Q81. भारतीय न्याय संहिता, 2023 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. जो कोई दुर्व्यापार का अपराध करता है वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष से कम की नहीं होगी, किन्तु जिसका विस्तार दस वर्ष तक हो सकेगा, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।
2. दुर्व्यापार के अपराध की अवधारण में, पीड़ित की सम्मति महत्त्वहीन है ।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?
(a) केवल 1
(b) 1 और 2 दोनों
(c) केवल 2
(d) न तो 1, न ही 2
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व्याख्या: BNS की धारा 143 (पूर्ववर्ती IPC 370) के अनुसार, दुर्व्यापार के लिए दंड 7 से 10 वर्ष तक का कठिन कारावास है। साथ ही, स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि इस अपराध के निर्धारण में पीड़ित की सम्मति (Consent) का कोई महत्व नहीं है।
Q82. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए :
सूची I (पार्श्व टिप्पणी) – सूची II (भा.न्या.सं. की धारा)
A. प्रतिरूपण द्वारा छल – i. धारा 336(1)
B. मिथ्या साक्ष्य गढ़ना – ii. धारा 270
C. लोक उपताप – iii. धारा 228
D. कूट रचना – iv. धारा 319 (1)
कूट :
(a) A -i, B-ii, C-iii, D-iv
(b) A-ii, B-iv, C-i, D-iii
(c) A-iii, B-i, C-ii, D-iv
(d) A-iv, B-iii, C-ii, D-i
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प्रतिरूपण द्वारा छल: iv. धारा 319(1)
मिथ्या साक्ष्य गढ़ना: iii. धारा 228
लोक उपताप: ii. धारा 270
कूट रचना (Forgery): i. धारा 336(1)
Q83. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 3(5) में प्रयुक्त “सामान्य आशय को अग्रसर” करने हेतु अपेक्षित है :
(a) पूर्व-निर्धारित योजना आवश्यक नहीं
(b) सभी अभियुक्तों का एक स्थान पर उपस्थित होना
(c) सामान्य उद्देश्य
(d) पूर्व-निर्धारित योजना
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व्याख्या: BNS की धारा 3(5) (पूर्ववर्ती IPC 34) के लिए ‘पूर्व-निर्धारित योजना’ या मस्तिष्क का पूर्व मिलन अनिवार्य तत्व है। हालांकि यह योजना मौके पर भी बन सकती है, लेकिन इसका होना आवश्यक है।
Q84. निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए तथा इन्हें भा.न्या.सं., 2023 में दिए गए सही कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए :
i. आतंकवादी कृत्य
ii. आपराधिक मानव वध करने का प्रयत्न
iii. छोटे संगठित अपराध
iv. संगठित अपराध
नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
(a) ii, iv, iii, i
(b) ii, iii, i, iv
(c) ii, i, iii, iv
(d) iii, i, ii, iv
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ii. आपराधिक मानव वध का प्रयत्न (धारा 110)
iv. संगठित अपराध (धारा 111)
iii. छोटे संगठित अपराध (धारा 112)
i. आतंकवादी कृत्य (धारा 113)
Q85. भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही सुमेलित नहीं है ?
(a) मूल्यवान प्रतिभूति – धारा 2(31)
(b) लोक सेवक – धारा 2(27)
(c) सदोष अभिलाभ – धारा 2(36)
(d) दण्ड – धारा 4
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व्याख्या: BNS की धारा 2 में परिभाषाएं दी गई हैं। सदोष अभिलाभ को धारा 2(38) में परिभाषित किया गया है, न कि 2(36) में।
Q86. उ.प्र. राज्य में स्थापित पुलिस ज़ोन के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा सही विकल्प है ?
(a) लखनऊ, मेरठ, सोनभद्र, वाराणसी
(b) लखनऊ, कानपुर नगर, वाराणसी, आगरा
(c) लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली
(d) लखनऊ, बरेली, सहारनपुर, मेरठ
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व्याख्या: उत्तर प्रदेश में कुल 8 पुलिस ज़ोन हैं: लखनऊ, बरेली, मेरठ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर। विकल्प (c) में दिए गए सभी नाम पुलिस ज़ोन के मुख्यालय हैं।
Q87. निम्नलिखित में से किस वाद में उच्चतम न्यायालय ने दोहराया है कि भा.ना.सु.सं., 2023 की धारा 35 के अनुसार पुलिस / अन्वेषण अभिकरण द्वारा किसी अभियुक्त की उपस्थिति के लिए जारी समन इलेक्ट्रॉनिक रूप से तामील नहीं कराया जा सकता है ?
(a) बादशाह माजिद मलिक बनाम प्रवर्तन निदेशालय में
(b) सुनिल धर्म माने बनाम राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण में
(c) सतेन्द्र कुमार अंतिल बनाम सी.बी.आई. और अन्य में
(d) रमेश चंद्र गर्ग बनाम सी.बी.आई. में
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व्याख्या: हालिया व्याख्याओं में यह स्पष्ट किया गया है कि व्यक्तिगत उपस्थिति के लिए जारी कुछ विशिष्ट समन की तामील के मामले में पारंपरिक प्रक्रियाओं का पालन आवश्यक है, हालांकि BNSS अब इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों को व्यापक मान्यता देता है।
Q88. उ. प्र. पुलिस रेगुलेशन के किस अध्याय में “अकाल के समय पुलिस अधिकारियों को मार्गदर्शन के लिए निर्देश” समाहित हैं ?
(a) अध्याय 29
(b) अध्याय 27
(c) अध्याय 26
(d) अध्याय 28
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व्याख्या: उत्तर प्रदेश पुलिस रेगुलेशन का अध्याय 29 अकाल (Famine) के समय पुलिस के कर्तव्यों और निर्देशों से संबंधित है।
Q89. नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया :
अभिकथन (A) : युद्ध छेड़ने का अपराध कभी-कभी दंगा करने के अपराध के साथ भ्रांति उत्पन्न करता है।
कारण (R) : एक विधिविरुद्ध जमाव में कम-से-कम पाँच सदस्य होते हैं।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर का चयन कीजिए :
(a) (A) और (R) दोनों सत्य हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(b) (A) गलत है, परन्तु (R) सत्य है ।
(c) (A) सत्य है, परन्तु (R) ग़लत है।
(d) (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है ।
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व्याख्या: अभिकथन सही है क्योंकि दोनों में हिंसा शामिल होती है। कारण भी सत्य है कि विधिविरुद्ध जमाव में न्यूनतम 5 सदस्य चाहिए, लेकिन यह अभिकथन की व्याख्या नहीं करता कि उनमें भ्रांति क्यों होती है।
Q90. सूत्र ‘नेमो डिबेट बिस वेक्सारी प्रो उना ए ईडम कोजा’ को भा.ना.सु.सं., 2023 की निम्नलिखित में से किस धारा में स्थान प्राप्त है
(a) धारा 338 में
(b) धारा 335 में
(c) धारा 337 में
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
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व्याख्या: BNSS, 2023 की धारा 338 (पूर्ववर्ती CrPC 300) ‘दोहरे खतरे’ (Double Jeopardy) के सिद्धांत को प्रतिपादित करती है।
