CTET Exam 2018 – Paper – II (Child Development and Pedagogy) Answer Key

CBSE conducted the CTET (Central Teacher Eligibility Test) Exam Paper held on 09th Dec 2018 Morning Shift. Here The CTET Solved Question Paper II (Class VI to VIII) Answer-key. 

CTET (Central Teachers Eligibility Test) Paper Second : Junior Level (Class 6 to Class 8).

परीक्षा (Exam) : CTET Paper II (Class VI to VIII) 
भाग (Part) : बाल विकास और शिक्षा-शास्त्र (Child Development and Pedagogy) 
परीक्षा आयोजक (Organized) : CBSE 
कुल प्रश्न (Number of Question) : 30
Paper Set – P
परीक्षा तिथि (
Exam Date) – 09th Dec 2018

 

CTET Exam 2018
Paper – 2 (Junior Level)
बाल विकास और शिक्षा-शास्त्र (Child Development and Pedagogy

 

निर्देश : निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए सही/सबसे उपयुक्त विकल्प चुनिए।

1. सृजनात्मकता को ________ की अवधारणा से संबंधित माना जाता है।
(1) रवादार बौद्धिकता
(2) अभिसृत सोच
(3) विविध सोच
(4) द्रव बौद्धिकता

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उत्तर – (3)

2. किसी भाषा के स्वीकृत ध्वनि संयोजनों को इसके ______ नियमों के अंतर्गत बताया जाता है।
(1) व्याकरणिक
(2) वाक्यात्मक
(3) विभक्ति-विषयक
(4) ध्वनि-संबंधी

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उत्तर – (4)

3. जब सोचने की प्रक्रिया किसी भाषा द्वारा प्रभावित होती है, तो ऐसी स्थिति को कहते हैं –
(1) भाषा निर्धारित
(2) संज्ञानात्मक पक्ष
(3) सामाजिक-भाषायी उद्धृत
(4) संस्कृति प्रभावित

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उत्तर – (1)

4. अपने अनुभवों और लक्षणों के आधार पर उपकरणों में खराबी के कारण की परिकल्पना का परीक्षण कर रवि उपकरणों की मरम्मत करता है। वह उपयोग करता है –
(1) कलन-विधि का
(2) मानसिक दृढ़ता का
(3) अनुमानी विधि को
(4) अंतर्दृष्टि का

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उत्तर – (3)

5. दिव्या अकसर निर्देशित कार्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर आसान बना लेती है। वह उपयोग करती है –
(1) द्वितीयक विस्तारण विधि का
(2) उपलक्ष्य विश्लेषण विधि का
(3) क्रियात्मक जड़ता नियामक विधि का
(4) कम करने की विधि का

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उत्तर – (2)

6. “पुरुष और महिला की भूमिकाओं का निर्धारण समाज करता है।” यह कथन बताता है कि –
(1) लैंगिकता एक आनुवंशिक प्रतिभा है।
(2) लैंगिकता एक अंतर्ज्ञानी अवतरण है।
(3) लैंगिकता एक सामाजिक अवतरण है।
(4) लैंगिकता एक अंतर्निहित अवतरण है।

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उत्तर – (3)

7. ग्रेडिंग, कोडिंग, अंकन और क्रेडिट संचय प्रणालियाँ _______ के कुछ उदाहरण हैं।
(1) कक्षा में बच्चों की स्थिति की निरूपण विधि
(2) आलेख-पत्र (रिपोर्ट कार्ड) में अकादमिक प्रगति को दर्शाने
(3) अधिगमकर्ताओं की उपलब्धि के आकलन की गणन-विधि
(4) परीक्षा के उत्तर-पत्रों के मूल्यांकन की प्रक्रिया

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उत्तर – (3)

8. अधिगमकर्ताओं की उपलब्धि का आकलन शिक्षकों की सहायता करता है –
(1) शिक्षण-अधिगम विधियों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने में
(2) कक्षाओं में अधिगमकर्ताओं के क्षमता समूह बनाने में
(3) शिक्षण के लिए गतिविधियों की सूची तैयार करने में
(4) अधिगमकर्ताओं के प्रदर्शन का रिकॉर्ड रखने में

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उत्तर – (1)

9. समावेशी शिक्षा ______ के सिद्धांत पर आधारित है।
(1) समता एवं समान अवसर
(2) सामाजिक अस्तित्व एवं वैश्वीकरण
(3) विश्व बंधुता
(4) सामाजिक संतुलन में लागू

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उत्तर – (1)

10. दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम वर्ष ____ किया गया है।
(1) 1995
(2) 1999
(3) 2016
(4) 1992

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उत्तर – (3)

11. व्यक्तिगत विविधताओं वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए ऐसे विद्यालय होने चाहिए जहाँ शिक्षक –
(1) विविध अधिगम आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न शिक्षण-अधिगम प्रविधियों का प्रयोग करने में प्रशिक्षित हों।
(2) विशिष्ट व्यक्तिगत विविधताओं वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित हों।
(3) बच्चों को प्रशिक्षित हों समरूप अधिगमकर्ता बनाने में
(4) व्यक्तिगत विविधताओं के आधार पर वर्गीकृत की गई कक्षाओं के विभिन्न वर्गों में पढ़ा सकें

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उत्तर – (1)

12. निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 दिव्यांग बच्चों की निःशुल्क शिक्षा के अधिकारों को सुनिश्चित करता है –
(1) 3 वर्ष से 18 वर्ष तक के लिए
(2) 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के लिए
(3) 6 वर्ष से 22 वर्ष तक के लिए
(4) 6 वर्ष से 18 वर्ष तक के लिए

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उत्तर – (2)

13. विविध अधिगमकर्ताओं के लिए सुगम्य स्वरूप में शिक्षण-अधिगम सामग्रियाँ प्रदान करने का तात्पर्य _________ से है।
(1) शिक्षण व्यावसायिकता की सार्वभौमिक संहिता
(2) शिक्षण के सार्वभौमिक मानववादी दृष्टिकोण
(3) अधिगम की सार्वभौमिक संरचना
(4) सार्वभौमिक समावेशी शिक्षा के नैतिक विचार

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उत्तर – (3)

14. स्वजागरूकता एवं संज्ञानात्मक क्षमताओं का नियंत्रण, जैसे – योजना बनाना, समीक्षा करना और संशोधन करना। इत्यादि ________ में अंतर्निहित हैं।
(1) संज्ञानबोध
(2) संज्ञान
(3) समायोजन
(4) केंद्रीकरण

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उत्तर – (1)

15. जब बच्चे प्राप्त की गई सूचनाओं की व्याख्या करने के लिए अपने अनुभवों के आधार पर सोचते हैं, तो उसे _______ कहा जाता है।
(1) सृजनात्मक सोच
(2) अमूर्त सोच
(3) मूर्त सोच
(4) प्रतिक्रियावादी सोच

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उत्तर – (3)

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