मनुष्य अनन्त काल से प्राकृतिक विपदाओं की मार झेलता रहा है। अनेक विपदाएँ ऐसी हैं जिनका वह प्रतिकार करने में असमर्थ हैं। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार प्रतिवर्ष पूरे
अपवाह तंत्र से तात्पर्य किसी क्षेत्र की जल प्रवाह प्रणाली से है अर्थात् किसी क्षेत्र के जल को कौन-सी नदियां बहाकर ले जाती हैं। नदी अपना जल किस दिशा में
राज्य में कुल 12 वन्य जीव अभ्यारण्य तथा एक राष्ट्रीय पार्क है। बिहार प्राकृतिक वनस्पति की दृष्टि से एक समृद्ध राज्य है। यहाँ के वनों में हाथी, लंगूर, शेर, बार्किंग
सबसे अधिक महत्वपूर्ण लक्षण है। ये परिवर्तनशील मानसून पवनें वर्ष के दौरान ऋतु परिवर्तन के लिये उत्तरदायी हैं। भारत में जलवायु के अनुसार वर्ष को निम्न चार ऋतुओं में बांटा
भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक इस प्रकार हैं – 1. स्थिति एवं अक्षांशीय विस्तार (Position and Latitudinal Extent) भारत
लोकायुक्त भारत में राज्यों द्वारा गठित भ्रष्टाचाररोधी एक संस्था है। इसका गठन स्कैंडिनेवियन देशों में प्रचलित ओंबड्समैन (Ombudsman) की तर्ज पर किया गया था। बिहार में सर्वप्रथम लोकायुक्त न्यायमूर्ति श्रीधर
बिहार राज्य का सन 1912 में उदय होने के बाद राज्य में प्रशासन की स्वतंत्र व्यवस्था स्थापित की गई। 1936 में उड़ीसा तथा 2000 में झारखंड विभाजन के पश्चात् वर्तमान
हमारे देश का विशाल पठार चारों ओर से घिरा हुआ है। उत्तर में उत्तरी विशाल मैदान तथा दक्षिण, पूर्व और पश्चिम में तटीय मैदान हैं। पूर्वी तटीय मैदान उत्तर में
उत्तरी विशाल मैदान के दक्षिण में भारतीय विशाल पठार फैला है। यह हमारे देश का सबसे बड़ा भौतिक विभाग है। इसका क्षेत्रफल लगभग 16 लाख वर्ग किलोमीटर है। अर्थात् देश
SOCIAL PAGE