वन नेशन वन कार्ड (One Nation One Card)

परिचय (Introduction)

  • वन नेशन वन कार्ड (One Nation One Card)’ योजना जून 2020 से पूरे भारत में लागू की जाएगी। 
  • उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री राम विलास पासवान ने योजना को लॉन्च किया।
  • आंध्रप्रदेश – तेलंगाना और महाराष्ट्र – गुजरात को अंतर – राज्यीय राशनकार्ड पोर्टेबिलिटी (Ration Card Portability) से जोड़कर योजना की शुरुआत की गयी।

 

वन नेशन वन कार्ड का उद्देश्य (Purpose of One Nation One Card)

  • विश्व के सबसे बड़े खाद्यान्न सुरक्षा कार्यक्रम की प्रभावशीलता (Effectiveness) बढ़ाने के लिए राष्ट्रव्यापी राशन कार्ड ‘पोर्टेबिलिटी नेटवर्क’ तैयार करना।
  • सभी राज्यों के पीडीएस लाभार्थियों के विवरण को एक ‘केंद्रीय रिपोजिटरी’ से एकीकृत करना।
  • आंतरिक प्रवास (Internal migration) करने वाले निम्न आय वर्ग (LIG) के व्यक्तियों को पीडीएस का निरंतर लाभ प्रदान करना।

 

वन नेशन वन कार्ड के  लाभ (Benefits of One Nation One Card)

  • इस योजना का सर्वाधिक लाभ आंतरिक प्रवसन (Internal migration) करने वाले व्यक्तियों को होगा।
  • भारत के मेट्रोपोलिटन शहरों जैसे:- दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई में मौसमी प्रवसन (seasonal migration) करने वाले व्यक्ति भी इससे लाभान्वित होंगे। 
  • 2011 की जनगणना के अनुसार मौसमी प्रवसन (seasonal migration) करने वाले व्यक्तियों की संख्या लगभग 4.1 करोड़ है।

 

वन नेशन वन कार्ड की चुनौतियाँ (One Nation One Card Challenges)

  • कम अवधि के लिए और बार-बार प्रवास करने वाले व्यक्तिओं के डाटा को अपडेट करने में तकनीकी समस्या आ सकती है। 
  • इस योजना का क्रियान्वयन इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ePOS) मशीनों के द्वारा किया जाता है, जबकि भारत में इंटरनेट अवसंरचना अभी विकासमान अवस्था में है।
  • भारत की 77% राशन की दुकानों में इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल मशीनें हैं।
  • इसमें आधार सत्यापन, ऑनलाइन आपूर्ति डिपो प्रबंधन और पोर्टेबिलिटी सुविधा के दुरुपयोग से संबंधित चुनौतियाँ भी हैं।
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राशनकार्ड पोर्टेबिलिटी (Ration Card Portability)

  • राशनकार्ड की अंतर-राज्यीय पोर्टेबिलिटी का मतलब यह है कि किसी राज्य में पंजीकृत राशन कार्ड धारक किसी अन्य राज्य के सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत स्थापित राशन की दुकान से अपने कोटे का खाद्यान्न खरीद सकता है।
  • 1 अक्टूबर 2019 तक तेलंगाना-आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र-गुजरात, केरल-कर्नाटक और राजस्थान-हरियाणा के बीच अंतर-राज्यीय राशनकार्ड पोर्टेबिलिटी का ग्रिड स्थापित किया जा चुका है।

 

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