Q141. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 का निम्नलिखित में से कौन-सा उपबन्ध प्रावधान करता है कि “जहाँ किसी वीडियो रिकॉर्डिंग को इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप में एक साथ संग्रहित किया जाता है और किसी अन्य व्यक्ति को पारेषित या प्रसारित या अंतरित किया जाता है, तो प्रत्येक संग्रहित रिकॉर्डिंग प्राथमिक साक्ष्य है” ?
(a) धारा 57 के स्पष्टीकरण के अनुसार
(b) धारा 57 के स्पष्टीकरण 6 के अनुसार
(c) धारा 57 के स्पष्टीकरण 7 के अनुसार
(d) धारा 57 के स्पष्टीकरण 5 के अनुसार
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व्याख्या: भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA), 2023 की धारा 57 प्राथमिक साक्ष्य (Primary Evidence) की व्याख्या करती है। इसके स्पष्टीकरण 7 में विशेष रूप से यह प्रावधान जोड़ा गया है कि यदि कोई वीडियो रिकॉर्डिंग इलेक्ट्रॉनिक रूप में संग्रहित है और उसे प्रसारित या अंतरित किया जाता है, तो प्रत्येक संग्रहित प्रति प्राथमिक साक्ष्य मानी जाएगी।
Q142. पुलिस अधिनियम, 1861 की निम्नलिखित में से किस धारा विशेष पुलिस अधिकारी की नियुक्ति का प्रावधान दर्शाया गया है ?
(a) धारा 17
(b) धारा 20
(c) धारा 16
(d) धारा 19
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व्याख्या: पुलिस अधिनियम, 1861 की धारा 17 के अंतर्गत, जब किसी स्थान पर शांति भंग होने की आशंका हो और स्थानीय पुलिस बल पर्याप्त न हो, तो मजिस्ट्रेट के पास विशेष पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति करने की शक्ति होती है।
Q143. एक अठारह वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति अपनी सहमति से मृत्यु का जोखिम उठाता है। वह कार्य जिससे उपरोक्त व्यक्ति मृत्यु होती है, वह है :
(a) हत्या
(b) हत्या की कोटि में न आने वाला आपराधिक मानव वध
(c) हत्या का प्रयत्न
(d) घोर उपहति
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व्याख्या: यह समस्या भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 101 [पूर्ववर्ती IPC 300] के अपवाद 5 पर आधारित है। यदि 18 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति अपनी सहमति से मृत्यु का जोखिम उठाता है, तो उसे कारित करने वाला व्यक्ति हत्या का दोषी नहीं, बल्कि ‘आपराधिक मानव वध’ का दोषी होता है।
Q144. जाँचों और विचारणों के बारे में साधारण उपबंध भा.ना.सु.सं., 2023 के किस अध्याय में उल्लिखित हैं?
(a) 29
(b) 28
(c) 27
(d) 26
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व्याख्या: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 का अध्याय 28 जाँचों और विचारणों (Inquiries and Trials) से संबंधित सामान्य प्रावधानों को समाहित करता है। (पूर्ववर्ती CrPC में यह अध्याय 24 था)।
Q145. ‘धन विधेयक’ को भारत के संविधान के किस अनुच्छेद में परिभाषित किया गया है ?
(a) अनुच्छेद 109 में
(b) अनुच्छेद 107 में
(c) अनुच्छेद 110 में
(d) अनुच्छेद 108 में
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व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 110 में धन विधेयक को परिभाषित किया गया है। अनुच्छेद 109 में धन विधेयक के संबंध में विशेष प्रक्रिया (लोकसभा की विशेष शक्ति) का वर्णन है।
Q146. ‘क’, ‘य’ को किसी इलेक्ट्रॉनिक युक्ति के माध्यम से यह संदेश भेजकर धमकी देता है कि “तुम्हारा बच्चा मेरे कब्ज़े में है और उसे मार दिया जाएगा यदि तुम मुझे दस लाख रुपए नहीं देते हो ।” “क’ इस प्रकार ‘य’ को उसे पैसे देने के लिए उत्प्रेरित करता है । ‘क’ ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत कौन-सा अपराध किया है ?
(a) उद्दापन का
(b) डकैती का
(c) चोरी का
(d) लूट का
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व्याख्या: BNS की धारा 308 (पूर्ववर्ती IPC 383) के अनुसार, किसी व्यक्ति को क्षति के भय में डालकर संपत्ति प्राप्त करना उद्दापन है। इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दी गई धमकी भी इसी श्रेणी में आती है।
Q147. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
(a) जमानतीय अपराध: धारा 2(1)(ग) भा.ना.सु.सं., 2023
(b) जाँच : धारा 2(1)(ट) भा.ना.सु.सं., 2023
(c) संज्ञेय अपराध : धारा 2(1)(घ) भा.ना.सु.सं., 2023
(d) अन्वेषण : : धारा 2(1)(ठ) भा.ना.सु.सं., 2023
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व्याख्या: BNSS की धारा 2 में परिभाषाएं दी गई हैं। जमानतीय अपराध (Bailable Offence) को धारा 2(1)(क) में परिभाषित किया गया है। विकल्प (a) सुमेलित नहीं है। अन्य विकल्प सही हैं (जाँच-2(1)(ट), संज्ञेय-2(1)(घ), अन्वेषण-2(1)(ठ))।
Q148. सर्वोच्च न्यायालय की ‘न्यायिक पुनर्विलोकन’ की शक्ति का अर्थ है :
(a) अपने निर्णयों का पुनर्विलोकन’
(b) विधियों की संवैधानिकता की जाँच करना
(c) देश में न्यायपालिका के कृत्यों का पुनर्विलोकन
(d) संविधान का समय-समय पर पुनर्विलोकन करना
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व्याख्या: न्यायिक पुनर्विलोकन का अर्थ है न्यायपालिका की वह शक्ति जिसके द्वारा वह व्यवस्थापिका द्वारा बनाए गए कानूनों और कार्यपालिका के आदेशों की जाँच करती है कि वे संविधान के प्रावधानों के अनुरूप हैं या नहीं।
Q149. जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति निम्नलिखित के द्वारा की जाती है :
(a) राज्य के मुख्यमंत्री
(b) राज्य लोक सेवा आयोग
(c) उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
(d) राज्य के राज्यपाल
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व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार, किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पदस्थापना और पदोन्नति उस राज्य के राज्यपाल द्वारा संबंधित उच्च न्यायालय के परामर्श से की जाती है।
Q150. भा. ना.सु. सं., 2023 की धारा 356 के अंतर्गत किसी उद्घोषित अपराधी द्वारा दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील दायर करने की परिसीमा अवधि है :
(a) 3 वर्ष
(b) 1 वर्ष
(c) 6 माह
(d) 2 वर्ष
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व्याख्या: BNSS, 2023 की धारा 356 के अंतर्गत, यदि कोई उद्घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) अपनी अनुपस्थिति में हुई दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील करना चाहता है, तो उसके लिए एक विशिष्ट परिसीमा अवधि (Limitation Period) का प्रावधान किया गया है, जो सामान्यतः 3 वर्ष तक विस्तृत हो सकती है।
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