संरचना एवं उच्चावच की भिन्नता के आधार पर बिहार को तीन प्रमुख भौतिक विभाग शिवालिक पर्वतीय प्रदेश, गंगा का मैदान एवं छोटानागपुर सीमांत पठारी प्रदेश में विभक्त किया गया है।
बिहार के उच्चावच में अनेक प्रकार की विविधताएँ पाई जाती हैं। बिहार में पर्वत, पठार और मैदान सभी प्रकार की भू-आकृतियाँ पाई जाती हैं। यद्यपि अधिकांश भू-भाग मैदानी है, लेकिन
बिहार की भौगोलिक संरचना (Geographical structure of Bihar) बिहार में संरचनात्मक दृष्टिकोण से प्री-कैंब्रियन (Pre-Cambrian) कल्प से लेकर चतुर्थ कल्प तक की चट्टानें पाई जाती हैं। प्री-कैंब्रियन कल्प की चट्टानें धारवाड़ संरचना और विंध्यन
भौगोलिक स्थिति बिहार गंगा के मध्य मैदानी भाग में स्थित पूर्वी भारत का राज्य है। बिहार का वर्तमान स्वरूप 15 नवंबर, 2000 को झारखंड के पृथक् होने के बाद आया
जनवरी 2018 के शिखर सम्मेलन विश्व आर्थिक मंच शिखर सम्मेलन आयोजन – दावोस, स्विटजरलैंड भारत-आसियान व्यापार और निवेश सम्मेलन आयोजन – नई दिल्ली विषय – “साझा मूल्य, आम भाग्य” (“Shared Values,
Legal Glossary (कानूनी शब्दावली) का प्रयोग सामान्यत: उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) और उच्च न्यायालय (High Court) में किया जाता है, इन्हीं न्यायालयों के द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं को ध्यान
The tariff order on broadcasting and cable services issued by the Telecom Regulatory Authority of India is set to become effective on February 1, giving the consumer the option to
हिमालय के गजटकार हिमालयन गजेटियर (1882 – 86 के बीच प्रकाशित) के समन्वयक के रूप में एडविन फेलिक्स थामस एटकिन्सन (6 सितम्बर, 1840-15 सितम्बर 1890) औपनिवेशिक भारत के चर्चित गजटकारों
कुमाऊँ परिषद् (Kumaon Council) उत्तराखण्ड में सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक और शिक्षा की समस्याओं को लेकर 1916 में कुमाऊँ परिषद् का गठन किया गया। इस परिषद् में कार्य करने वाले गोविन्द
Legal Glossary (कानूनी शब्दावली) का प्रयोग सामान्यत: उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) और उच्च न्यायालय (High Court) में किया जाता है, इन्हीं न्यायालयों के द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं को ध्यान
SOCIAL PAGE