Q131. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 को विभाजित किया गया है :
(a) अध्याय 37, धारा 484 में
(b) अध्याय 39, धारा 531 में-
(c) अध्याय 39, धारा 484 में
(d) अध्याय 37, धारा 531 में
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व्याख्या: नए कानून (BNSS) में कुल 39 अध्याय और 531 धाराएँ शामिल हैं। (पुराने CrPC में 37 अध्याय और 484 धाराएँ थीं)।
Q132. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए :
सूची I – सूची II
A. हस्तलेख के बारे में राय कब सुसंगत है – i. भा.सा.अ., 2023 की धारा 20
B. एक ऐसे व्यक्ति द्वारा किया गया सुसंगत तथ्य का कथन, जो मर गया है या मिल नहीं सकता – ii. भा.सा.अ., 2023 की धारा 41 (1)
C. दाण्डिक मामलों में पूर्वतन अच्छा चरित्र सुसंगत है – iii. भा. सा.अ., 2023 की धारा 26
D. दस्तावेज़ों की अन्तर्वस्तु के बारे में मौखिक स्वीकृतियाँ कब सुसंगत होती हैं – iv. भा. सा.अ., 2023 की धारा 47
कूट :
(a) A-iv, B-i, C-iii, D-ii
(b) A-iii, B-i, C-ii, D-iv
(c) A-ii, B-iii, C-iv, D-I
(d) A-i, B-ii, C-iv, D-iii
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हस्तलेख की राय: iv. धारा 47 (पूर्व 47)
मृत व्यक्ति का कथन: i. धारा 26 (पूर्व 32)
पूर्वतन अच्छा चरित्र: iii. धारा 41(1) (पूर्व 53)
दस्तावेज़ों की मौखिक स्वीकृति: ii. धारा 20 (पूर्व 22)
Q133. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए :
सूची I (विषय वस्तु) – सूची II (भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा)
A. दहेज मृत्यु – i. धारा 22
B. विकृतचित्त व्यक्ति का कार्य – ii. धारा 80
C. बलात्संग के लिए दण्ड – iii. धारा 114
D. उपहति – iv. धारा 64
कूट :
(a) A-iii, B-ii, C-i, D-iv
(b) A-iv, B-i, C-iii, D-ii
(c) A-ii, B-i, C-iv, D-iii
(d) A-i, B-ii, C-iii, Div
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दहेज मृत्यु: iv. धारा 80 (पूर्व 304B)
विकृतचित्त व्यक्ति का कार्य: i. धारा 22 (पूर्व 84)
बलात्संग (Rape) का दण्ड: iii. धारा 64 (पूर्व 376)
उपहति (Hurt): ii. धारा 114 (पूर्व 319)
Q134. अपना स्वयं का क्लिनिक चलाने वाला एक निजी डॉक्टर ‘क’, एसिड हमले की पीड़िता ‘ख’ को चिकित्सा उपचार प्रदान करने से इनकार करता है। भा. न्या. सं. की निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत ‘क’ उत्तरदायी है ?
(a) धारा 202
(b) धारा 201
(c) धारा 203
(d) धारा 200
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व्याख्या: BNS की धारा 202 (पूर्ववर्ती IPC 166B) के अनुसार, यदि कोई अस्पताल (सार्वजनिक या निजी) एसिड हमले या बलात्कार की पीड़िता को तत्काल चिकित्सा उपचार देने से मना करता है, तो वह कारावास और जुर्माने से दंडनीय है।
Q135. निम्नलिखित में से किस वाद में सर्वोच्च न्यायालय ने पुष्टि की कि पन्द्रह दिन की पुलिस अभिरक्षा, दस वर्ष तक के कारावास से दंडनीय अपराधों के लिए प्रथम चालीस दिन के भीतर ली जानी चाहिए ?
(a) सतेन्द्र कुमार अंतिल बनाम सी.बी.आई. में
(b) अर्नब गोस्वामी बनाम महाराष्ट्र राज्य में
(c) सुशीला अग्रवाल बनाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में
(d) हैदर अली बनाम कर्नाटक राज्य एवं अन्य में
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व्याख्या: इस वाद में सर्वोच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी और रिमांड (Police Custody) के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें 15 दिन की अधिकतम पुलिस अभिरक्षा के समय का भी उल्लेख है।
Q136. ‘अ’, यह जानते हुए कि उसके पति ‘ब’ ने हत्या की है, ‘ब’ को वैध दण्ड से प्रतिच्छादित करने के लिए जानबूझकर छिपा लेती है। ‘अ’ उत्तरदायी है :
(a) सहायता द्वारा दुष्प्रेरण के लिए
(b) संश्रय देने के लिए
(c) सामान्य आशय रखने के कारण हत्या के लिए
(d) किसी अपराध के लिए नहीं
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व्याख्या: BNS की धारा 145 (पूर्ववर्ती IPC 212) के अनुसार, किसी अपराधी को ‘संश्रय’ (Harbouring) देना अपराध है, लेकिन इसमें पति या पत्नी द्वारा एक-दूसरे को संश्रय देना अपवाद की श्रेणी में आता है।
Q137. कोई समूह या टोलीका सदस्य होते हुए या तो अकेले या संयुक्त रूप से लोक परीक्षा प्रश्न पत्रों का विक्रय करता है, तो वह निम्न अपराध कारित करता है :
(a) छोटा संगठित अपराध
(b) चुराई हुई संपत्ति को प्राप्त करना
(c) आतंकवादी कृत्य
(d) संगठित अपराध
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व्याख्या: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 के तहत, सिंडिकेट के रूप में लोक परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक करना या बेचना ‘संगठित अपराध’ माना गया है।
Q138 भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 23 (2) के परंतुक के अन्तर्गत किसी अभियुक्त से प्राप्त सूचना के परिणामस्वरूप किसी तथ्य का पता लगने को सिद्ध किया जा सकेगा। उच्चतम न्यायालय ने निम्नलिखित किस वाद में अभिनिर्धारित किया कि ऐसी सूचना प्राप्त करते समय तथा ऐसी सूचना से तथ्य का पता लगते समय दो स्वतंत्र साक्षियों की उपस्थिति आवश्यक है ?
(a) राजस्थान राज्य बनाम राजा राम ( 2023) 8 एस. सी. सी.
(b) सुब्रमन्या बनाम कर्नाटक राज्य, ए.आई. आर. 2022 एस.सी. 5110
(c) चन्द्रपाल बनाम छत्तीसगढ़ राज्य, ए. आई. आर. 2022 एस.सी. 2542
(d) रामानंद उर्फ नन्दलाल भारती बनाम उ.प्र. राज्य, ए.आई. आर. 2022 एस. सी. 5273
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व्याख्या: इस वाद में न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अभियुक्त की सूचना पर बरामदगी के समय स्वतंत्र साक्षियों की उपस्थिति साक्ष्य की विश्वसनीयता के लिए आवश्यक है।
Q139. अभियुक्त के पूर्व बुरे शील का साक्ष्य आपराधिक कार्यवाहियों में कब सुसंगत हो सकेगा ?
(a) जबकि अभियुक्त के अच्छे शील का साक्ष्य दिया जाता है।
(b) जबकि पूर्व का बुरा शील बच्चों के विरुद्ध कारित अपराध से संबंधित है।
(c) जबकि पूर्व का बुरा शील अत्यधिक अनैतिक है ।
(d) जबकि पूर्व का बुरा शील आर्थिक अपराध से संबंधित है।
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व्याख्या: BSA की धारा 42 (पूर्ववर्ती IEA 54) के अनुसार, दाण्डिक मामलों में बुरा शील सुसंगत नहीं है, सिवाय उस स्थिति के जब अभियुक्त ने अपने अच्छे शील का साक्ष्य दिया हो (उत्तर के रूप में)।
Q140. भारत के संविधान की निम्नलिखित में से कौन-सी एक अनुसूची में दल-बदल निषेध विषयक उपबंध हैं?
(a) दसवीं अनुसूची
(b) पाँचवीं अनुसूची
(c) दूसरी अनुसूची
(d) आठवीं अनुसूची
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व्याख्या: दसवीं अनुसूची को 52वें संविधान संशोधन (1985) द्वारा जोड़ा गया था, जो संसद और विधानसभा सदस्यों के दल-बदल के आधार पर अयोग्यता से संबंधित है।
