Daily MCQs - Environment and Ecology

Daily MCQs – पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी – 18 May 2024 (Sat)

Daily MCQs : पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी (Environment and Ecology)
18 May, 2024 (Saturday)

1. गहन निर्वाह कृषि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. गहन निर्वाह कृषि के अंतर्गत किसान बड़े भूखंड पर खेती करता है।
2. इसकी मुख्य फसल चावल है।
3. यह कृषि दक्षिणी, दक्षिणी-पूर्वी और पूर्वी एशिया के सघन जनसंख्या वाले मानसूनी प्रदेशों में प्रचलित है।
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(A) केवल 1
(B) केवल 1 और 2
(C) केवल 2 और 3
(D) 1, 2 और 3

Show Answer/Hide

उत्तर – (C)

व्याख्या –

  • गहन निर्वाह कृषि, निर्वाह कृषि का एक प्रकार है। इसके अंतर्गत किसान छोटे भूखंड पर साधारण और अधिक श्रम से खेती करता है। अधिक धूप वाले दिनों से युक्त जलवायु और उर्वर मृदा वाले खेत में एक वर्ष में एक से अधिक फसलें उगाई जा सकती हैं।
  • यहाँ की मुख्य फसल चावल होती है। अन्य फसलों में गेहूँ, मक्का, दलहन और तिलहन शामिल हैं।

2. आदिम निर्वाह कृषि के अंतर्गत शामिल हैः
(A) स्थानांतरी कृषि और चलवासी पशुचारण कृषि

(B) शुष्क भूमि कृषि और आर्द्रभूमि कृषि
(C) मिश्रित कृषि और रोपण कृषि
(D) सिंचित कृषि और वर्षा निर्भर कृषि

Show Answer/Hide

उत्तर – (A)

व्याख्या –

  • आदिम निर्वाह कृषि के अंतर्गत स्थानांतरी कृषि और चलवासी पशुचारण शामिल है।
  • स्थानांतरी कृषिः यह अमेजन बेसिन के सघन वन क्षेत्रों, उष्णकटिबंधीय अफ्रीका, दक्षिण-पूर्वी एशिया और उत्तर-पूर्वी भारत के क्षेत्रों में प्रचलित है। यहाँ वृक्षों को काटकर और जलाकर भूखंड को साफ किया जाता है तथा मक्का, रतालू, आलू और कसावा जैसी फसलों को उगाया जाता है।
  • चलवासी पशुचारणः यह सहारा के अर्द्धशुष्क और शुष्क प्रदेशों में मध्य एशिया और भारत के कुछ भागों, जैसे-राजस्थान एवं जम्मू-कश्मीर में प्रचलित है। इस प्रकार की कृषि में पशुचारक अपने पशुओं के साथ चारे और पानी के लिये एक स्थान से दूसरे स्थान पर निश्चित मार्गों से भ्रमण करते हैं। पशुचारक मुख्यतः भेड़, ऊँट मवेशी, याक और बकरियाँ पालते हैं।

3. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. मिश्रित कृषि यूरोप, पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका, अर्जेटीना, दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ्रीका में प्रचलित है।

2. 25 सेमी. या इससे कम वर्षा वाले क्षेत्रों में की जाने वाली कृषि शुष्क भूमि कृषि कहलाती है।
3. भारत के शुष्क भूमि कृषि मुख्यतः 100 सेमी. से कम वर्षा वाले प्रदेशों तक सीमित है।
4. चावल, जूट, गन्ना आर्द्रभूमि कृषि के अंतर्गत उगाई जाने वाली प्रमुख फसलें हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन- से सही हैं?
(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 2 और 3
(C) केवल 1, 2 और 4
(D) 1, 2, 3 और 4

Show Answer/Hide

उत्तर – (C)

व्याख्या –

  • मिश्रित कृषि का उपयोग भोजन व चारे की फसलें उगाने और पशुपालन के लिये किया जाता है। यह यूरोप, पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका, अर्जेंटीना, दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ्रीका में प्रचलित है।
  • भारत में शुष्क भूमि कृषि मुख्यतः उन प्रदेशों तक सीमित है जहाँ वार्षिक वर्षा 75 सेमी. से कम है। इस शुष्कता को सहन करने में सक्षम फसलों, जैसे-रागी, बाजरा, मूंग, चना तथा ज्वार आदि उगाई जाती हैं। अतः कथन (3) सही नहीं है
  • चावल, जूट, गन्ने की फसल को अधिक मात्रा में जल की आवश्यकता होती है। अतः ये फसलें उन क्षेत्रों में उगाई जाती हैं जहाँ वर्षा की मात्रा 100 से 200 सेमी. के बीच रहती है। ये क्षेत्र आर्द्रभूमि कृषि क्षेत्र कहलाते हैं।

4. कृषि के विभिन्न प्रकारों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. विशिष्ट खेती के अंतर्गत कुल आय का 50% किसी एक फसल से प्राप्त किया जाता है।

2. रैंचिंग खेती में भूमि की जुताई, बुआई, और फसलों का उत्पादन नहीं किया जाता है।
3. भारत के मध्य पूर्वी हिमालय, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम में आर्द्र या तर कृषि की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं हैं/है?
(A) केवल 1
(B) केवल 1 और 2
(C) केवल 2 और 3
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं।

Show Answer/Hide

उत्तर – (D)

व्याख्या –

  • विशिष्ट खेतीः विशिष्ट खेती से अभिप्राय उस कृषि से है जो अपनी कुल आय का कम-से-कम 50 % एक फसल से प्राप्त करे, जैसे- चाय, कहवा, गन्ना रबर आदि।
  • रैंचिंग खेतीः रैंचिंग खेती में भूमि की जुताई, बुआई फसलों का उत्पादन नहीं किया जाता है बल्कि प्राकृतिक वनस्पति पर विभिन्न प्रकार के पशुओं, जैसे- भेड़, बकरी इत्यादि को चराया जाता है। इस प्रकार की कृषि ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका एवं भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में की जाती है।
  • आर्द्र या तर कृषिः यह कृषि जलोढ़ मृदा के उन क्षेत्रों में प्रचलित है जहाँ वर्षा की मात्रा 200 सेमी. से अधिक पाई जाती है। इस प्रकार की खेती मध्य-पूर्वी हिमालय, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम में की जाती है।

5. निम्नलिखित को सुमेलित कीजियेः

सूची-I (कृषि क्रांति)  सूची-II (संबंधित क्षेत्र)
A. धूसर क्रांति  1. झींगा मछली उत्पादन
B. गोल क्रांति  2. फल (बागवानी) उत्पादन
C. गुलाबी क्रांति  3. उर्वरक उपभोग वृद्धि
D. सुनहरी क्रांति  4. आलू उत्पादन

कूट :
(A) A-2, B-1, C-3, D-4
(B) A-3, B-4, C-1, D-2
(C) A-2, B-3, C-4, D-1
(D) A-3, B-1, C-4, D-2

Show Answer/Hide

उत्तर – (B)

व्याख्याः सही सुमेलन हैः

सूची-I (कृषि क्रांति)  सूची-II (संबंधित क्षेत्र)
A. धूसर क्रांति  3. उर्वरक उपभोग वृद्धि
B. गोल क्रांति  4. आलू उत्पादन
C. गुलाबी क्रांति  1. झींगा मछली उत्पादन
D. सुनहरी क्रांति  2. फल (बागवानी) उत्पादन

 

Read Also :
All Daily MCQs  Click Here
Uttarakhand Study Material in Hindi Language (हिंदी भाषा में) Click Here
Uttarakhand Study Material in English Language
Click Here 
Uttarakhand Study Material One Liner in Hindi Language
Click Here
Previous Year Solved Paper  Click Here
UP Study Material in Hindi Language   Click Here
Bihar Study Material in Hindi Language Click Here
MP Study Material in Hindi Language Click Here
Rajasthan Study Material in Hindi Language Click Here

Leave a Reply

Your email address will not be published.

State

Bihar
Madhya Pradesh
Rajasthan
Uttarakhand
Uttar Pradesh

E-Book

Subjects

Category
error: Content is protected !!