मैदान (Plain) धरातल पर पायी जाने वाली समस्त स्थलाकृतियों में मैदान (Plain) सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं। अति मंद ढाल वाली लगभग सपाट या लहरिया निम्न भूमि को मैदान कहते हैं।
पठारों का महत्त्व (Importance of Plateaus) लम्बे समय से लगातार अपरदन के कारण पठार के तल प्रायः असमतल हो गये हैं, जिसके कारण यहाँ, आवागमन के साधनों तथा जनसंख्या का
पठार (Plateau) पठार (Plateau) पृथ्वी की सतह का लगभग 18 प्रतिशत भाग घेरे हुये हैं। पठार एक बहुत विस्तृत ऊँचा भू–भाग है, जिसका सबसे ऊपर का भाग पर्वत के विपरीत
UGC द्वारा आयोजित की गई UGC-NET (National Eligibility Test) की परीक्षा (Exam) के अंतर्गत Junior Research Fellowship और Assistant Professor की परीक्षा का संपन्न कराई गई थी। इस परीक्षा के
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पर्वतों का आर्थिक महत्व (Economic importance of mountains) पर्वत हमारे लिए निम्न प्रकार से उपयोगी हैं – 1. संसाधनों के भण्डार – पर्वत प्राकृतिक सम्पदा के भंडार हैं। संयुक्त राज्य
पर्वतों का वर्गीकरण (Classification of Mountains) निर्माण क्रिया के आधार पर पर्वतों को निम्न चार भागों में वर्गीकृत किया जाता है। वलित पर्वत, खंड पर्वत, ज्वालामुखी पर्वत और अवशिष्ट पर्वत
कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल (Kumaun University, Nainital) द्वारा आयोजित B. Ed. की प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam 2019) का आयोजन दिनांक 31 मार्च 2019 को किया गया, इस परीक्षा का प्रश्नपत्र उत्तर
धरातल पर विद्यमान तीन विस्तृत स्थलरूप पर्वत, पठार और मैदान हैं जो भूपर्पटी के विरूपण का परिणाम हैं। इनमें से पर्वत सबसे रहस्यमयी रचना है। पर्वतों द्वारा पृथ्वी की सम्पूर्ण
कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल (Kumaun University, Nainital) द्वारा आयोजित B. Ed. की प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam 2019) का आयोजन दिनांक 31 मार्च 2019 को किया गया, इस परीक्षा का प्रश्नपत्र उत्तर
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