मध्यकालीन भारत के प्रमुख राजवंश परमार राजवंश (Parmar Dynasty) छठी शताब्दी के प्रारम्भिक वर्षों में हूणों के साथ खाजर जनजाति भारत आई। ये खाजर गुर्जर के नाम से जाने जाते
मध्यकालीन भारत के प्रमुख राजवंश राष्ट्रकूट राजवंश (Rashtrakuta Dynasty) राष्ट्रकूट (Rashtrakuta) शब्द का अर्थ है – राष्ट्र नामक क्षेत्रीय इकाई के अधिकार वाला अधिकारी। राष्ट्रकूट (Rashtrakuta) मूलतः महाराष्ट्र के लात्रालुर,
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC – Bihar Public Service Commission) के द्वारा आयोजित की गई संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा (48-52वीं)(BPSC Prelims 48-52th Exam 2008) की परीक्षा का आयोजन 2008 में किया
मधुबनी जनपद का परिचय (Introduction of Madhubani District) मधुबनी की स्थिति (Location of Madhubani) मुख्यालय (Headquarters) – मधुबनी मंडल (Division) – दरभंगा क्षेत्रफल (Area) – 3,501 वर्ग किमी भाषा (Language)
राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित (RPSC – Rajasthan Public Service Commission), द्वारा आयोजित RPSC Grade Teacher/School Lecturer की परीक्षा 08 जनवरी, 2020 को आयोजित की गई थी, इस RPSC
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC – Bihar Public Service Commission) के द्वारा आयोजित की गई संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा (48-52वीं)(BPSC Prelims 48-52th Re-Exam 2008) की परीक्षा का आयोजन 2008 में किया
मध्यकालीन भारत के प्रमुख राजवंश सेन राजवंश (Sen Dynasty) पाल शासन के बाद सेन (Sen) परिवार ने बंगाल पर शासन किया। उसका संस्थापक सामंतसेन था जिसे ‘ब्रह्मक्षत्रिय’ कहा जाता था।
मध्यकालीन भारत के प्रमुख राजवंश पाल वंश (Pal Dynasty) गोपाल (Gopal) सम्भवतः बंगाल के मुख्य लोगों ने गोपाल को समूचे राज्य का शासक चुना। गोपाल ने पाल वंश (Pal Dynasty)
मध्यकालीन भारत के प्रमुख राजवंश प्रतिहार राजवंश (Pratihar Dynasty) उत्पत्ति प्रतिहार प्रसिद्ध गुर्जरों की एक शाखा थे। गुर्जर उन मध्य एशियाई कबीलों में से एक थे, जो गुप्त साम्राज्य के
मध्यकालीन भारत के प्रमुख घटनाएं (Major Events of Medieval India) 770 – 810 : धर्मपाल, महान पाल शासक का काल, विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना 783 – 1036 : राजस्थान के
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