UKPSC Prelims Master MCQs – Supreme Court Judgments (24 August 2026)

UKPSC Prelims Master MCQs – Supreme Court Judgments (24 August 2026)

August 24, 2026

‘उद्योग’ की नई न्यायिक व्याख्या: श्रम अधिकार और न्यायिक पुनर्विचार आर्टिकल पर आधारित MCQआगामी परीक्षाओं State Exam (UKSSSC, UKPCS, UPSSSC, UPPCS, BPSC, BSSC, etc), SSC (Steno, JE, CGL, CHSL, CPO, MTS etc), RRB (Group D, JE, NTPC etc) आदि विभिन्न परीक्षाओं के लिए TheExamPillar की टीम ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले (Supreme Court Judgments) के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर का संग्रह उपलब्ध कराया गया हैं। 

UKPSC Prelims Master MCQs – Supreme Court Judgments

Q1. Bangalore Water Supply and Sewerage Board v. A. Rajappa मामला मुख्यतः किससे संबंधित था?
A. संपत्ति के अधिकार

B. ‘उद्योग’ की परिभाषा
C. चुनाव सुधार
D. पर्यावरणीय प्रभाव आकलन

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उत्तर: B

व्याख्या: 1978 का यह महत्वपूर्ण सर्वोच्च न्यायालय निर्णय औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के अंतर्गत ‘उद्योग’ की व्याख्या से संबंधित था। इसी मामले में प्रसिद्ध ‘ट्रिपल टेस्ट’ विकसित हुआ।

Q2.  ‘ट्रिपल टेस्ट’ मुख्यतः किससे संबंधित है?
A. कराधान के तीन स्तर

B. किसी गतिविधि के उद्योग होने की पहचान
C. संवैधानिक संशोधन की वैधता
D. पर्यावरणीय मंजूरी के तीन चरण

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उत्तर: B

व्याख्या: ट्रिपल टेस्ट में व्यवस्थित गतिविधि, नियोक्ता-कर्मचारी सहयोग तथा वस्तुओं/सेवाओं के उत्पादन या वितरण जैसे तत्वों को देखा गया।

Q3. भारत में श्रम मुख्यतः किस सूची से संबंधित विषय है?
A. संघ सूची

B. राज्य सूची
C. समवर्ती सूची
D. अवशिष्ट सूची

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उत्तर: C

व्याख्या: श्रम से संबंधित अनेक विषय समवर्ती सूची में हैं, इसलिए केंद्र और राज्य दोनों की विधायी भूमिका होती है।

Q4. 2026 के सर्वोच्च न्यायालय के इस मामले में संविधान पीठ में कितने न्यायाधीश थे?
A. पाँच

B. सात
C. नौ
D. ग्यारह

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उत्तर: C

व्याख्या: State of U.P. v. Jai Bir Singh पर नौ-न्यायाधीशीय संविधान पीठ ने सुनवाई की।

Q5. भारत की चार श्रम संहिताएँ प्रभावी हुईं:
A. 1 जनवरी 2025

B. 21 नवंबर 2025
C. 26 जनवरी 2026
D. 1 अप्रैल 2026

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उत्तर: B

व्याख्या: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार चारों श्रम संहिताएँ 21 नवंबर 2025 से प्रभावी हुईं।

Q6. ‘उद्योग’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 1978 के Bangalore Water Supply निर्णय में लाभ कमाना उद्योग की अनिवार्य शर्त नहीं था।
2. केवल किसी संस्था का गैर-लाभकारी होना उसे स्वतः औद्योगिक विवाद कानून के दायरे से बाहर कर देता है।
3. नियोक्ता-कर्मचारी संबंध ‘ट्रिपल टेस्ट’ का महत्वपूर्ण हिस्सा था।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A. केवल 1 और 3

B. केवल 2 और 3
C. केवल 1 और 2
D. 1, 2 और 3

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उत्तर: A

व्याख्या: 1978 की व्यापक व्याख्या में लाभ का उद्देश्य अनिवार्य नहीं था। इसलिए कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है क्योंकि गैर-लाभकारी होना अपने-आप में पर्याप्त अपवाद नहीं था। कथन 3 ट्रिपल टेस्ट का मूल तत्व है।

Q7. निम्नलिखित में से कौन-सा संविधान के नीति-निदेशक तत्वों से श्रम-कल्याण के संदर्भ में सबसे अधिक संबंधित है?
1. अनुच्छेद 38
2. अनुच्छेद 42
3. अनुच्छेद 43
सही उत्तर चुनिए।
A. केवल 1

B. केवल 2 और 3
C. केवल 1 और 2
D. 1, 2 और 3

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उत्तर: D

व्याख्या: तीनों अनुच्छेद सामाजिक-आर्थिक न्याय, मानवीय कार्य-स्थितियों और श्रमिकों के जीवन-स्तर से जुड़े हैं।

Q8. सर्वोच्च न्यायालय के 2026 के निर्णय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पुराने औद्योगिक विवाद अधिनियम के अंतर्गत लंबित मामलों में 1978 का ट्रिपल टेस्ट महत्वपूर्ण बना रहेगा।
2. निर्णय ने औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 की व्याख्या को सीधे नियंत्रित किया।
3. अंतिम रूप से निपट चुके मामलों को सामान्यतः इस नए न्यायिक दृष्टिकोण के कारण पुनः नहीं खोला जाना है।
सही उत्तर है:
A. केवल 1

B. केवल 1 और 3
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2 और 3

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उत्तर: B

व्याख्या: न्यायालय ने लंबित पुराने मामलों के लिए 1978 के परीक्षण को बनाए रखा और नए विश्लेषण को भविष्य के लिए माना। साथ ही उसने स्पष्ट किया कि औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 अलग वैधानिक व्यवस्था है।

Q9. यदि कोई संस्था वस्तुओं का उत्पादन नहीं करती लेकिन व्यवस्थित रूप से सेवाएँ प्रदान करती है और उसमें नियोक्ता-कर्मचारी संबंध है, तो 1978 के दृष्टिकोण के संदर्भ में कौन-सा निष्कर्ष अधिक उपयुक्त है?
A. वह कभी उद्योग नहीं हो सकती।

B. केवल लाभ कमाने पर ही वह उद्योग होगी।
C. सेवा-आधारित गतिविधि भी उद्योग की अवधारणा के अंतर्गत आ सकती है।
D. केवल सरकारी संस्थाएँ उद्योग हो सकती हैं।

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उत्तर: C

व्याख्या: 1978 की व्यापक व्याख्या में वस्तुओं के साथ सेवाओं का उत्पादन या वितरण भी महत्वपूर्ण था। इसलिए केवल वस्तु-उत्पादन तक ‘उद्योग’ को सीमित नहीं किया गया था।

Q10. निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वोच्च न्यायालय के इस मामले की व्यापक संवैधानिक महत्ता को सबसे बेहतर दर्शाता है?
A. न्यायालय केवल संसद के कानूनों को दोहरा सकता है।

B. न्यायिक मिसाल समय के साथ कभी नहीं बदली जा सकती।
C. न्यायिक स्थिरता और बदलती सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों के बीच संतुलन आवश्यक है।
D. सभी श्रम विवाद केवल केंद्र सरकार तय करती है।

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उत्तर: C

व्याख्या: मामला न्यायिक पुनर्विचार का उदाहरण है, जहाँ स्थापित न्यायिक मिसाल, बदलती परिस्थितियों और विधायी परिवर्तन के बीच संतुलन की आवश्यकता सामने आती है।

Q11. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘न्यायिक मिसाल’ के संदर्भ में सही है?
A. संविधान पीठ का निर्णय कभी पुनर्विचार के अधीन नहीं हो सकता।

B. छोटी पीठ बड़ी पीठ के निर्णय को सामान्यतः बाध्यकारी रूप से बदल सकती है।
C. बड़ी पीठ स्थापित न्यायिक दृष्टिकोण की पुनः समीक्षा कर सकती है, लेकिन इसके लिए गंभीर न्यायिक कारण आवश्यक होते हैं।
D. न्यायिक मिसाल का संविधान से कोई संबंध नहीं है।

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उत्तर: C

व्याख्या: बड़ी पीठ पूर्व निर्णय की शुद्धता पर पुनर्विचार कर सकती है। लेकिन न्यायिक स्थिरता और कानून की निश्चितता के कारण ऐसी समीक्षा सामान्य प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए।

Q12. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन-I: 2026 के निर्णय में पुराने लंबित मामलों के लिए 1978 का ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रासंगिक बना रहा।
कथन-II: इसका प्रमुख कारण यह था कि न्यायालय ने पुराने कानून के अंतर्गत उत्पन्न लंबित विवादों को नए वैधानिक ढाँचे के साथ पूर्वव्यापी रूप से नहीं मिलाया।
सही उत्तर चुनिए:
A. दोनों कथन सही हैं और कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है।

B. दोनों कथन सही हैं, लेकिन कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है।
C. कथन-I सही है, कथन-II गलत है।
D. कथन-I गलत है, कथन-II सही है।

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उत्तर: A

व्याख्या: न्यायालय ने पुराने कानून से जुड़े लंबित विवादों और वर्तमान औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के बीच अंतर बनाए रखा। इसलिए पुराने मामलों पर 1978 का परीक्षण जारी रखना संक्रमणकालीन कानूनी निश्चितता से जुड़ा था।

Q13. निम्नलिखित में से किन गतिविधियों को ‘उद्योग’ की अवधारणा के संदर्भ में पुराने व्यापक न्यायिक दृष्टिकोण के कारण विवादित माना जा सकता था?
1. अस्पताल
2. गैर-लाभकारी संगठन
3. कुछ सरकारी गतिविधियाँ
4. केवल लाभ कमाने वाली विनिर्माण इकाइयाँ
सही उत्तर चुनिए:
A. केवल 1 और 2

B. केवल 1, 2 और 3
C. केवल 3 और 4
D. 1, 2, 3 और 4

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उत्तर: B

व्याख्या: 1978 की व्यापक व्याख्या ने ‘उद्योग’ की अवधारणा को केवल लाभकारी विनिर्माण तक सीमित नहीं रखा। अस्पताल, कल्याणकारी संस्थाएँ और कुछ सरकारी गतिविधियाँ इसी कारण कानूनी बहस का हिस्सा बनीं।

Q14. निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष भारतीय संघीय व्यवस्था के संदर्भ में सबसे उपयुक्त है?
A. श्रम संबंधी सभी कानून केवल संसद बना सकती है।

B. श्रम क्षेत्र में केंद्र और राज्य दोनों की भूमिका होती है, इसलिए श्रम सुधारों में समन्वय आवश्यक है।
C. श्रम केवल राज्य सूची का विषय है।
D. न्यायपालिका का श्रम कानूनों से कोई संबंध नहीं है।

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उत्तर: B

व्याख्या: श्रम से संबंधित विषयों का महत्वपूर्ण भाग समवर्ती सूची में है। इसलिए केंद्र और राज्य दोनों की विधायी तथा प्रशासनिक भूमिकाएँ होती हैं। सर्वोच्च न्यायालय संवैधानिक और वैधानिक व्याख्या में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Q15. मान लीजिए कि भविष्य में डिजिटल सेवा क्षेत्र में एक ऐसी संस्था है जिसमें औपचारिक कारखाना नहीं है, लेकिन बड़ी संख्या में कर्मचारी व्यवस्थित रूप से सेवाएँ प्रदान करते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण सबसे अधिक उपयुक्त होगा?
A. कारखाना न होने के कारण वह स्वतः उद्योग से बाहर होगी।

B. लाभ न होने के कारण वह स्वतः उद्योग से बाहर होगी।
C. केवल संस्था का नाम देखकर उसका वर्गीकरण किया जाएगा।
D. लागू वैधानिक परिभाषा, गतिविधि की प्रकृति और नियोक्ता-कर्मचारी संबंधों को देखकर उसका निर्धारण किया जाएगा।

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उत्तर: D

व्याख्या: आधुनिक श्रम-कानून में केवल भौतिक कारखाना या लाभ-उद्देश्य पर्याप्त आधार नहीं हैं। लागू कानून की परिभाषा, गतिविधि का स्वरूप और रोजगार संबंध निर्णायक हो सकते हैं। यही कारण है कि 1978 की न्यायिक अवधारणा और 2020 की नई संहिता को अलग-अलग समझना आवश्यक है।

 

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