UKPSC UKSSSC Daily MCQ – (Uttarakhand) – 22 January 2026

UKPSC / UKSSSC Daily MCQ – (Uttarakhand) – 22 January 2026

January 22, 2026

उत्तराखंड लोकसेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी परीक्षाओं (UKPSC/ UKSSSC) को मध्यनजर रखते हुए Exam Pillar आपके लिए Daily MCQs प्रोग्राम लेकर आया है। इस प्रोग्राम के माध्यम से अभ्यर्थियों को उत्तराखंड लोकसेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के परीक्षाओं के प्रारूप के अनुरूप वस्तुनिष्ठ अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराये जायेंगे। 

Daily UKPSC / UKSSSC MCQs : उत्तराखंड (Uttarakhand)
22 January, 2026 

Read This UKPSC / UKSSSC Daily MCQ – (Uttarakhand) in English Language

 

Q1. कार्तिकेयपुर राज्य के सीमा सुरक्षा तंत्र में निम्नलिखित अधिकारियों की भूमिका के संदर्भ में सही सुमेलन कौन सा है?
(A) प्रान्तपाल – नदी घाटों पर आगमन सुविधा; नरपति – सीमाओं की सुरक्षा
(B) प्रान्तपाल – सीमाओं की सुरक्षा; घट्टपाल – गिरीद्वारों के रक्षक; वर्मपाल – सीमावर्ती मार्गों पर निगरानी
(C) घट्टपाल – सीमाओं की सुरक्षा; वर्मपाल – गिरीद्वारों के रक्षक
(D) नरपति – गिरीद्वारों के रक्षक; प्रान्तपाल – नदी घाटों पर व्यक्तियों पर निगरानी

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Answer: B
Explanation: कार्तिकेयपुर राज्य के सीमा सुरक्षा प्रणाली में तीन प्रमुख अधिकारी थे जिनकी भूमिकाएँ स्पष्ट थीं। प्रान्तपाल का मुख्य कर्तव्य सीमाओं की सुरक्षा निश्चित करना था, जो कि सीमांत क्षेत्रों की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी थी। घट्टपाल गिरीद्वारों (पर्वत दर्रों, उत्तीर्ण स्थलों) के रक्षक होते थे, जो पहाड़ी क्षेत्रों में प्रवेश द्वार को नियंत्रित करते थे। वर्मपाल सीमावर्ती मार्गों पर आवागमन में व्यक्तियों पर निगरानी रखते थे। विकल्प A गलत सुमेलन दर्शाता है। विकल्प C अधिकारियों की भूमिकाएँ उल्टी बताता है। विकल्प D भी गलत सुमेलन है। पर्वतीय क्षेत्र में गिरीद्वार (पहाड़ी रास्तों) की सुरक्षा सर्वाधिक महत्वपूर्ण थी।

Q2. कार्तिकेयपुर राज्य में नरपति के कार्यों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
(A) नरपति केवल नदी पार करने में सहायता प्रदान करता था
(B) नरपति नदी घाटों पर आगमन सुविधा और कर वसूली दोनों के लिए जिम्मेदार था
(C) नरपति केवल नदी पार करने वालों से कर वसूल करता था
(D) नरपति गिरीद्वारों की सुरक्षा के लिए नियुक्त था

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Answer: B
Explanation: नरपति कार्तिकेयपुर राज्य में एक द्वैध भूमिका निभाता था। उसका पहला कार्य नदी घाटों (नदी पार करने के स्थलों) पर आगमन की सुविधा सुनिश्चित करना था, जो यातायात और वाणिज्य के लिए आवश्यक था। दूसरा, वह इन घाटों पर राजस्व संग्रह करता था, अर्थात् नदी पार करने वालों, व्यापारियों और यात्रियों से कर वसूल करता था। यह राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत था, विशेषकर व्यापारिक मार्गों पर। विकल्प A केवल सुविधा का उल्लेख करता है, कर वसूली को नहीं। विकल्प C केवल कर को दर्शाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि गिरीद्वारों की सुरक्षा घट्टपाल की जिम्मेदारी थी।

Q3. अपराधी नियंत्रण और गुप्तचर विभाग के संदर्भ में कार्तिकेयपुर प्रशासन में निम्नलिखित अधिकारियों की भूमिका क्या थी?
(A) दोषापराधिक अपराधियों को पकड़ने वाला निम्न अधिकारी था और दुःसाध्यसाधनिक भी समान कार्य करता था
(B) दोषापराधिक अपराधियों को पकड़ने वाला सर्वोच्च अधिकारी था जबकि दुःसाध्यसाधनिक गुप्तचर विभाग का सर्वोच्चाधिकारी था
(C) दोषापराधिक गुप्तचर विभाग का प्रमुख था और दुःसाध्यसाधनिक अपराधियों को पकड़ता था
(D) ये दोनों अधिकारी केवल सैन्य विभाग में कार्य करते थे

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Answer: B
Explanation: कार्तिकेयपुर राज्य के आंतरिक सुरक्षा तंत्र में दोषापराधिक और दुःसाध्यसाधनिक दोनों महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। दोषापराधिक अपराधियों को पकड़ने वाला सर्वोच्च अधिकारी था, जो पुलिस विभाग के शीर्ष पर था और अपराध नियंत्रण का समन्वय करता था। दुःसाध्यसाधनिक गुप्तचर विभाग का सर्वोच्चाधिकारी था, जो गुप्त सूचना एकत्र करता था और राजा को महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी प्रदान करता था। ये दोनों पद अलग-अलग विभागों में थे परंतु दोनों ही राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण थे। विकल्प A गलत है क्योंकि दोषापराधिक सर्वोच्च अधिकारी था। विकल्प C भूमिकाएँ उल्टी बताता है। विकल्प D गलत है क्योंकि ये पद सैन्य नहीं बल्कि आंतरिक सुरक्षा से संबंधित थे।

Q4. कार्तिकेयपुर पुलिस विभाग की पदानुक्रमिक संरचना निम्नलिखित में से किस प्रकार थी?
(A) दण्डनायक > दण्डपाशिक > महादण्डनायक
(B) दण्डपाशिक < दण्डनायक < महादण्डनायक
(C) महादण्डनायक < दण्डनायक < दण्डपाशिक
(D) दण्डपाशिक, दण्डनायक और महादण्डनायक सभी समान स्तर के थे

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Answer: B
Explanation: कार्तिकेयपुर राज्य के पुलिस विभाग में स्पष्ट पदानुक्रमिक संरचना थी। दण्डपाशिक सबसे निम्न अधिकारी थे, जो मैदानी कार्य करते थे। दण्डनायक इनसे उच्च स्तर के अधिकारी थे, जो पुलिस विभाग के विभिन्न भागों का संचालन करते थे। महादण्डनायक पुलिस विभाग का सर्वोच्च अधिकारी था जो समस्त पुलिस बलों का नियंत्रण करता था। यह संरचना आधुनिक पुलिस संगठन की तरह ही था, जहाँ निम्न स्तर के कर्मचारी, मध्य प्रबंधन और शीर्ष नेतृत्व होता है। विकल्प A, C और D गलत पदानुक्रम दर्शाते हैं।

Q5. कार्तिकेयपुर प्रशासन में तहसील स्तर की प्रशासनिक इकाई को किस नाम से जाना जाता था?
(A) विषय
(B) कर्मान्त
(C) कारिका
(D) मंडल

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Answer: B
Explanation: कार्तिकेयपुर प्रशासन में तहसील स्तर की प्रशासनिक इकाई को ‘कर्मान्त’ कहा जाता था। यह शब्द संस्कृत मूल का है जहाँ ‘कर्म’ का अर्थ कार्य और ‘अन्त’ का अर्थ विभाग या अंत है। कर्मान्त जिला प्रशासन से नीचे की स्तर की इकाई थी और राजस्व संग्रह, न्याय प्रशासन और सार्वजनिक कार्यों के लिए जिम्मेदार था। राजमिस्त्री को ‘कारिका’ कहा जाता था, जो राजकीय निर्माण कार्यों का निरीक्षण करता था। विकल्प A और D अन्य प्रशासनिक इकाइयाँ हैं। विकल्प C राजमिस्त्री का नाम है।

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