UTET Exam 29 Sep 2026 Paper – 1 (CDP) (Answer Key)

UTET Exam 29 September 2026 Paper – I (CDP) (Answer Key)

September 29, 2026

Q16. मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था की आयु होती है
(A) 0-2 वर्ष
(B) 2-7 वर्ष
(C) 11-15 वर्ष
(D) 7-11 वर्ष

Show Answer/Hide

Answer – (D)

व्याख्या: जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त के अनुसार चार प्रमुख अवस्थाएं होती हैं:

  • संवेदी-पेशीय (Sensorimotor): 0-2 वर्ष
  • पूर्व-संक्रियात्मक (Pre-operational): 2-7 वर्ष
  • मूर्त-संक्रियात्मक (Concrete Operational): 7-11 वर्ष (जहाँ बच्चा मूर्त वस्तुओं पर तार्किक चिंतन, वर्गीकरण व संरक्षण सीखता है)
  • औपचारिक संक्रियात्मक (Formal Operational): 11-15 वर्ष या उससे ऊपर

Q17. जब बच्चे मिलकर किसी परियोजना (Project) पर कार्य करते हैं, तो वे मुख्य रूप से विकसित करते हैं
(A) सामाजिक और सहयोगात्मक कौशल
(B) रटने का कौशल
(C) लिखावट
(D) केवल प्रतिस्पर्धात्मक दृष्टिकोण

Show Answer/Hide

Answer – (A)

व्याख्या: परियोजना कार्य (Project-based learning) समूह में अंतःक्रिया को बढ़ावा देता है, जिससे बच्चों में टीम-वर्क, सहानुभूति, साझा जिम्मेदारी, संप्रेषण और सहयोगात्मक कौशल (Collaborative skills) का विकास होता है।

Q18. वह कक्षा जहाँ सभी विद्यार्थी अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं, वह कहलाती है:
(A) कठोर कक्षा
(B) समावेशी कक्षा
(C) पक्षपातपूर्ण कक्षा
(D) भेदभावपूर्ण कक्षा

Show Answer/Hide

Answer – (B)

व्याख्या: समावेशी कक्षा (Inclusive Classroom) का वातावरण बाल-केन्द्रित, लोकतांत्रिक और पूर्वाग्रह-मुक्त होता है, जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी (चाहे उसकी पृष्ठभूमि या क्षमता कुछ भी हो) को अपने विचार अभिव्यक्त करने की पूर्ण स्वतंत्रता और सम्मान मिलता है।

Q19. मनोविज्ञान द्वारा शिक्षा सिद्धान्त को दिया जाने वाला मुख्य सिद्धान्त यह है कि ‘नवीन ज्ञान का विकास पूर्व ज्ञान के आधार पर किया जाना चाहिए।’ किसने कहा ?
(A) कोलस्निक
(B) जे० एम० स्टीफन
(C) स्टाउट
(D) सी० ई० स्किनर

Show Answer/Hide

Answer – (C)

व्याख्या: जी० एफ० स्टाउट (G. F. Stout) का प्रसिद्ध कथन है कि मनोविज्ञान द्वारा शिक्षण को दिया जाने वाला सबसे आधारभूत नियम यह है कि किसी भी नए संप्रत्यय को सिखाने से पहले बालक के पूर्व ज्ञान (Previous knowledge) को आधार बनाया जाना चाहिए।

Q20. एन ई०पी० 2020 के अनुसार शुरुआती शिक्षा में मातृभाषा / स्थानीय भाषा को शामिल करने से मुख्य रूप से बढ़ावा मिलता है:
(A) बेहतर वैचारिक समझ और संज्ञानात्मक विकास
(B) अनुवाद पर बढ़ती निर्भरता
(C) कम हुई बहुभाषी क्षमता
(D) खास क्षेत्रीय पहचान

Show Answer/Hide

Answer – (A)

व्याख्या: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा/गृहभाषा में शिक्षण पर बल देती है, क्योंकि बच्चे अपनी घरेलू भाषा में अवधारणाओं को स्वाभाविक रूप से और गहराई से समझते हैं, जिससे उनका संज्ञानात्मक विकास तीव्र होता है।

Q21. बहु-आयामी बुद्धि जोर देती है :
(A) केवल स्मृति पर
(B) शिक्षार्थियों की विभिन्न क्षमताओं पर
(C) बुद्धि लब्धि (I.Q.) अंक पर
(D) केवल प्राप्तांकों पर

Show Answer/Hide

Answer – (B)

व्याख्या: हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के बहु-बुद्धि सिद्धान्त (Multiple Intelligences Theory) के अनुसार बुद्धि कोई एकल या एकाकी इकाई नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति में विभिन्न प्रकार की स्वतंत्र क्षमताएं (जैसे भाषाई, तार्किक, स्थानिक, संगीतात्मक आदि) पाई जाती हैं।

Q22. शिक्षक छात्रों से चर्चा कर समाधान खोजने को कहता है। यह कथन दर्शाता है:
(A) शिक्षक केन्द्रित शिक्षण
(B) परम्परागत शिक्षण विधि
(C) रटकर सीखना
(D) बाल केन्द्रित शिक्षण

Show Answer/Hide

Answer – (D)

व्याख्या: जब कक्षा में शिक्षक सक्रिय वक्ता न होकर एक सुगमकर्ता (Facilitator) की भूमिका निभाता है और शिक्षार्थी स्वयं परिचर्चा, अन्वेषण तथा समस्या-समाधान करते हैं, तो यह बाल-केन्द्रित शिक्षण (Learner-Centered Learning) कहलाता है।

Q23. जीन पियाजे के अनुसार बच्चा निम्न में से किस अवस्था में शब्दावली सीखना शुरू करता है ?
(A) संवेदी पेशीय अवस्था
(B) पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था
(C) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था
(D) औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था

Show Answer/Hide

Answer – (B)

व्याख्या: पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष) की सबसे मुख्य विशेषता प्रतीकात्मक विचार (Symbolic Thought) एवं भाषा का तीव्र विकास है। इसी अवस्था में बालक वस्तुओं को शब्दों और प्रतीकों के माध्यम से पहचानना और बोलना तेजी से सीखता है।

Q24. रचनात्मक मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य है :
(A) केवल पदोन्नति प्रदान करना
(B) प्रमाणपत्र प्रदान करना
(C) अधिगम में सुधार करना
(D) विद्यार्थियों को रैंक प्रदान करना

Show Answer/Hide

Answer – (C)

व्याख्या: रचनात्मक मूल्यांकन (Formative Assessment) शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान निरंतर चलने वाला मूल्यांकन है। इसका उद्देश्य छात्रों को ग्रेड या रैंक देना नहीं, बल्कि सीखने की कमियों की पहचान कर प्रतिपुष्टि (Feedback) देना और सीखने की प्रक्रिया में सुधार करना है।

Q25. समावेशी कक्षा में दिव्यांग बच्चों के लिए सबसे प्रभावी रणनीति कौन-सी है ?
(A) उन्हें अलग कक्षा में पढ़ाना
(B) सभी के लिए एक जैसी गतिविधि
(C) आवश्यकतानुसार शिक्षण में अनुकूलन करना
(D) केवल परीक्षा पर ध्यान देना

Show Answer/Hide

Answer – (C)

व्याख्या: समावेशी शिक्षा का मूल नियम विभेदित अनुदेशन एवं अनुकूलन (Adaptation & Differentiation) है, जिसके तहत प्रत्येक बच्चे की व्यक्तिगत आवश्यकता और दिव्यांगता के स्वरूप के अनुसार शिक्षण विधियों, सामग्रियों और वातावरण को अनुकूलित किया जाता है।

Q26. फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धान्त की किस संकल्पना के अंतर्गत प्रतिवर्ती क्रिया (रिफ्लेक्स ऐक्शन) और प्राथमिक प्रक्रिया (प्राइमरी प्रोसेस) आते हैं ?
(A) इद
(B) ईगो
(C) परम अहम्
(D) चिंता

Show Answer/Hide

Answer – (A)

व्याख्या: सिगमंड फ्रायड के अनुसार ‘इद’ (Id) सुखवादी सिद्धान्त (Pleasure Principle) पर काम करता है और यह जन्मजात होता है। तनाव को तुरंत कम करने के लिए इद दो माध्यमों का उपयोग करता है—

  1. प्रतिवर्ती क्रियाएं (Reflex Actions) जैसे पलक झपकना, छींकना।
  2. प्राथमिक प्रक्रिया (Primary Process Thinking) जैसे दिवास्वप्न या मानसिक कल्पनाओं द्वारा इच्छा-पूर्ति करना।

Q27. एक बच्चा गणित की गणनाओं में बार-बार गलती करता है, जबकि अन्य विषयों में अच्छा है। यह किसकी ओर संकेत करता है ?
(A) डिस्कैल्कुलिया
(B) डिस्लेक्सिया
(C) ऑटिज्म
(D) श्रवण बाधिता

Show Answer/Hide

Answer – (A)

व्याख्या: गणितीय संक्रियाओं, अंकों की पहचान और गणना संबंधी अधिगम विकार को डिस्कैल्कुलिया कहा जाता है। (जबकि डिस्लेक्सिया पठन विकार से संबंधित है)।

Q28. जब बालकों का आत्मविश्वास या आत्मसम्मान किसी बाह्य उद्दीपक द्वारा कम होता है, तब बालकों में निम्न में से कौन-सा संवेग उत्पन्न होता है ?
(A) क्रोध
(B) चिन्ता या भय
(C) परेशानी
(D) शर्मीलापन

Show Answer/Hide

Answer – (B)

व्याख्या: जब किसी बाहरी कारक (जैसे उपहास, असफलता या डांट) से बच्चे की आत्म-छवि या आत्मसम्मान को ठेस पहुँचती है, तो उसमें असुरक्षा की भावना पैदा होती है, जिससे चिंता (Anxiety) या भय (Fear) का संवेग प्रमुख रूप से उत्पन्न होता है।

Q29. बच्चे के अर्जित व्यवहार के लिए मुख्य रूप से कौन-सा कारक जिम्मेदार है ?
(A) माता-पिता
(B) वातावरण
(C) शिक्षक
(D) आनुवंशिकता

Show Answer/Hide

Answer – (B)

व्याख्या: जन्मजात लक्षण और शारीरिक संरचना आनुवंशिकता (Heredity) से मिलते हैं, जबकि जो भी ज्ञान, आदतें, संस्कृति, भाषा और सामाजिक व्यवहार बच्चा जीवन में सीखता या अर्जित करता है, उसके लिए उसका वातावरण (Environment) जिम्मेदार होता है।

Q30. पियाजे ने अपने विकास सिद्धान्त में निम्न में से किसकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना है?
(A) संज्ञान
(B) जैविक कारक
(C) विषम स्थिति
(D) आन्तरीकरण

Show Answer/Hide

Answer – (B)

व्याख्या: पियाजे एक संज्ञानात्मक रचनावादी होने के साथ-साथ जैविक परिपक्वता (Biological Maturation) पर अत्यधिक बल देते हैं। उनका मानना था कि विकास पूर्व-निर्धारित जैविक चरणों के अनुसार होता है और वातावरण के साथ सक्रिय खोजबीन के माध्यम से बालक अपने संज्ञान का निर्माण करता है।

 

 

Read Also :

Read Related Posts

 

UKSSSC Graduation Level Exam 2025 Mock Test Series

UKSSSC Graduation Level Exam 2025 Mock Test Series

SOCIAL PAGE

E-Book UK Polic

Uttarakhand Police Exam Paper

CATEGORIES

Go toTop