UPPSC APO Preliminary Exam - 22 March 2026 (Answer Key)

UPPSC APO Preliminary Exam – 22 March 2026 (Answer Key)

March 23, 2026

Q121. निम्नलिखित में से भा. ना.सु. सं., 2023 का कौन-सा उपबंध अपील से संबंधित नहीं है ?
(a) धारा 89
(b) धारा 500
(c) धारा 495
(d) धारा 496

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Answer – (a)
व्याख्या: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 89 उद्घोषणा और कुर्की (Proclamation and Attachment) से संबंधित है। जबकि धारा 495, 496 और 500 अपील (Appeals) के प्रावधानों के अंतर्गत आती हैं।

Q122. ‘डी मिनिमिस नॉन क्यूरेट लैक्स’ सूत्र भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा के अंतर्गत निहित है ?
(a) धारा 33
(b) धारा 34
(c) धारा 31
(d) धारा 32

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Answer – (a)
व्याख्या: यह कानूनी सूत्र भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 33 (पूर्ववर्ती IPC 95) में निहित है। इसके अनुसार, यदि कोई कार्य इतनी कम हानि कारित करता है कि कोई साधारण समझ वाला व्यक्ति उसकी शिकायत नहीं करेगा, तो वह अपराध नहीं है।

Q123. भा.सा.अ., 2023 की कौन-सी धारा ‘सिविल मामलों में होती हैं’ से सम्बन्धित है ?
(a) धारा 47
(b) धारा 23 (2)
(c) धारा 138
(d) धारा 21

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Answer – (d)
व्याख्या: भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 21 (पूर्ववर्ती IEA 52) के अनुसार, सिविल मामलों में यह तथ्य कि किसी व्यक्ति का शील (Character) ऐसा है जिससे उसके ऊपर आरोपित आचरण संभावित या असंभावित हो जाता है, सुसंगत नहीं होता।

Q124. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
(a) धारा 15, भा. न्या. सं., 2023  – न्यायिक रूप से कार्य करते हुए न्यायाधीश का कार्य
(b) धारा 20, भा. न्या. सं. 2023  – सात वर्ष से कम आयु के बालक का कार्य
(c) धारा 22, भा. न्या. सं. 2023 – विधिपूर्ण कार्य को करने में दुर्घटना
(d) धारा 22, भा.न्या. सं., 2023 – सात वर्ष से ऊपर, किन्तु बारह वर्ष से कम आयु के अपरिपक्व समझ के बालक का कार्य

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Answer – (d)
व्याख्या: BNS की धारा 22 ‘विकृतचित्त व्यक्ति के कार्य’ (Act of Insane person) से संबंधित है। अपरिपक्व समझ वाले बालक (7 से 12 वर्ष) का कार्य धारा 21 में वर्णित है।

Q125. भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अनुसार, मत्त व्यक्ति द्वारा लोक स्थान में अवचार दण्डनीय है :
(a) केवल चौबीस घण्टे तक का कारावास
(b) केवल सामुदायिक सेवा
(c) चौबीस घण्टे तक का कारावास और दस हजार रुपये तक जुर्माना दोनों
(d) केवल दस हजार रुपये तक जुर्माना

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Answer – (c)
व्याख्या: BNS की धारा 355 (पूर्ववर्ती IPC 510) के अनुसार, शराब के नशे में सार्वजनिक स्थान पर दुर्व्यवहार करने पर 24 घंटे तक की कैद या 10,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। (नए कानून में जुर्माने की राशि बढ़ाई गई है)।

Q126. ‘संविधान सभा’ की प्रथम बैठक की अध्यक्षता किसने की थी ?
(a) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
(b) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
(c) डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
(d) पं. जवाहरलाल नेहरू

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Answer – (a)
व्याख्या: डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को संविधान सभा का अस्थायी अध्यक्ष चुना गया था क्योंकि वे सबसे वरिष्ठ सदस्य थे। 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को स्थायी अध्यक्ष चुना गया।

Q127. निम्नलिखित में से कौन-सा वाद ‘आपराधिक मन:स्थिति’ के सिद्धांत से संबंधित नहीं है ?
(a) स्वीट बनाम पार्सले
(b) शेराज बनाम डी रुटज़ेन
(c) नाथूलाल बनाम मध्य प्रदेश राज्य
(d) एम.एच. हॉस्कोट बनाम महाराष्ट्र राज्य

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Answer – (d)
व्याख्या: एम.एच. हॉस्कोट का वाद ‘विधिक सहायता’ (Legal Aid) और ‘त्वरित विचारण’ के अधिकार से संबंधित है। शेष तीनों वाद (स्वीट बनाम पार्सले, शेराज, नाथूलाल) आपराधिक मनःस्थिति के सिद्धांतों की व्याख्या करते हैं।

Q128. भा. ना.सु.सं., 2023 की निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत मजिस्ट्रेट परिवाद को खारिज करेगा ?
(a) धारा 225 (3)
(b) धारा 225 (2)
(c) धारा 227 (2)
(d) धारा 226

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Answer – (a)
व्याख्या: BNSS की धारा 226 (पूर्ववर्ती CrPC 203) मजिस्ट्रेट को यह शक्ति देती है कि यदि परिवादी के बयान के बाद उसे लगता है कि कार्यवाही के लिए पर्याप्त आधार नहीं है, तो वह परिवाद को खारिज कर सकता है।

Q129. ‘अ’, एक पुलिस अधिकारी, ‘ब’ को यह संस्वीकृति कराने के लिए कि उसने अपराध किया है, उसे उत्प्रेरित करने के लिए यातना देता है । भा.न्या.सं. की निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत पुलिस अधिकारी अपराध करने का दोषी है ?
(a) धारा 120 (1)
(b) धारा 118 (2)
(c) धारा 117 (2)
(d) धारा 123

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Answer – (b)
व्याख्या: BNS की धारा 118(2) (पूर्ववर्ती IPC 330) के अनुसार, यदि कोई लोक सेवक (जैसे पुलिस) किसी व्यक्ति से अपराध स्वीकार कराने के लिए उसे स्वेच्छा से उपहति कारित करता है, तो वह दंडनीय है।

Q130. ‘नागरिक उड्डयन कार्मिक पुलिस बल होगा’ का प्रावधानजोड़ा गया।
(a) उ.प्र. अधिनियम सं. 33 वर्ष 2001
(b) उ.प्र. अधिनियम सं. 32 वर्ष 2000
(c) उ.प्र. अधिनियम सं. 32 वर्ष 2001
(d) उ.प्र. अधिनियम सं. 33 वर्ष 2000

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Answer – (c)
व्याख्या: उत्तर प्रदेश पुलिस अधिनियम में वर्ष 2001 के संशोधन (अधिनियम संख्या 32) के माध्यम से नागरिक उड्डयन कर्मियों को पुलिस बल का हिस्सा माना गया।

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