हास्य रस (Hasya Ras) किसी पदार्थ या व्यक्ति की असाधारण आकृति, वेशभूषा, चेष्टा आदि को देखकर हृदय में जो विनोद का भाव जाग्रत होता है, उसे हास कहा जाता है।
रौद्र रस (Raudra Ras) किसी व्यक्ति द्वारा क्रोध में किए गए अपमान आदि से उत्पन्न भाव की परिपक्वास्था को रौद्र रस कहा जाता है। धार्मिक महत्व के आधार पर इसका
अद्भुत रस (Adbhut Ras) किसी आश्चर्यजनक वर्णन से उत्पन्न विस्मय भाव की परिपक्वावस्था को अद्भुत रस कहा जाता है। भरतमुनि ने वीर रस से अद्भुत की उत्पत्ति बताई है तथा
श्रृंगार रस (Shringar Ras) नायक-नायिका के सौन्दर्य एवं प्रेम संबंधी वर्णन की सर्वोच्च (परिपक्व) अवस्था को श्रृंगार रस कहा जाता है। श्रृंगार रस को रसों का राजा/रसराज कहा जाता है। श्रृंगार
“विभावानुभावव्यभिचारि संयोगाद्रसनिष्पत्तिः।” अर्थात् विभाव, अनुभाव एवं व्यभिचारी भावों के संयोग से रस की निष्पत्ति होती है। यह रस-दशा ही हृदय का स्थाई भाव है। रस का शाब्दिक अर्थ ‘आनन्द’ है।
उत्तराखंड राज्य की सांस्कृतिक संस्थाएँ, उनका गठन व उद्देश्य (Cultural Institutions of Uttarakhand, their Formation and Objectives) संस्थान गठन (वर्ष) उद्देश्य श्रीराम सेवक सभा, नैनीताल 1918 नन्दादेवी और रामलीला आयोजन
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC – Uttarakhand Public Service Commission) द्वारा समूह ‘ग’ सहायक लेखाकार (Assistant Accountant) भर्ती परीक्षा का आयोजन दिनांक 07 मई, 2023 को किया गया। इस परीक्षा
वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा (Vardhaman Mahaveer Open University, Kota) द्वारा आयोजित RS-CIT (Rajasthan State Certificate In Information Technology) की परीक्षा दिनाकं 07 मई, 2023 को संपन्न हुई। इस परीक्षा
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