उत्तराखंड के प्रमुख गिरिद्वार (दर्रे)

उत्तराखण्ड हिमालय के उत्तर में ट्रान्स हिमालयी जैक्सर श्रेणियाँ, भारत तथा तिब्बत की जल – विभाजक रेखा बनाती हैं। इन श्रेणियों के मध्य आर-पार जाने के अनेक मार्ग हैं। इन मार्गों को गिरिद्वार (दर्रा) कहा जाता है। इन्हीं मार्गों से अतीत में भारत के उत्तरी सीमान्त की आदिम जातियों के, तिब्बती समाज से साँस्कृतिक सम्बन्ध स्थापित होते थे। व्यापार तथा लेन-देन भी इन्हीं मार्गों द्वारा होता था। सन् 1962 से पूर्व अतीत कालीन ‘शौका-हुणिया व्यापार’ के यह गिरिद्वार साक्षी हैं। कुछ प्रमुख गिरिद्वारों का विवरण निम्नवत् है –

दर्रे का नाम समुद्र-तल से ऊंचाई स्थान
लिपुलेख-गुंजी 5334 मीटर पिथौरागढ़-तिब्बत
दारमा-नवीधुरा 5800 मीटर पिथौरागढ़-तिब्बत
मानस्या-धुरा 5500 मीटर पिथौरागढ़-तिब्बत
लम्पियाधुरा 5600 मीटर पिथौरागढ़-तिब्बत
लेविधुरा 5580 मीटर पिथौरागढ़-तिब्बत
बालचा धुरा 5400 मीटर चमोली-तिब्बत
ऊँटा जयन्ती-किग्री विंग्री 5000 मीटर पिथौरागढ़-तिब्बत
माणा-डुग्रीला 5608 मीटर चमोली-तिब्बत
नेलंग-सागचोकला 5700 मीटर उत्तरकाशी-तिब्बत
थागला 6079 मीटर उत्तरकाशी-तिब्बत
ट्रेलपास 5356 मीटर बागेश्वर-पिथौरागढ़
नीती 5000 मीटर चमोली-तिब्बत
मुलिंग-ला 5669 मीटर उत्तरकाशी-तिब्बत
श्रीकंठ 1500 मीटर उत्तरकाशी-हिमाचल प्रदेश
लमलंग 4268 मीटर चमोली-तिब्बत
चोरी-होती 5044 मीटर चमोली-तिब्बत
शलशलला 4977 मीटर चमोली-तिब्बत
जैतीधुरा पिथौरागढ़
खागियासुम्ना पिथौरागढ़
नवीधुरा पिथौरागढ़
ऊँटाधुरा पिथौरागढ़
क्योगाड़ पिथौरागढ़
घाटमिला पिथौरागढ़
चिरबटिया (डुंग्रीला) तुनजन-ला चमोली
मरही-ला चमोली
कुरी चमोली
मोकधुरा चमोली
लमवंग चमोली
बरास उत्तरकाशी
शांगचोकला उत्तरकाशी

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