स्वतंत्रता पूर्व उत्तराखण्ड में पत्रकारिता का तीसरा व अन्तिम चरण सन् 1940 से 1947 के मध्य मात्र 7 वर्षों का रहा। यह चरण अन्य दोनों चरणों की अपेक्षा अत्यन्त अल्पावधि
रियासत टिहरी (पाक्षिक) (Riyasat Tehri (Half Monthly)) प्रकाशित – सन् 1901 ई0 सन् 1901 में टिहरी रियासत के तत्कालीन राजा कीर्तिशाह पंवार ने राजधानी टिहरी में रियासत का पहला मुद्रणालय
28 वर्षों का यह काल खण्ड उत्तराखण्ड में पत्रकारिता (Journalism) का प्रारम्भिक दौर था। इसी काल में अंग्रेजों द्वारा मंसूरी में पत्रकारिता की पाठशाला की नीवं रखी गई। इस काल
भारत में सर्वप्रथम प्रिन्टिंग प्रेस (Printing Press) लाने का श्रेय पुर्तगालियों (Portuguese) को जाता है। सर्वप्रथम मुगल बादशाह अकबर के शासन काल में सन् 1557 में पुर्तगाली मिशनरी द्वारा पहला
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