Q101. नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है :
अभिकथन (A) : जो कोई भारत में से या विधिपूर्ण संरक्षकता में से साशय किसी व्यक्ति का अपहरण करता है, वह केवल कारावास से जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा।
कारण (R) : भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 137 के अधीन ‘विधिपूर्ण संरक्षक’ शब्दों के अंतर्गत ऐसा व्यक्ति आता है, जिस पर ऐसे शिशु या अन्य व्यक्ति की देखरेख या अभिरक्षा का भार विधिपूर्वक न्यस्त किया गया है ।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर का चयन कीजिए :
(a) (A) और (R) दोनों सत्य हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(b) (A) सत्य है, परन्तु (R) ग़लत है।
(c) (A) ग़लत है, परन्तु (R) सत्य है ।
(d) (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
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व्याख्या: अभिकथन (A) गलत है क्योंकि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137 (पूर्ववर्ती IPC 363) के अनुसार, अपहरण के लिए दंड केवल कारावास नहीं, बल्कि कारावास और जुर्माना दोनों है। कारण (R) सत्य है, क्योंकि धारा 137 स्पष्ट करती है कि ‘विधिपूर्ण संरक्षक’ में वह व्यक्ति भी शामिल है जिसे शिशु की अभिरक्षा कानूनी रूप से सौंपी गई है।
Q102. भा.न्या.सं., 2023 की निम्नलिखित में से किस धारा में ‘आतंकवादी कृत्य’ को परिभाषित किया गया है ?
(a) धारा 113
(b) धारा 112
(c) धारा 115
(d) धारा 114
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व्याख्या: भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 113 में पहली बार सामान्य आपराधिक कानून के भीतर ‘आतंकवादी कृत्य’ को विस्तार से परिभाषित किया गया है।
Q103. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 102 के अंतर्गत दस्तावेज़ के निबन्धनों में फेरफार करने वाले करार का साक्ष्य कौन दे सकेगा ?
(a) वे व्यक्ति जो दस्तावेज़ के पक्षकारों के हित प्रतिनिधि हैं
(b) वे व्यक्ति जो दस्तावेज़ के पक्षकार नहीं हैं एवं वे व्यक्ति जो दस्तावेज़ के पक्षकारों के हित प्रतिनिधि हैं, दोनों
(c) वे व्यक्ति जो दस्तावेज़ के पक्षकार नहीं हैं
(d) वे व्यक्ति जो दस्तावेज़ के पक्षकार हैं।
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व्याख्या: भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA), 2023 की धारा 102 (पूर्ववर्ती IEA 99) के अनुसार, जो व्यक्ति दस्तावेज़ के पक्षकार (Parties) नहीं हैं, वे दस्तावेज़ की शर्तों में बदलाव करने वाले किसी भी समकालीन मौखिक करार का साक्ष्य दे सकते हैं।
Q104. भा.ना.सु.सं., 2023 की धारा 42 के अंतर्गत गिरफ्तारी से किसे संरक्षण दिया गया है ?
(a) भारत के राष्ट्रपति को
(b) संसद सदस्यों को
(c) सशस्त्र बलों के सदस्यों को
(d) न्यायिक अधिकारियों को
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व्याख्या: BNSS की धारा 42 (पूर्ववर्ती CrPC 45) के अनुसार, संघ के सशस्त्र बलों के किसी भी सदस्य को उसके द्वारा अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में किए गए किसी कार्य के लिए तब तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा जब तक कि केंद्र सरकार की सहमति न मिल जाए।
Q105. भा.ना.सु.सं., 2023 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
प्रत्येक पुलिस अधिकारी गिरफ्तारी करने के दौरान :
1. अपने नाम की सही) दृश्यमान तथा स्पष्ट पहचान धारण करेगा।
2. गिरफ्तारी का ज्ञापन तैयार करेगा, जिसे कम-से-कम दो साक्षियों द्वारा प्रमाणित किया जाएगा।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(a) न तो 1, न ही 2
(b) 1 और 2 दोनों
(c) केवल 2
(d) केवल 1
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व्याख्या: BNSS की धारा 36 (पूर्ववर्ती CrPC 41B) के अनुसार, पुलिस अधिकारी के लिए अपनी स्पष्ट पहचान धारण करना और कम-से-कम एक साक्षी (जो परिवार का सदस्य या क्षेत्र का प्रतिष्ठित व्यक्ति हो) द्वारा प्रमाणित ‘गिरफ्तारी ज्ञापन’ (Arrest Memo) तैयार करना अनिवार्य है।
Q106. ‘क’ पर एक अपराध का आरोप है। यह तथ्य कि कथित अपराध के कारित होने के पश्चात् ‘क’ फ़रार हो गया, सुसंगत है। यह भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के किस प्रावधान के अन्तर्गत सुसंगत है ?
(a) धारा 5
(b) धारा 7
(c) धारा 6
(d) धारा 8
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व्याख्या: भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 8 (पूर्ववर्ती IEA 8) के अंतर्गत अभियुक्त का ‘आचरण’ (Conduct) सुसंगत होता है। अपराध के बाद फरार होना दोषपूर्ण मनःस्थिति को दर्शाने वाला आचरण माना जाता है।
Q107. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 2 ( 10 ) के अंतर्गत पद ‘लिंग’ को परिभाषित किया गया है जिसके अंतर्गत पुरुष, स्त्री या उभयलिंगी सम्मिलित हैं । उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 की किस धारा के अंतर्गत शब्द ‘उभयलिंगी’ परिभाषित है ?
(a) धारा 2 (घ)
(b) धारा 2 (ञ)
(c) धारा 2 (ट)
(d) धारा 2 (झ)
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व्याख्या: उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 की धारा 2 (t) (हिन्दी में 2 ‘ट’) के अंतर्गत ‘Transgender’ को परिभाषित किया गया है।
Q108. उ. प्र. पुलिस रेगुलेशन के अंतर्गत ग्राम चौकीदार अपने कर्तव्यों के सम्यक् पालन के लिए निम्नलिखित के प्रति उत्तरदायी है :
(a) जिला मजिस्ट्रेट
(b) पुलिस अधीक्षक
(c) अधीनस्थ उप-निरीक्षक
(d) पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी
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व्याख्या: उ.प्र. पुलिस रेगुलेशन और विलेज पुलिस एक्ट के प्रावधानों के अनुसार, ग्राम चौकीदार मुख्य रूप से जिला मजिस्ट्रेट के प्रति उत्तरदायी होता है, हालांकि वह पुलिस स्टेशन को रिपोर्ट करता है।
Q109. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की निम्नलिखित में से कौन-सी धारा कहती है, “वे तथ्य जो अन्यथा सुसंगत नहीं हैं, कब सुसंगत हैं” ?
(a) धारा 8
(b) धारा 9
(c) धारा 16
(d) धारा 18
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व्याख्या: भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 9 (पूर्ववर्ती IEA 11) उन तथ्यों को सुसंगत बनाती है जो किसी विवाद्यक तथ्य के साथ असंगत हों (जैसे अन्यत्र उपस्थिति का सिद्धांत)।
Q110. निम्नलिखित में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है ?
(अपराध) – (भा. न्या. सं., 2023 की धारा)
(a) उद्दापन – धारा 308 (1)
(b) डकैती – धारा 310 (1)
(c) चोरी – धारा 303 (1)
(d) लूट – धारा 308 (6)
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व्याख्या: BNS की धारा 310 ‘डकैती’ से संबंधित है, लेकिन इसकी उपधाराएं और क्रम पूर्ववर्ती IPC से भिन्न हैं। लूट और उद्दापन की धाराएं (308) सही हैं। डकैती की सजा और परिभाषा के प्रावधान 310 में विस्तारित हैं।
