CTET Sep 2016 – Paper – II (Child Development and Pedagogy)

CBSE conducted the CTET (Central Teacher Eligibility Test) Exam Paper held on 18th September 2016 Morning Shift. Here The CTET Solved Question Paper II (Class VI to VIII) Answer-key. 

CTET (Central Teachers Eligibility Test) Paper Second : Junior Level (Class 6 to Class 8).

परीक्षा (Exam) : CTET Paper II (Class VI to VIII) 
भाग (Part) : बाल विकास और शिक्षा-शास्त्र (Child Development and Pedagogy) 
परीक्षा आयोजक (Organized) : CBSE 
कुल प्रश्न (Number of Question) : 30
Paper Set – II
परीक्षा तिथि (
Exam Date) – 18th September 2016

Read Also…

 

CTET Exam September 2016 Paper – 2 (Junior Level)
Part – I (Child Development and Pedagogy – बाल विकास और शिक्षा-शास्त्र

 

निर्देश : निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए सही/सबसे उपयुक्त विकल्प चुनिए। 

1. दो विद्यार्थी एक ही अवतरण को पढ़ते हैं, फिर भी इसके  बिलकुल भिन्न अर्थ लगाते हैं। उनके बारे में निम्नलिखित में से क्या सत्य है?
(1) संभव नहीं है और विद्यार्थियं को उसे दुबारा पढ़ना चाहिए।
(2) संभव है, क्योकि शिक्षक ने अवतरण को समझाया नहीं है।
(3) संभव है, क्योकि व्यक्ति के अधिगम को विविध कारण विभिन्न विधियों से प्रभावित करते हैं।
(4) संभव नहीं है, क्योंकि अधिगम का आशय अर्थ लगाना नहीं है। 

2. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा, 2005 के अनुसार अधिगम अपने स्वभाव में ____और ____ है।
(1) सक्रिय; सामाजिक
(2) निक्रिय; सरल
(3) निष्क्रिय; सामाजिक
(4) सक्रिय; सरल 

Read Also ...  CTET Dec 2019 - Paper - I (Child Development and Pedagogy) Official Answer Key

3. विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से चिंतन करने तथा प्रभावी शिक्षार्थी बनने में सक्षम बनाने हेतु शिक्षक के लिए यह महत्वपूर्ण है :
(1) विद्यार्थियों के द्वारा प्राप्त की गई प्रत्येक सफलता के लिए उन्हें पुरस्कार देना।
(2) विद्यार्थियों को सिखाना कि किस प्रकार से अपने अधिगम का अनुवीक्षण करें।
(3) छोटी-छोटी इकाइयों या खंडों में जानकारी प्रदान करना
(4) एक संघटित तरीके से जानकारी को प्रस्तुत करना ताकि पुनःस्मरण करने में सरल हो

4. यदि कोई शिक्षिका चाहे कि उसके विद्यार्थी समस्या समाधान कौशल प्राप्त कर ले, तो विद्यार्थियों को ऐसे क्रियाकलापों में लगाना चाहिए जिनमें हो :
(1) बहुविकल्पी प्रश्नों वाले स्तरीकृत कार्यपत्रक
(2) प्रत्यास्मरण, रटना और समझना
(3) ड्रिल और अभ्यास
(4) पूछना, तर्क करना और निर्णय लेना

5. कक्षा तक पहुँचने वाली बच्चों की भोली अवधारणाओं को जानना :
(1) शिक्षक के हौसले को पस्त कर देता है क्योंकि इससे उसका कार्यभार बढ़ता है।
(2) शिक्षक के किसी उद्देश्य की पूर्ति नहीं करता
(3) शिक्षक के लिए अपने शिक्षण को अधिक सार्थक बनाने की योजना बनाने में सहायक होता है
(4) शिक्षक की योजना और शिक्षण में रुकावट बनता है।

6. निम्नलिखित में से कौन-से तत्त्व अधिगम को प्रभावित करते हैं?
A. शिक्षार्थी का उत्प्रेरण
B. शिक्षार्थी की परिपक्वता
C. शिक्षण युक्तियाँ
D. शिक्षार्थी का शारीरिक और संवेगात्मक स्वास्थ्य
(1) A, B, C और D
(2) A और B
(3) A और C
(4) A, B और C

7. सार्थक अधिगम है :
(1) उद्दीपक तथा उत्तर के बीच युग्मन तथा साहचर्य
(2) वयस्कों और अधिक सक्षम साथियों का अनुकरण
(3) दी गई सूचना का निष्क्रिय ग्रहण
(4) निजी अनुभवों से ज्ञान की संरचनाओं का सक्रिय निर्माण

Read Also ...  CTET Sep 2016 - Paper - II (Social Studies / Social Science)

8. विद्यार्थियों के प्रभावशाली अधिगम के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा, शिक्षक के प्रारंभिक कार्यों में से एक नहीं है?
(1) विद्यार्थियों को उपदेशात्मक विधि से सूचना प्रदान करना
(2) विद्यार्थियों की उन धारणाओं को जानना जिन्हें लेकर वे कक्षा में आते हैं
(3) विद्यार्थियों से उच्चतर स्तर के प्रश्नों के उत्तर की अपेक्षा करना
(4) बच्चों को यह सिखाना कि वे अपने अधिगम प्रयासों को कैसे देख और सुधार सकते हैं

9. विकास के सिद्धांतों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ग़लत है?
(1) विकास परिपक्वन और अधिगम पर आधारित होता है।
(2) विकास वंशानुगतता और वातावरण के बीच सतत अन्योन्यक्रिया से होता है।
(3) प्रत्येक बच्चा विकास के चरर्णो से गुजरता है फिर भी बच्चों में वैयक्तिक भिन्नताएँ बहुत होती है।
(4) विकास एक परिमाणात्मक प्रक्रिया है जिसका ठीक-ठीक मापन हो सकता है।

10. _____ तथा _____ की विशिष्ट अन्योन्यक्रिया का परिणाम विकास के विविध मार्गों और निष्कर्षों के रूप में हो सकता है।
(1) चुनौतियाँ; सीमाएँ
(2) वंशानुक्रम; पर्यावरण
(3) स्थिरता; परिवर्तन
(4) खोज; पोषण

11. विद्यालय और समाजीकरण के बारे में निम्नलिखित में से क्या सत्य है?
(1) विद्यालय समाजीकरण का एक महत्त्वपूर्ण कारक है।
(2) समाजीकरण में विद्यालय की कोई भूमिका नहीं होती।
(3) समाजीकरण में विद्यालय की बहुत थोड़ी भूमिका होती है।
(4) विद्यालय समाजीकरण का पहला मुख्य कारक है।

12. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के बारे में निम्नलिखित कथनों में से सही कथन कौन-सा है?
(1) पियाजे का तर्क है कि संज्ञानात्मक विकास, चरण में आगे बढ़ने की अपेक्षा निरंतर होता है।
(2) पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास के पाँच स्पष्ट चरण प्रस्तावित किए हैं।
(3) किसी चरण को छोड़ा नहीं जा सकता क्योंकि ये चरण स्थिर हैं।
(4) बच्चों के सांस्कृतिक आधार के अनुसार इन चरण का क्रम बदला जा सकता है।

Read Also ...  CTET Sep 2016 - Paper - II (Language II English)

13. जीन पियाजे के द्वारा प्रस्तुत ‘संरक्षण’ के प्रत्यय से तात्पर्य
(1) वन्यजीवन और वनों का संरक्षण बहुत महत्त्वपूर्ण है।
(2) कुछ भौतिक गुणधर्म वही रहते हैं चाहे बाहरी आकृतियाँ बदल जाएँ ।
(3) परिकल्पना पर विधिवत् परीक्षण से सही निष्कर्ष पर पहुँचा जा सकता है।
(4) दूसरों के परिदृश्य को ध्यान में रखना एक महत्त्वपूर्ण संज्ञानात्मक क्षमता है । 

14. हॉवर्ड गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत के अनुसार निम्नलिखित का मिलान कीजिए :
. बुद्धि का प्रकार     अंत अवस्था
(a) संगीतात्मक        (i) चिकित्सक
(b) भाषिक              (ii) कवि
(c) अंतर्वैयक्तिक     (iii) खिलाड़ी
(d) स्थानिक            (iv) वायलिन-वादक
.                              (v) मूर्तिकार
.    a, b, c, d
(1) v, ii, iv, i
(2) ii, iv, i, v
(3) iv, ii, i, v
(4) iv, ii, v, iii 

15. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार :
(1) वयस्कों और साथियों से अन्योन्यक्रिया करने का भाषा के विकास में कोई प्रभाव नहीं पड़ता
(2) भाषिक विकास मानव चिंतन के स्वभाव को बदल देता है
(3) भाषिक विकास में संस्कृति की भूमिका बहुत कम होती है
(4) बच्चे भाषा अर्जन की एक युक्ति से कोई भाषा सीखते हैं 

2 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.

close button
error: Content is protected !!