UKPSC UKSSSC Daily MCQ – (Uttarakhand) – 24 January 2026

UKPSC / UKSSSC Daily MCQ – (Uttarakhand) – 24 January 2026

January 24, 2026

उत्तराखंड लोकसेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी परीक्षाओं (UKPSC/ UKSSSC) को मध्यनजर रखते हुए Exam Pillar आपके लिए Daily MCQs प्रोग्राम लेकर आया है। इस प्रोग्राम के माध्यम से अभ्यर्थियों को उत्तराखंड लोकसेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के परीक्षाओं के प्रारूप के अनुरूप वस्तुनिष्ठ अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराये जायेंगे। 

Daily UKPSC / UKSSSC MCQs : उत्तराखंड (Uttarakhand)
24 January, 2026 

Read This UKPSC / UKSSSC Daily MCQ – (Uttarakhand) in English Language

 

Q1. कार्तिकेयपुर राजाओं के ताम्रपत्रों में विभिन्न जातियों (खस, द्रविड़, कलिंग, गौड़, आंध्र, हूण, चांडाल) के नाम आने का क्या संकेत देता है?
(A) इसका अर्थ है कि ये सभी जातियां पूर्णतः अलग-अलग क्षेत्रों में रहती थीं
(B) या तो ये जातियां कार्तिकेयपुर क्षेत्र में आकर बसी हों या फिर कत्यूर शासकों का शासन दक्षिण के प्रांतों तक विस्तृत रहा हो
(C) इसका मतलब है कि कत्यूर शासकों ने इन जातियों को निर्वासित किया था
(D) यह केवल एक सांकेतिक संदर्भ है, जिसका वास्तविक अर्थ नहीं है

Show Answer/Hide

Answer: B
Explanation: कार्तिकेयपुर राजाओं के ताम्रपत्रों में खस, द्रविड़, कलिंग, गौड़, आंध्र, हूण और चांडाल जैसी जातियों के नाम आना इस बात का संकेत देता है कि या तो ये विभिन्न जातियां समय के साथ कार्तिकेयपुर क्षेत्र में आकर बसी थीं, या फिर कत्यूर शासकों का शासनाधिकार दक्षिण भारत के विभिन्न प्रांतों तक विस्तृत था। उदाहरण के लिए, गौड़ बंगाल से, द्रविड़ दक्षिण से, आंध्र आंध्र प्रदेश से संबंधित थे। यह बहु-सांस्कृतिक और भौगोलिक विस्तार को दर्शाता है, जो मध्य हिमालयी क्षेत्र में अप्रत्याशित लग सकता है, परंतु यह वाणिज्यिक मार्गों, विजय अभियानों या जनसंख्या गतिविधि का संकेत है। विकल्प A गलत है क्योंकि ये जातियां ताम्रपत्रों में उल्लिखित हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि निर्वासन का कोई सबूत नहीं है। विकल्प D भी गलत है क्योंकि यह बहुत वास्तविक प्रशासनिक और जनसांख्यिकीय जानकारी देता है।

Q2. कत्यूरी अभिलेखों में प्राप्त सामाजिक वर्ग विभाजन किस प्रकार की संरचना दर्शाता है?
(A) केवल ब्राह्मण और क्षत्रिय दो वर्ग थे
(B) चार प्रकार का वर्ग विभाजन था – ब्राह्मण, क्षत्रिय, खस, चांडाल
(C) दस प्रकार के वर्ग थे जिनमें शूद्र भी शामिल थे
(D) कोई वर्ग विभाजन नहीं था

Show Answer/Hide

Answer: B
Explanation: कत्यूरी अभिलेखों में चार प्रकार का वर्ग विभाजन मिलता है – ब्राह्मण, क्षत्रिय, खस और चांडाल। यह वर्गीकरण पारंपरिक चातुर्वर्ण व्यवस्था से भिन्न है क्योंकि यहाँ वैश्य और शूद्र के स्थान पर ‘खस’ का उल्लेख है, जो संभवतः स्थानीय पर्वतीय या गैर-आर्य जनजाति को दर्शाता है। ‘चांडाल’ सामाजिक पदानुक्रम में सबसे निचला वर्ग था। यह विभाजन कत्यूरी समाज की जटिल संरचना को प्रदर्शित करता है, जहाँ आर्य और गैर-आर्य दोनों तत्व सहअस्तित्व रखते थे। विकल्प A अपूर्ण है। विकल्प C गलत है क्योंकि चार वर्ण थे, दस नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि स्पष्ट वर्ण विभाजन था।

Q3. ललितसूरदेव के पांडुकेश्वर ताम्रपत्र में तत्कालीन समाज का वर्णन किस पद से किया गया है?
(A) षोडश प्रकृति
(B) अष्टादश प्रकृति
(C) चतुर्विंश प्रकृति
(D) द्वादश प्रकृति

Show Answer/Hide

Answer: B
Explanation: ललितसूरदेव के पांडुकेश्वर ताम्रपत्र में तत्कालीन समाज की प्रशंसा ‘अष्टादश प्रकृति’ (अठारह गुण) कहकर की गई है। ‘अष्टादश’ का अर्थ अठारह है और ‘प्रकृति’ का अर्थ गुण, स्वभाव या प्रकृति है। यह पद समाज की बहुआयामी विशेषताओं, गुणों और सद्गुणों को संदर्भित करता है। यह एक काव्यात्मक और प्रशंसामय वर्णन है जो ललितसूरदेव के समय के समाज की समृद्धि, सभ्यता और नैतिक मूल्यों को दर्शाता है। विकल्प A, C और D अन्य संख्याएँ हैं, परंतु पांडुकेश्वर ताम्रपत्र में विशेष रूप से ‘अष्टादश प्रकृति’ का उल्लेख है।

Q4. कत्यूरी वंश के पतन के मुख्य कारणों के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?
(A) वंश का पतन केवल बाहरी आक्रमणों के कारण हुआ
(B) वंश का पतन केवल आंतरिक विरोधों के कारण हुआ
(C) वंश का पतन अत्याचारी शासन और बाहरी आक्रमणों के कारण हुआ
(D) वंश का पतन प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुआ

Show Answer/Hide

Answer: C
Explanation: कत्यूरी वंश के पतन का कारण अत्याचारी शासन और वाह्य आक्रमण दोनों ही थे। अत्याचारी शासन का अर्थ है कि वंश के अवसान के समय के शासकों ने जनहितकारी नीतियों का परित्याग कर दमनकारी नीतियाँ अपनाई होंगी, जिससे जनता में असंतोष पैदा हुआ। साथ ही, बाहर से आक्रमण (जैसे पाल और सेन राजवंशों के आक्रमण, या बाद में मुस्लिम आक्रमण) ने राजवंश को कमजोर किया होगा। ये दोनों कारक – आंतरिक कमजोरी और बाहरी दबाव – मिलकर वंश के पतन का कारण बने। विकल्प A और B एकमात्र कारण दर्शाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि प्राकृतिक आपदा प्रमुख कारण नहीं था।

Q5. कार्तिकेयपुर राज्य के प्रशासनिक ढांचे और सामाजिक व्यवस्था के समन्वय के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा निष्कर्ष सर्वाधिक उपयुक्त है?
(A) कार्तिकेयपुर एक सामंती प्रणाली थी जिसमें कोई प्रशासनिक संरचना नहीं थी
(B) कार्तिकेयपुर एक सुसंगठित राज्य था जिसमें स्पष्ट प्रशासनिक पदानुक्रम, विविध सामाजिक वर्ग, संचार व्यवस्था और भूमि प्रबंधन की व्यवस्था थी
(C) कार्तिकेयपुर केवल एक धार्मिक केंद्र था, कोई राजनीतिक इकाई नहीं
(D) कार्तिकेयपुर राज्य की कोई पहचान नहीं थी

Show Answer/Hide

Answer: B
Explanation: कार्तिकेयपुर राज्य एक अत्यंत सुसंगठित और प्रशासनिक रूप से विकसित राज्य था। इसके कई प्रमाण हैं: पहला, प्रमवातार जैसे विशिष्ट पद भूमि प्रबंधन के लिए थे। दूसरा, गमागमि जैसे अधिकारी संचार व्यवस्था को संचालित करते थे। तीसरा, राजभाषा (संस्कृत) और लोकभाषा (पालि) दोनों का प्रयोग द्विभाषिक प्रशासन दर्शाता है। चौथा, स्पष्ट चार-वर्गीय सामाजिक विभाजन एक जटिल सामाजिक संरचना को दर्शाता है। पाँचवाँ, ताम्रपत्र और अभिलेखों की विविधता प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाती है। छठा, मंदिर निर्माण और धार्मिक दान की परंपरा राजकीय संरक्षण को दर्शाती है। सातवाँ, विभिन्न जातियों और क्षेत्रों का उल्लेख सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि स्पष्ट प्रशासनिक संरचना थी। विकल्प C और D भी गलत हैं क्योंकि कार्तिकेयपुर एक शक्तिशाली राजनीतिक और प्रशासनिक इकाई था।

Read Also :

Leave a Reply

Your email address will not be published.

UKSSSC Graduation Level Exam 2025 Mock Test Series

UKSSSC Graduation Level Exam 2025 Mock Test Series

SOCIAL PAGE

E-Book UK Polic

Uttarakhand Police Exam Paper

CATEGORIES

error: Content is protected !!
Go toTop
error: Content is protected !!
Go toTop