CTET July 2019 – Paper – II (Child Development and Pedagogy) Official Answer Key

CBSE conducted the CTET (Central Teacher Eligibility Test) Exam Paper held on 07th July 2019 Evening Shift. Here The CTET Paper – II Part – I Child Development and Pedagogy Question Paper with Answer Key. CTET July 2019 Answer Key. 

CTET (Central Teachers Eligibility Test)
Paper – II Junior Level (Class 6 to Class 8)

परीक्षा (Exam) – CTET Paper II Junior Level (Class VI to VIII) 
भाग (Part) – Part – I बाल विकास और शिक्षा-शास्त्र (Child Development and Pedagogy)
परीक्षा आयोजक (Organized) – CBSE 
कुल प्रश्न (Number of Question) – 30
Paper Set – Y
परीक्षा तिथि (
Exam Date) – 07th July 2019

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Part – I बाल विकास और शिक्षा-शास्त्र (Child Development and Pedagogy)

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निर्देश : निम्नलिखित प्रश्नों (प्र. संख्या 1 से 30) के उत्तर देने के लिए सही सबसे उपयुक्त विकल्प चुनिए :

1. एक शिक्षक को विद्यार्थियों को ______ निर्धारित करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए बजाए ________ के।
(1) असफलता से बचने के लिए लक्ष्य; अंक लेने के लिए लक्ष्य
(2) अंक लेने के लिए लक्ष्य; असफलता से बचने के लिए लक्ष्य
(3) अधिगम लक्ष्य; प्रदर्शन लक्ष्य
(4) प्रदर्शन लक्ष्य; अधिगम लक्ष्य

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Answer – (3)

2. निम्नलिखित में से कौन सा अधिगम के सार्थक सरलीकरण के रूप में परिणीत नहीं होता है ?
(1) उदाहरणों एवं गैर-उदाहरणों का प्रयोग करना।
(2) एक समस्या पर अनेक तरीकों से विचार करने के लिए प्रोत्साहित करना ।
(3) पहले से विद्यमान ज्ञान से नए ज्ञान को जोड़ना ।
(4) दोहराने एवं स्मरण करने को बढ़ावा देना ।

3. निम्नलिखित में से कौन सा एक संरचनात्मक परिवेश के साथ अनुकूल नहीं हो सकता है ?
(1) शिक्षक प्रमुख प्रकरणों के संबंध में विद्यार्थियों के विचारों एवं अनुभवों को प्राप्त करते हैं तथा उनके वर्तमान ज्ञान की पुनर्संरचना या विस्तृत करने के लिए शिक्षण-अधिगम की योजना बनाते हैं।
(2) अध्यापक विशिष्ट सत्रावसान मूल्यांकन रणनीतियों को लागू करते हैं तथा प्रक्रियाओं के बजाय प्रदर्शन पर फीडबैक देते हैं।
(3) विद्यार्थियों को जटिल, सार्थक एवं समस्या-आधारित गतिविधियों में लगे रहने के लिए लगातार अवसर प्रदान किए जाते हैं।
(4) विद्यार्थी सहयोगात्मक तरीके से कार्य करते हैं तथा आपस में कार्य-केंद्रित वार्ता में लगे रहने के लिए सहयोग दिया जाता है ।

4. एक प्राथमिक कक्षाकक्ष में एक शिक्षक को क्या करना चाहिए ?
(1) उदाहरण एवं गैर उदाहरण दोनों देने चाहिए।
(2) उदाहरण या गैर-उदाहरण दोनों नहीं देने चाहिए ।
(3) केवल उदाहरण देने चाहिए ।
(4) केवल गैर-उदाहरण देने चाहिए ।

5. निम्नलिखित रणनीतियों में से कौन सी बच्चों में अर्थ निर्माण को बढ़ावा देगी?
(1) दंडात्मक साधनों का प्रयोग करना
(2) एकरूप एवं मानकीकृत परीक्षण
(3) अन्वेषण एवं परिचर्चा
(4) सूचनाओं का संचरण

6. निम्नलिखित में से कौन प्रभावी अधिगम रणनीतियों के उदाहरण हैं ?
(i) लक्ष्य एवं समय-सारिणी निर्धारित करना ।
(ii) संगठनात्मक चार्टी एवं अवधारणात्मक नक्शे बनाना ।
(iii) उदाहरणों एवं गैर-उदाहरणों के बारे में सोचना ।
(iv) हमउम्र साथी को समझाना स्वयं से प्रश्न करना।
(1) (i), (ii), (iii), (v)
(2) (i), (ii), (iii), (iv), (v)
(3) (i), (ii), (iii)
(4) (i), (iv), (v)

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Answer – (2)

7. इनमें से कौन सा बाह्य अभिप्रेरणा का एक उदाहरण है ?
(1) “गृहकार्य करने से मैं अपनी अवधारणाओं को अच्छी तरह से समझ पाती हूँ ।”
(2) “मैं अपना गृहकार्य पूरा करती हूँ क्योंकि शिक्षक प्रत्येक नियत कार्य के लिए हमें अंक देते हैं ।”
(3) “मैं अपना गृहकार्य करना पसंद करती हूँ। क्योंकि यह बहुत आनन्ददायक है ।”
(4) “मैं बहुत अधिक सीखती हूँ जब मैं अपना गृहकार्य करती हूँ ।”

8. अपनी कक्षा में सहयोगात्मक अधिगम का प्रयोग करते समय एक शिक्षक की भूमिका किस प्रकार की होती है ?
(1) सहयोगात्मक होना तथा प्रत्येक समूह की निगरानी करना ।
(2) उस समूह का सहयोग करना जिसमें ‘होनहार’ एवं प्रतिभाशाली बच्चे हैं।
(3) एक मूक दर्शक होना तथा बच्चे जो करना चाहते हैं, उन्हें करने देना ।
(4) कक्षा को छोड़ देना तथा बच्चों को स्वयं कार्य करने देना

9. बच्चों की गलतियाँ एवं आंत-धारणाएँ ________.
(1) शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में अनदेखी करनी चाहिए ।
(2) सूचित करती हैं कि बच्चों की क्षमताएँ वयस्कों की तुलना में बहुत निम्न स्तर की हैं।
(3) शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में एक महत्त्वपूर्ण कदम हैं।
(4) शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के लिए रुकावट एवं विघ्न हैं।

10. संरचनात्मक ढांचे में बच्चे को किस रूप में देखा जाता है ?
(1) एक ‘निष्क्रिय प्राणी’ जिसे अनुबंधन के द्वारा किसी भी रूप में आकार दिया जा सकता है तथा ढाला जा सकता है।
(2) एक ‘समस्या – समाधान करने वाला’ तथा ‘वैज्ञानिक अन्वेषक’ के रूप में ।
(3) ‘लघु वयस्क’ के रूप में जो सभी पक्षों जैसे आकार, संज्ञान तथा संवेग में वयस्क की तुलना में कम है।
(4) ‘कोरी पटिया’ या ‘खाली स्लेट’ जिसके जीवन को अनुभव के द्वारा पूर्ण रूप से आकार दिया जाता है।

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Answer – (2)

11. “एक उचित प्रश्न/सुझाव के द्वारा बच्ची की समझ को उस बिंदु से बहुत आगे ले जाया जा सकता है जिस पर वह अकेले पहुँच सकती है।”
निम्नलिखित में से कौन सी संरचना उपरोक्त कथन को प्रकाशित करती है ?
(1) संरक्षण
(2) बुद्धि
(3) समीपस्थ/निकटस्थ विकास का क्षेत्र
(4) साम्यधारण

12. लेव वायगोस्की के अनुसार, आधारभूत मानसिक क्षमताओं को मुख्य रूप से किसके द्वारा उच्चतर संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं में बदला जाता है ?
(1) उद्दीपन – अनुक्रिया संबंध
(2) अनुकूलन एवं संघटन
(3) पुरस्कार एवं दण्ड
(4) सामाजिक पारस्परिक क्रिया

13. निम्नलिखित कथनों में से कौन सा विकास एवं अधिगम के बीच संबंध को सही तरीके से सूचित करता है ?
(1) अधिगम की दर विकास की दर से काफी अधिक होती है।
(2) विकास एवं अधिगम अतःसंबंधित और अंतःनिर्भर होते हैं।
(3) विकास एवं अधिगम संबंधित नहीं हैं।
(4) अधिगम विकास का ध्यान किए बिना घटित होता है।

14. पियाजे के अनुसार, विशिष्ट मनोवैज्ञानिक संरचनाएँ (अनुभव से सही अर्थ निकालने के व्यवस्थित तरीके) को क्या कहा जाता है ?
(1) प्रतिमान
(2) मानसिक मैप
(3) मानसिक उपकरण
(4) स्कीमा

15. जीन पियाजे एवं लेव वायगोट्स्की जैसे संरचनावादी अधिगम को किस रूप में देखते हैं ?
(1) निष्क्रिय आवृत्तीय प्रक्रिया
(2) सक्रिय विनियोजन से अर्थ-निर्माण की प्रक्रिया
(3) कौशलों का अर्जन
(4) प्रतिक्रियाओं को अनुबंधन

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