा अपने मुनाफे का मार्जिन कमाता है।[toggle]

Q53. निम्नलिखित में से कौन-सा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के वित्तीय समावेशन सूचकांक (FI-Index) के तीन मुख्य उप-सूचकांकों को सटीक रूप से दर्शाता है ?
(a) क्रेडिट पहुँच, बीमा गहनता, और पेंशन व्याप्ति

(b) बैंकिंग पहुँच, GDP अंशदान, और वित्तीय साक्षरता  
(c) पहुँच, उपयोग, और गुणवत्ता
(d) पहुँच, वहनीयता (Affordability), और पारदर्शिता
[toggle]Answer – C

व्याख्या: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का वित्तीय समावेशन सूचकांक (Financial Inclusivity Index) देश में वित्तीय समावेशन की स्थिति को मापने के लिए तीन बुनियादी आयामों (Parameters) या उप-सूचकांकों पर आधारित है, जिनका भारांश (Weightage) इस प्रकार है:

पहुँच (Access): भारांश 35% (बैंकिंग बुनियादी ढांचा, एटीएम आदि)

उपयोग (Usage): भारांश 45% (बचत, निवेश, ऋण, बीमा और प्रेषित धन का वास्तविक उपयोग)

गुणवत्ता (Quality): भारांश 20% (वित्तीय साक्षरता, उपभोक्ता सुरक्षा, और शिकायतों का निवारण)

Q54. निम्नलिखित में से कौन-सा, भारत के ‘डिजिटल कॉमर्स के लिए ओपन नेटवर्क’ (ONDC) पहल के मूल उद्देश्य का सर्वोत्तम रूप से वर्णन करता है?
(a) सभी डिजिटल वाणिज्य (कॉमर्स) लेनदेनों पर सरकारी नियंत्रण की अनुमति देना.

(b) निजी ई-कॉमर्स व्यापारियों (प्लेयर्स) को प्रतिस्थापित करना
(c) सभी नेटवर्कों के बीच अंतर संचालनीयता को समर्थ बनाकर बड़े ई-वाणिज्य प्लेटफॉर्मों के प्रभुत्व को समाप्त करना
(d) सभी ऑनलाइन लेनदेनों के लिए UPI आधारित भुगतानों को अनिवार्य करना

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Answer – C

व्याख्या: ONDC (Open Network for Digital Commerce) भारत सरकार के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) की एक अनूठी पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य ई-कॉमर्स बाजार को ‘प्लेटफॉर्म-केंद्रित’ मॉडल (जैसे अमेज़न या फ्लिपकार्ट का एकाधिकार) से बदलकर ‘ओपन-नेटवर्क’ मॉडल में बदलना है। यह खरीदारों और छोटे-बड़े स्थानीय विक्रेताओं के बीच अंतर-संचालनीयता (Interoperability) लाता है, जिससे किसी एक बड़े प्लेटफॉर्म का प्रभुत्व समाप्त होता है और छोटे व्यापारियों को समान अवसर मिलते हैं।

Q55. एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस (UPI) और केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (डिजिटल रुपया) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) UPI एक तत्काल (real-time) भुगतान प्रणाली है, किंतु डिजिटल रुपया राष्ट्रिक (सॉवरेन) कागजी मुद्रा के सदृश्य है।

(b) UPI के मामले में, धन को जैसे ही नामे डाला (debited) जाता है या जमा (credited) किया जाता है, अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए निपटान तत्काल हो जाता है, किंतु डिजिटल रुपया के मामले में, निपटान नहीं हो पाता है क्योंकि वॉलेट शेष का अन्य वॉलेट में अंतरण हो जाता है।
(c) UPI लेनदेनों को बैंकों द्वारा अभिलिखित (रिकॉर्ड) किया जाता है और उन्हें बैंक विवरणों में दर्शाया जाता है, किंतु डिजिटल रुपया के मामले में, बैंक विवरणों में कोई डेटा दर्ज नहीं किया जाता है, क्योंकि लेनदेन एक वॉलेट से दूसरे वॉलेट में होते हैं।
(d) दोनों मामलों (UPI और डिजिटल रुपया) में, उपयोगकर्ताओं और उनके संबंधित बैंकों पर देयता
होती है।

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Answer – D

Q56. रियल वर्ल्ड एसेट्स (RWA) टोकनाइजेशन के बारे में, निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही है?
1. टोकनाइजेशन एक प्रक्रिया है जिसमें ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी का प्रयोग करते हुए रियल वर्ल्ड एसेट्स को डिजिटल टोकन में बदला जाता है।

2. रियल वर्ल्ड एसेट्स का टोकनाइज़ेशन, 24 × 7 पहुँच प्रदान करता है, जिससे वित्तीय समावेशन का संवर्धन होता है।
3. रियल वर्ल्ड एसेट्स का टोकनाइजेशन, भारत में लोगों को उच्च संवृद्धि निवेश के अवसरों तक पहुँच प्रदान करेगा।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए
(a) 1, 2 और 3

(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 2
(d) केवल 1 और 3

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Answer – A

व्याख्या:

कथन 1 सही है: रियल वर्ल्ड एसेट्स (RWA) टोकनाइजेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें भौतिक संपत्तियों (जैसे रियल एस्टेट, सोना, कलाकृतियाँ आदि) को ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करके डिजिटल टोकन में बदला जाता है।

कथन 2 सही है: ब्लॉकचेन की विकेंद्रीकृत प्रकृति के कारण यह वैश्विक निवेशकों को बिना किसी भौगोलिक सीमा के 24 × 7 बाजार पहुँच प्रदान करता है। इससे आंशिक स्वामित्व (Fractional Ownership) संभव होता है, जिससे छोटे निवेशक भी निवेश कर सकते हैं और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलता है।

कथन 3 सही है: भारत के संदर्भ में, यह तकनीक आम नागरिकों और खुदरा निवेशकों को उन उच्च-मूल्य या उच्च-संवृद्धि वाले निवेश अवसरों (जैसे बड़े कमर्शियल रियल एस्टेट या वैश्विक बॉन्ड्स) में छोटी धनराशि के साथ भाग लेने का मार्ग खोलेगी, जो पहले केवल बड़े संस्थागत निवेशकों तक सीमित थे।

Q57. एक बॉन्ड जिसके आगम (proceeds) का उपयोग केवल पर्यावरणीय और सामाजिक परियोजनाओं दोनों के एक संयोजन के वित्तपोषण अथवा पुनर्वित्तपोषण के लिए किया जाता है, उसे क्या कहते हैं?
(a) हरित (ग्रीन) बॉन्ड

(b) सामाजिक (सोशल) बॉन्ड
(c) संधारणीयता (सस्टेनेबिलिटी) बॉन्ड
(d) राष्ट्रिक (सॉवरेन) बॉन्ड

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Answer – C

व्याख्या:

संधारणीयता (Sustainability) बॉन्ड: यह एक ऐसा विशिष्ट ऋण साधन है जिसके तहत जुटाई गई पूंजी (Proceeds) का उपयोग पर्यावरणीय (Green) और सामाजिक (Social) दोनों प्रकार की परियोजनाओं के संयोजन के वित्तपोषण के लिए विशेष रूप से किया जाता है।

अन्य विकल्प: हरित (ग्रीन) बॉन्ड का उपयोग केवल शुद्ध पर्यावरणीय परियोजनाओं (जैसे नवीकरणीय ऊर्जा) के लिए होता है; सामाजिक बॉन्ड का उपयोग केवल सामाजिक कल्याणकारी परियोजनाओं (जैसे सस्ती शिक्षा या स्वास्थ्य सेवा) के लिए होता है; तथा सॉवरेन बॉन्ड सरकार द्वारा अपनी सामान्य बजटीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जारी किए जाते हैं।

Q58. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के वित्तपोषण में एम 1 एक्सचेंज (MIxchange) की भूमिका के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कौन-से कथन सही है/हैं ?
1. Mixchange सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को संपार्श्विक आधारित ऋण (collateral based loans) उपलब्ध करता है।

2. M1xchange सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए इनवाइसों (invoices) और विनिमय पत्रों (Bills of exchange) के बट्टा काटने (discounting) को सुकर बनाता है।
3. M1xchange सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी के रूप में कार्य करता है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
(a) 1, 2 और 3

(b) केवल 2
(c) केवल 2 और 3
(d) केवल 1

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Answer – B

व्याख्या:

कथन 2 बिल्कुल सही है: M1xchange भारत सरकार के TReDS (Trade Receivables Discounting System) ढांचे के तहत आरबीआई (RBI) द्वारा लाइसेंस प्राप्त एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका मुख्य कार्य MSMEs के व्यापार प्राप्य (Invoices/Bills of Exchange) को विभिन्न वित्तपोषकों (बैंकों/NBFCs) के माध्यम से प्रतिस्पर्धी दरों पर ऑनलाइन बट्टा काटने (Discounting) की सुविधा प्रदान करना है, ताकि उन्हें तुरंत नकदी (Liquidity) मिल सके।

कथन 1 और 3 गलत हैं: M1xchange स्वयं कोई संपार्श्विक (Collateral/गारंटी) आधारित ऋण नहीं देता है, बल्कि यह असुरक्षित व्यापार प्राप्य के नकदीकरण का मंच है। साथ ही, यह कोई क्रेडिट रेटिंग एजेंसी नहीं है।

Q59. निम्नलिखित में से कौन-सा, राजकोषीय नीति के संदर्भ में। “निजी निवेश के बहिर्गमन का प्रभाव’ (‘Crowding Out Effect’) का सर्वोत्तम वर्णन करता है?
(a) एक ऐसी स्थिति जहाँ सरकारी व्यय बढ़ने के कारण निजी निवेश बढ़ जाता है।

(b) एक ऐसी स्थिति जहाँ सरकारी उधार के परिणामस्वरूप ब्याज दरें उच्च हो जाती हैं, जिससे निजी निवेश घट जाता है
(c) एक ऐसी स्थिति जहाँ करों में वृद्धि होने के परिणामस्वरूप निजी क्षेत्र निवेश बढ़ जाता है।
(d) एक ऐसी स्थिति जहाँ सरकार द्वारा किए गए व्यय का समग्र माँग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

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Answer – B

व्याख्या: क्राउडिंग आउट इफेक्ट (Crowding Out Effect) अर्थशास्त्र की एक ऐसी परिघटना है जिसमें सरकार द्वारा अपने राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए बाजार से अत्यधिक मात्रा में धन उधार (Borrowing) लिया जाता है। जब सरकार बाजार से अधिकांश ऋण योग्य कोष (Loanable Funds) खुद ले लेती है, तो बाजार में पैसे की कमी हो जाती है और ब्याज दरें बढ़ जाती हैं। उच्च ब्याज दरों के कारण निजी क्षेत्र के उद्यमों के लिए ऋण लेना महंगा हो जाता है, जिससे वे अपना निवेश कम कर देते हैं या बाजार से बाहर (Crowd Out) हो जाते हैं।

Q60. दुर्लभ मृदा तत्त्वों (REEs) और महत्त्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं?
1. कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और अंतरिक्ष अन्वेषण सहित आधुनिक प्रौद्योगिक नवाचारों में दुर्लभ मृदा तत्त्वों (REEs) का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

2. दुर्लभ मृदा तत्त्वों (REEs) के खनन में चीन की हिस्सेदारी सर्वाधिक है, उसके बाद भारत की हिस्सेदारी है।
3. भारत सरकार ने महत्त्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए एक मजबूत ढाँचा स्थापित करने हेतु वर्ष 2025 में राष्ट्रीय महत्त्वपूर्ण खनिज मिशन (NCMM) आरंभ किया।
4. दुर्लभ मृदा तत्त्व 13 धात्विक तत्त्वों का एक समुच्चय है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
(a) केवल 1 और 3

(b) केवल 3
(c) 1, 3 और 4
(d) 1, 2 और 4

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Answer – A

व्याख्या:

कथन 1 सही है: दुर्लभ मृदा तत्त्वों (Rare Earth Elements) के अनूठे चुंबकीय और ऑप्टिकल गुणों के कारण इनका उपयोग सेमीकंडक्टर, एआई (AI), रोबोटिक्स, उपग्रह संचार और स्वच्छ ऊर्जा जैसी आधुनिक तकनीकों में बड़े पैमाने पर होता है।

कथन 3 सही है: भारत सरकार ने रणनीतिक खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करने और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक संस्थागत ढांचे के रूप में राष्ट्रीय महत्त्वपूर्ण खनिज मिशन (National Critical Minerals Mission – NCMM) को गति दी है।

कथन 2 गलत क्यों है: REEs के खनन और प्रसंस्करण में चीन की हिस्सेदारी दुनिया में सबसे अधिक है, लेकिन इसके बाद भारत का स्थान नहीं है; चीन के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), ऑस्ट्रेलिया और म्यांमार जैसे देशों की हिस्सेदारी बड़ी है।

कथन 4 गलत क्यों है: दुर्लभ मृदा तत्त्व (REEs) कुल 17 धात्विक तत्त्वों का एक समुच्चय है (जिसमें 15 लैंथेनाइड्स समूह के तत्त्व, तथा स्कैंडियम और येट्रियम शामिल हैं), न कि 13।

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