SSLV में नया सुधार: भारत के छोटे उपग्रह प्रक्षेपण और निजी अंतरिक्ष उद्योग की नई क्षमता आर्टिकल पर आधारित MCQ। आगामी परीक्षाओं SSC (Steno, JE, CGL, CHSL, CPO, MTS etc), RRB (Group D, JE, NTPC etc), State Exam (UKSSSC, UKPCS, UPSSSC, UPPCS, BPSC, BSSC, etc) आदि विभिन्न परीक्षाओं के लिए TheExamPillar की टीम ने विज्ञान प्रौद्योगिकी (Science & Technology) के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर का संग्रह उपलब्ध कराया गया हैं।
UKPSC Prelims Master MCQs – Science & Technology
Q1. SSLV का प्राथमिक उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या है? Explanation: SSLV को मुख्यतः छोटे उपग्रहों को निम्न-पृथ्वी कक्षा में प्रक्षेपित करने के लिए विकसित किया गया है।
A. केवल मानव अंतरिक्ष उड़ान
B. छोटे उपग्रहों का प्रक्षेपण
C. केवल भूस्थिर संचार उपग्रहों का प्रक्षेपण
D. केवल अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण
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Q2. SSLV के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? Explanation: तीनों कथन सही हैं। SSLV की संरचना में तीन ठोस प्रणोदक चरण और अंतिम VTM शामिल है।
1. यह छोटे उपग्रहों के लिए विकसित किया गया है।
2. इसमें तीन मुख्य ठोस प्रणोदक चरण होते हैं।
3. इसमें Velocity Trimming Module का प्रयोग होता है।
कूट:
A. केवल 1 और 2
B. केवल 2 और 3
C. केवल 1 और 3
D. 1, 2 और 3
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Q3. 11 अगस्त 2026 के परीक्षण में SSLV के किस भाग के उन्नत संस्करण का परीक्षण किया गया? Explanation: परीक्षण प्रथम चरण SS1 के उन्नत संस्करण का था।
A. SS1
B. SS2
C. SS3
D. VTM
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Q4. निम्नलिखित में से कौन-सा अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत के निजी क्षेत्र सुधारों से सबसे अधिक संबंधित है? Explanation: IN-SPACe निजी अंतरिक्ष गतिविधियों को बढ़ावा देने और अधिकृत करने वाली प्रमुख संस्था है।
A. IN-SPACe
B. वित्त आयोग
C. निर्वाचन आयोग
D. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
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Q5. Low Earth Orbit सामान्यतः किस प्रकार की कक्षा को संदर्भित करता है? Explanation: LEO पृथ्वी के अपेक्षाकृत निकट स्थित कक्षाओं के लिए प्रयुक्त शब्द है और पृथ्वी अवलोकन तथा कई संचार उपग्रहों के लिए उपयोगी है।
A. पृथ्वी की सतह के अपेक्षाकृत निकट कक्षा
B. केवल चंद्रमा के चारों ओर की कक्षा
C. सूर्य के चारों ओर की कक्षा
D. केवल भूस्थिर कक्षा
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Q6. भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: Explanation: कथन 1 और 2 सही हैं। ISRO को एकमात्र वाणिज्यिक नियामक बनाना नीति का उद्देश्य नहीं है। निजी गतिविधियों के प्राधिकरण में IN-SPACe की महत्वपूर्ण भूमिका है।
1. यह गैर-सरकारी संस्थाओं की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भागीदारी को बढ़ावा देती है।
2. यह अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी के लिए नियामकीय ढाँचा उपलब्ध कराती है।
3. इसके तहत ISRO को निजी कंपनियों के लिए एकमात्र वाणिज्यिक नियामक बनाया गया है।
सही उत्तर चुनिए:
A. केवल 1
B. केवल 1 और 2
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2 और 3
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Q7. SSLV की “Launch-on-Demand” अवधारणा का सबसे उपयुक्त अर्थ क्या है? Explanation: Launch-on-Demand का उद्देश्य ग्राहक की आवश्यकता के अनुरूप अपेक्षाकृत त्वरित और लचीला प्रक्षेपण उपलब्ध कराना है।
A. उपग्रह को केवल आपातकाल में प्रक्षेपित करना
B. ग्राहक की आवश्यकता के अनुरूप अपेक्षाकृत त्वरित प्रक्षेपण उपलब्ध कराना
C. केवल सैन्य उपग्रहों को प्रक्षेपित करना
D. किसी भी कक्षा में बिना गणना के उपग्रह स्थापित करना
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Q8. यदि किसी प्रक्षेपण यान के प्रथम चरण का द्रव्यमान कम किया जाता है और अन्य प्रदर्शन मानक बनाए रखे जाते हैं, तो इसका सबसे संभावित प्रभाव क्या होगा? Explanation: रॉकेट समीकरण के संदर्भ में संरचनात्मक द्रव्यमान कम होने से समान प्रणोदन परिस्थितियों में पेलोड प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। यही कारण है कि SSLV के SS1 में द्रव्यमान घटाना महत्वपूर्ण है।
A. पेलोड क्षमता में वृद्धि
B. गुरुत्वाकर्षण में कमी
C. उपग्रह की कक्षा समाप्त होना
D. पृथ्वी की घूर्णन गति बढ़ना
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Q9. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
| संस्था | भूमिका |
|---|---|
| 1. ISRO | अंतरिक्ष अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी |
| 2. IN-SPACe | निजी अंतरिक्ष गतिविधियों का प्राधिकरण/प्रोत्साहन |
| 3. NSIL | अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के वाणिज्यिक उपयोग से जुड़ी भूमिका |
कूट: Explanation: तीनों संस्थाओं की भूमिकाएँ अलग-अलग होते हुए भारत के अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र में परस्पर पूरक हैं।
A. केवल 1
B. केवल 1 और 2
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2 और 3
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Q10. 2020 के अंतरिक्ष क्षेत्र सुधारों का प्रमुख उद्देश्य क्या था? Explanation: 24 जून 2020 को व्यापक सुधारों के माध्यम से निजी उद्योग को अंतरिक्ष गतिविधियों की पूरी श्रृंखला में भागीदारी का अवसर देने की दिशा में कदम उठाया गया।
A. अंतरिक्ष गतिविधियों से निजी क्षेत्र को बाहर करना
B. निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना
C. केवल रक्षा उपग्रहों पर ध्यान देना
D. ISRO को समाप्त करना
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Q11. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: Explanation: छोटे उपग्रहों के लिए समर्पित प्रक्षेपण प्रणाली का एक प्रमुख लाभ यही है कि ग्राहक बड़े मुख्य पेलोड की समय-सारणी पर कम निर्भर रहता है।
कथन I: छोटे उपग्रहों के लिए समर्पित प्रक्षेपण यान का विकास प्रक्षेपण कार्यक्रम में अधिक लचीलापन प्रदान कर सकता है।
कथन II: छोटे उपग्रहों को बड़े रॉकेटों के साथ सह-यात्री पेलोड के रूप में भेजने पर उनकी प्रक्षेपण तिथि और कक्षा अक्सर मुख्य पेलोड की आवश्यकताओं से प्रभावित हो सकती है।
सही उत्तर चुनिए:
A. दोनों कथन सही हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या है
B. दोनों कथन सही हैं, लेकिन कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं है
C. कथन I सही है, कथन II गलत है
D. कथन I गलत है, कथन II सही है
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Q12. भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: Explanation: चौथा कथन गलत है। नीति सुधारों का उद्देश्य निजी क्षेत्र को अंतरिक्ष मूल्य-श्रृंखला के व्यापक हिस्से में भाग लेने देना है। FDI व्यवस्था में भी उपग्रह, प्रक्षेपण यान, अंतरिक्ष बंदरगाह और संबंधित विनिर्माण के लिए उदारीकरण किया गया।
1. भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 ने गैर-सरकारी संस्थाओं की भागीदारी को व्यापक नीति आधार दिया।
2. IN-SPACe निजी अंतरिक्ष गतिविधियों के प्राधिकरण और प्रोत्साहन में भूमिका निभाता है।
3. 2024 के FDI सुधारों ने अंतरिक्ष क्षेत्र में विदेशी निवेश के लिए उदारीकृत व्यवस्था प्रदान की।
4. निजी क्षेत्र को केवल उपग्रह निर्माण तक सीमित रखा गया है।
सही उत्तर है:
A. केवल 1 और 2
B. केवल 1, 2 और 3
C. केवल 2, 3 और 4
D. 1, 2, 3 और 4
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Q13. यदि SSLV की पेलोड क्षमता में लगभग 100 किलोग्राम की वृद्धि होती है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा प्रभाव सबसे अधिक संभावित है? Explanation: पेलोड क्षमता बढ़ने से अतिरिक्त पेलोड ले जाने और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की संभावना है। इससे रॉकेट का आकार बढ़ना अनिवार्य नहीं है; वर्तमान समाचार में क्षमता सुधार डिजाइन अनुकूलन से संबंधित है।
1. समान प्रकार के मिशन में अतिरिक्त पेलोड ले जाने की क्षमता।
2. छोटे उपग्रह बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि।
3. प्रत्येक प्रक्षेपण के लिए अनिवार्य रूप से रॉकेट का आकार बढ़ना।
सही उत्तर चुनिए:
A. केवल 1
B. केवल 1 और 2
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2 और 3
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Q14. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प भारत की वर्तमान अंतरिक्ष रणनीति को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है? Explanation: वर्तमान मॉडल में ISRO की अनुसंधान भूमिका, IN-SPACe की नियामकीय/प्रोत्साहन भूमिका, NSIL की वाणिज्यिक भूमिका तथा निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी को एक साथ विकसित किया जा रहा है।
A. केवल सरकारी प्रक्षेपण कार्यक्रम
B. केवल विदेशी उपग्रहों का प्रक्षेपण
C. सरकारी अनुसंधान + निजी उद्योग + नियामकीय सुधार + वाणिज्यिक अंतरिक्ष सेवाएँ
D. अंतरिक्ष गतिविधियों का पूर्ण निजीकरण और सरकारी संस्थाओं की समाप्ति
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Q15. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त रूप से बताता है कि SSLV का विकास भारत की रणनीतिक स्वायत्तता से क्यों जुड़ा है? Explanation: SSLV का महत्व छोटे उपग्रहों के लिए घरेलू प्रक्षेपण क्षमता, औद्योगिक उत्पादन, निजी भागीदारी और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में है। इसे सभी प्रकार के विदेशी प्रक्षेपणों का पूर्ण विकल्प मानना अतिशयोक्ति होगी।
A. इससे भारत को हर प्रकार के उपग्रह के लिए विदेशी रॉकेटों की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
B. इससे छोटे उपग्रहों के लिए घरेलू प्रक्षेपण क्षमता और औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत हो सकता है।
C. इससे भारत को अंतरिक्ष मलबे की समस्या समाप्त करने में मदद मिलेगी।
D. इससे अंतरिक्ष में सैन्य गतिविधियाँ पूरी तरह समाप्त हो जाएँगी।
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