उत्तराखंड लोकसेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी परीक्षाओं (UKPSC/ UKSSSC) को मध्यनजर रखते हुए Exam Pillar आपके लिए Daily MCQs प्रोग्राम लेकर आया है। इस प्रोग्राम के माध्यम से अभ्यर्थियों को उत्तराखंड लोकसेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के परीक्षाओं के प्रारूप के अनुरूप वस्तुनिष्ठ अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराये जायेंगे।
Daily UKPSC / UKSSSC MCQs : उत्तराखंड (Uttarakhand)
08 December, 2025
| Read This UKPSC / UKSSSC Daily MCQ – (Uttarakhand) in English Language |
Q1. कुणिन्दों के विषय में प्राप्त पाँच अभिलेखों में से चार किस स्थान से मिले हैं?
(A) मथुरा
(B) भरहुत
(C) सारनाथ
(D) राजगृह
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Explanation: कुणिन्दों के पाँच अभिलेखों में चार भरहुत से और एक मथुरा से प्राप्त हुआ है। यह इस बात का संकेत है कि उस समय मध्य भारत तक भी उनका सांस्कृतिक प्रभाव पहुँचा हुआ था। सारनाथ और राजगृह बौद्ध केंद्र थे, जिनका कुणिन्द शासन से सीधा संबंध नहीं था।
Q2. कुणिन्दों के समकालीन कौन से गणराज्य माने जाते हैं?
(A) शक और हूण
(B) मौर्य और शुंग
(C) यौधेय और औदुम्बर
(D) कुषाण और सातवाहन
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Explanation: यौधेय और औदुम्बर गणराज्य कुणिन्दों के समकालीन थे। इन तीनों के सिक्के और शिलालेख उत्तर भारत के समान कालखंड में पाए गए हैं, जो समकालिक राजनीतिक और आर्थिक गतिविधियों की समानता दर्शाते हैं। अन्य विकल्पों में वर्णित राजवंश या तो पहले या बाद में उभरे।
Q3. अमोघभूति की मुद्राएं दक्षिण में किन दो स्थलों तक प्राप्त हुई हैं?
(A) हरिद्वार और काशी
(B) सुनेत और बेहत
(C) थत्यूड़ और कत्यूर घाटी
(D) श्रीनगर और पौड़ी
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Explanation: अमोघभूति की मुद्राएं दक्षिण में सुनेत (लुधियाना) और बेहत (सहारनपुर) तक प्राप्त हुई हैं। यह उनके शासन क्षेत्र की दक्षिणी सीमा को दर्शाता है। अन्य विकल्पों में उल्लिखित स्थान या तो उत्तर दिशा में हैं या अमोघभूति की मुद्रा-उपलब्धि से संबंधित नहीं हैं।
Q4. विदेशी लेखक टॉल्मी का योगदान कुणिन्दों के संदर्भ में क्या था?
(A) उन्होंने कुणिन्द भाषा पर शोध किया
(B) उन्होंने कुणिन्द शासन का भौगोलिक वर्णन किया
(C) उन्होंने कुणिन्द धर्म का विवरण दिया
(D) उन्होंने कुणिन्द शिलालेखों का अनुवाद किया
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Explanation: टॉल्मी (Ptolemy) ने अपने भूगोल ग्रंथ में कुणिन्द शासन का वर्णन किया, जिससे ज्ञात होता है कि उनका क्षेत्रीय प्रभाव इतना व्यापक था कि विदेशी विद्वानों ने भी उसका उल्लेख किया। उन्होंने न तो भाषा पर कोई विशेष अध्ययन किया और न धार्मिक या शिलालेखीय अनुवाद।
Q5. कुणिन्द शासक सुबाहु का उल्लेख किस ग्रंथ में मिलता है?
(A) अर्थशास्त्र
(B) महाभारत के वनपर्व में
(C) रामायण के उत्तरकांड में
(D) मनुस्मृति में
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Explanation: महाभारत के वनपर्व में कुणिन्द शासक सुबाहु का उल्लेख मिलता है। यह प्रमाणित करता है कि कुणिन्द वंश का ऐतिहासिक उल्लेख केवल अभिलेखों में ही नहीं, बल्कि महाकाव्य साहित्य में भी मिलता है। अन्य ग्रंथ जैसे अर्थशास्त्र या मनुस्मृति में कुणिन्दों का उल्लेख नहीं मिलता।
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