क्या है जेनेवा संधि ? जेनेवा कन्वेंशन (1949) अंतरराष्ट्रीय संधियों का एक सेट है, जिसमें चार संधियां और तीन अतिरिक्त प्रोटोकॉल शामिल हैं। जिसका उद्देश्य युद्ध के समय मानवीय मूल्यों को बनाए
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के द्वारा सम्मिलित अवर अधीनस्थ (Lower Subordinate) सेवा प्रतियोगितात्मक परीक्षा 2016 के अंतर्गत विज्ञापित पदों के सापेक्ष चयन हेतु 15 जुलाई को लिखित परीक्षा
पेशावर कांड (Peshawar Kand) पेशावर कांड (Peshawar Kaand) की घटना ने गढ़वाल में सविनय अवज्ञा आन्दोलन को मजबूत गति प्रदान की। सन् 1930 के वर्ष में गढ़वाल की तीसरी बटालियन
डाडामण्डी में आन्दोलन (Movement in Dadamandi) उदयपुर और गुजडू के बाद भारत छोड़ो आन्दोलन डाडामण्डी क्षेत्र में प्रारम्भ हुआ। डाडामण्डी क्षेत्र के अन्तर्गत ही मिडिल स्कूल मटियाली के प्रधानाचार्य उमराव
गुजडू आन्दोलन (Gujadu Movement) गुजडू दक्षिण गढ़वाल का एक ग्रामीण इलाका है। यहाँ कांग्रेस को संगठित किया जाता था तथा आन्दोलन में भाग लेने वाले स्वयं सेवको की भर्ती के
सल्ट क्रांति (Salt Revolution) अल्मोड़ा का सल्ट क्षेत्र उस समय बहुत ही पिछड़ा था। इस क्षेत्र में पटवारी अफसरों को घूस देकर तबादला करवाते थे। गाँव में पहली बार पहुँचने
भारतीय थल सेना के अभ्यास विनबैक्स I विनबैक्स I – 30 जनवरी – 3 फरवरी 2018 शामिल देश – भारत और वियतनाम स्थान – जबलपुर, भारत पहली बार भारत-वियतनाम द्विपक्षीय
कंकोड़ाखाल आन्दोलन चमोली तहसील में आन्दोलन की बागडोर अनुसूया प्रसाद बहुगुणा को सौपी गयी थी। 1921 में नवयुवकों का एक सम्मेलन श्रीनगर गढ़वाल में आयोजित किया गया। दशजूला पटटी के
कुली बेगार और कुली बरदायष (Coolie Labor and Coolie Bardayash Movement) कुली–बेगार (Coolie Begar) में ब्रिटिश अधिकारियों की निःशुल्क सेवा करनी पड़ती थी एवं कुली-बरदायष (Coolie Bardayash) में खाद्य सामग्री
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