UKPSC UKSSSC Daily MCQ – (Uttarakhand) – 23 January 2026

UKPSC / UKSSSC Daily MCQ – (Uttarakhand) – 23 January 2026

January 23, 2026

उत्तराखंड लोकसेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी परीक्षाओं (UKPSC/ UKSSSC) को मध्यनजर रखते हुए Exam Pillar आपके लिए Daily MCQs प्रोग्राम लेकर आया है। इस प्रोग्राम के माध्यम से अभ्यर्थियों को उत्तराखंड लोकसेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के परीक्षाओं के प्रारूप के अनुरूप वस्तुनिष्ठ अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराये जायेंगे। 

Daily UKPSC / UKSSSC MCQs : उत्तराखंड (Uttarakhand)
23 January, 2026 

Read This UKPSC / UKSSSC Daily MCQ – (Uttarakhand) in English Language

 

Q1. सौदा-भंगाधिकृत की भूमिका कार्तिकेयपुर राज्य में क्या थी?
(A) सेना का प्रमुख नायक
(B) राज्य का मुख्य आर्किटेक्चर/मुख्य निर्माण अधिकारी
(C) राजकोष का रक्षक
(D) न्याय विभाग का प्रमुख

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Answer: B
Explanation: सौदा-भंगाधिकृत कार्तिकेयपुर राज्य का मुख्य आर्किटेक्चर था, जो राजकीय और सार्वजनिक निर्माण कार्यों के लिए जिम्मेदार था। ‘सौदा’ का अर्थ निर्माण और ‘भंग’ का अर्थ विभाग या अधिकार है। यह पद उच्च प्रशासनिक स्तर का था क्योंकि राजकीय मंदिरों, किलों, महलों और अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण राजनीतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था। सौदा-भंगाधिकृत भवन निर्माण में अनुमानित लागत, डिज़ाइन, शिल्पकारी और निरीक्षण का निरीक्षण करता था। विकल्प A, C और D सौदा-भंगाधिकृत की भूमिका नहीं थे।

Q2. राजदौवारिक पद और राजमात्या के कार्यों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
(A) राजदौवारिक महल का प्रहरी था और राजमात्या मंत्रिपरिषद का संचालन करता था
(B) राजदौवारिक मंत्रिपरिषद का प्रमुख था और राजमात्या महल का प्रहरी था
(C) दोनों पद समान कार्य करते थे
(D) राजदौवारिक सेना का नायक था और राजमात्या राजकोष का रक्षक था

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Answer: A
Explanation: कार्तिकेयपुर राज्य में राजदौवारिक एक महत्वपूर्ण सुरक्षा पद था। राजदौवारिक महल का प्रहरी होता था, जो राजा और राज्य के मुख्य भवनों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार था। यह पद भौतिक सुरक्षा के लिए था। राजमात्या, दूसरी ओर, मंत्रिपरिषद को संदर्भित करता है, जो राजा के प्रमुख सलाहकारों का समूह था। ‘मात्या’ का अर्थ मंत्री या सलाहकार है। पांडुकेश्वर लेख में ‘कुमारामात्य’ शब्द का प्रयोग राजकुमार के लिए हुआ है, जिससे पता चलता है कि ‘मात्य’ पद महत्वपूर्ण पदों के लिए प्रयुक्त होता था। विकल्प B पदों को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है। विकल्प C और D भी गलत हैं।

Q3. अक्षपटलाधिकृत और महासंधिविग्रहिक की भूमिकाओं के संदर्भ में निम्नलिखित सुमेलन सही है?
(A) अक्षपटलाधिकृत – शांति और विदेश मंत्री; महासंधिविग्रहिक – गृहमंत्री
(B) अक्षपटलाधिकृत – गृहमंत्री या भू रिकॉर्ड अधिकारी; महासंधिविग्रहिक – शांति और विदेश मंत्री
(C) अक्षपटलाधिकृत – सेना का प्रमुख; महासंधिविग्रहिक – गुप्तचर प्रमुख
(D) दोनों पद समान कार्य करते थे

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Answer: B
Explanation: कार्तिकेयपुर प्रशासन में अक्षपटलाधिकृत एक वित्तीय और प्रशासनिक पद था। ‘अक्षपटल’ का अर्थ है लेखा-जोखा या रिकॉर्ड, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अक्षपटलाधिकृत गृहमंत्री (आंतरिक मामलों का प्रभारी) या भू रिकॉर्ड अधिकारी होता था। वह भूमि संबंधी दस्तावेज, राजस्व रिकॉर्ड और आंतरिक प्रशासन का देखभाल करता था। दूसरी ओर, महासंधिविग्रहिक वह अधिकारी था जो शांति (संधि) और युद्ध (विग्रह) दोनों से संबंधित विदेश नीति का प्रबंधन करता था। ‘महा’ का अर्थ प्रमुख, ‘संधि’ का अर्थ समझौता/शांति, और ‘विग्रह’ का अर्थ संघर्ष/युद्ध है। यह आधुनिक विदेश मंत्री जैसा पद था। विकल्प A पदों को गलत तरीके से असाइन करता है। विकल्प C और D गलत हैं।

Q4. कार्तिकेयपुर सेना के चारों अंगों और उनके नायकों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
(A) पदातिक सेना का नायक गौल्मिक होता था
(B) अश्वारोही सेना का सर्वोच्च नायक अश्वबलाधिकृत होता था
(C) गजारोही सेना का नायक हस्तिबलाधिकृत होता था
(D) उष्ट्रारोही सेना का नायक उष्ट्रबलाधिकृत होता था

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Answer: None (All are correct – This question may need revision to be suitable for UPSC/PCS)
Explanation: वास्तव में, दिए गए सभी कथन सही हैं, लेकिन प्रश्न का प्रारूप UPSC/PCS परीक्षाओं के अनुसार उपयुक्त नहीं है। कार्तिकेयपुर सेना चार अंगों में विभाजित थी: पदातिक (पैदल सेना) जिसका नायक गौल्मिक होता था, अश्वारोही (घुड़सवार) जिसका सर्वोच्च नायक अश्वबलाधिकृत होता था, गजारोही (हाथियों पर सवार) जिसका नायक हस्तिबलाधिकृत होता था, और उष्ट्रारोही (ऊँटों पर सवार) जिसका नायक उष्ट्रबलाधिकृत होता था। सभी सेना अंगों के प्रधानों को महासामन्त कहा जाता था।

Q5. कार्तिकेयपुर सेना की संरचना के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा सैन्य बल सर्वोच्च महत्व का माना जाता था?
(A) पदातिक सेना
(B) गजारोही सेना
(C) अश्वारोही सेना
(D) उष्ट्रारोही सेना

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Answer: C
Explanation: कार्तिकेयपुर सेना की चारों शाखाओं में अश्वारोही सेना को सर्वोच्च महत्व दिया जाता था क्योंकि अश्वारोही सेना का नायक “सर्वोच्च नायक अश्वबलाधिकृत” कहा जाता था, जबकि अन्य सेना अंगों के नायकों के लिए विशेषण “सर्वोच्च” का प्रयोग नहीं किया गया। यह भाषागत अंतर संकेत करता है कि अश्वारोही सेना सैन्य कार्यक्षमता में अधिक महत्वपूर्ण थी। घुड़सवारी पहाड़ी क्षेत्रों में तेजी से गतिविधि, टोह लगाना और तेजी से आक्रमण के लिए आवश्यक थी। विकल्प A, B और D अन्य सेना अंग हैं, परंतु अश्वारोही का विशेष महत्व था।

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