इण्टरनेट (The internet)

इण्टरनेट कम्युनिकेशन का एक महत्वपूर्ण व दक्ष माध्यम है, जिसने काफी लोकप्रियता अर्जित की है। इण्टरनेट के माध्यम से लाखों व्यक्ति सूचनाओं, विचारों, ध्वनि, वीडियो क्लिप्स इत्यादि को कम्प्यूटरों के जरिए पूरी दुनिया में एक-दूसरे के साथ शेयर कर सकते हैं। यह विभिन्न आकारों व प्रकारों के नेटवर्को से मिलकर बना होता है।

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इण्टरनेट (Internet)

इसका पूरा नाम इण्टरनेशनल नेटवर्क है जिसे वर्ष 1950 में विंट कर्फ ने शुरू किया इन्हें इण्टरनेट का पिता कहा जाता है। इण्टरनेट “नेटवर्को का नेटवर्क है, जिसमें लाखों निजी व सार्वजनिक लोकल से ग्लोबल स्कोप वाले नेटवर्क होते हैं। सामान्यतः, “नेटवर्क दो या दो से अधिक कम्प्यूटर सिस्टमों को आपस में जोड़कर बनाया गया एक समूह है।”

internet user

इण्टरनेट पर उपलब्ध डेटा, प्रोटोकॉल द्वारा नियन्त्रित किया जाता है। TCP/IP द्वारा एक फाइल कई छोटे भागों में फाइल सर्वर द्वारा बाँटा जाता है। जिन्हें पैकेट्स कहा जाता है। इण्टरनेट पर सभी कम्प्यूटर आपस में इसी प्रोटोकॉल का प्रयोग करके वार्तालाप करते हैं।

इण्टरनेट का इतिहास (History of Internet)

सन् 1969 में, लास एंजेल्स् (Los Angeles) में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया (University of California) तथा युनिवर्सिटी ऑफ यूटा (University of Utah) BRYTE (ARPANET- Advanced Research Projects Agency Network) की शुरुआत के रूप में जुड़े। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के कम्प्यूटरों को आपस में कनेक्ट करना था। यह दुनिया का पहला पैकेट स्विचिंग नेटवर्क था।

80 के मध्य दशक मे, एक और संघीय एजेंसी राष्ट्रीय विज्ञान फाउंटेशन (National Science Foundation) ने एक नया उच्च क्षमता वाला नेटवर्क NSFnet बनाया जो ARPANET से अधिक सक्षम था। NSFnet में केवल यही कमी थी कि यह अपने नेटवर्क पर केवल शैक्षिक अनुसंधान की ही अनुमति देता था, किसी भी प्रकार के निजी व्यापार की अनुमति नहीं। इसी कारण निजी संगठनों, तथा लोगों ने अपने खुद के नेटवर्क का निर्माण करना शुरू कर दिया जिसने बाद में ARPANET तथा NSFnet से जुडकर इण्टरनेट का निर्माण किया।

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इण्टरनेट के लाभ (Advantages of Internet)

इण्टरनेट के लाभ निम्नलिखित हैं।

(a) दूसरे व्यक्तियों से आसानी से सम्पर्क बनाने की अनुमति देता है।
(b) इसके माध्यम से दुनिया में कहीं भी, किसी से भी सम्पर्क बनाया जा सकता है।
(c) इण्टरनेट पर डॉक्यूमेन्ट को प्रकाशित करने पर पेपर इत्यादि की बचत होती है।
(d) यह कम्पनियों के लिए कीमती संसाधन है। जिस पर वे व्यापार का विज्ञापन तथा लेन-देन भी कर सकते हैं।
(e) एक ही जानकारी को कई बार एक्सेस करने के बाद उसे पुनः सर्च करने में कम समय लगता है।

इण्टरनेट की हानियाँ (Disadvantages of Internet)

इण्टरनेट की हानियाँ निम्नलिखित हैं।

(a) कम्प्यूटर में वायरस के लिए यह सर्वाधिक उत्तरदायी है।
(b) इण्टरनेट पर भेजे गए सन्देशों को आसानी से चुराया जा सकता है।
(c) बहुत-सी जानकारी जाँची नहीं जाती। वह गलत या असंगत भी हो सकती है।
(d) अनैच्छिक तथा अनुचित डॉक्यूमेन्ट/तत्व कभी-कभी गलत लोगों (आतंकवादी) द्वारा इस्तेमाल कर लिए जाते हैं।
(e) साइबर धोखेबाज क्रेडिट/डेबिट कार्ड की समस्त जानकारी को चुराकर उसे गलत तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं।

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