उत्तराखंड लोकसेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी परीक्षाओं (UKPSC/ UKSSSC) को मध्यनजर रखते हुए Exam Pillar आपके लिए Daily MCQs प्रोग्राम लेकर आया है। इस प्रोग्राम के माध्यम से अभ्यर्थियों को उत्तराखंड लोकसेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के परीक्षाओं के प्रारूप के अनुरूप वस्तुनिष्ठ अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराये जायेंगे।
Daily UKPSC / UKSSSC MCQs : उत्तराखंड (Uttarakhand)
15 January, 2026
| Read This UKPSC / UKSSSC Daily MCQ – (Uttarakhand) in English Language |
Q1. नालंदा अभिलेख से संबंधित निम्नलिखित में से कौन सी जानकारी सही है?
(A) बंगाल के पाल शासक धर्मपाल ने गढ़वाल पर आक्रमण किया
(B) गढ़वाल के शासक ने नालंदा पर आक्रमण किया
(C) नालंदा में कत्यूरी मंदिर बनाया गया
(D) नालंदा और गढ़वाल के बीच व्यापारिक संधि हुई
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Explanation: नालंदा अभिलेख के अनुसार बंगाल के पाल शासक धर्मपाल ने गढ़वाल पर आक्रमण किया था। यह अभिलेख बाह्य शक्तियों द्वारा कार्तिकेयपुर राज्य पर किए गए आक्रमणों का महत्वपूर्ण साक्ष्य है। पाल वंश 8वीं से 12वीं शताब्दी तक बंगाल और बिहार में शासन करता था और बौद्ध धर्म का संरक्षक था। धर्मपाल (770-810 ई०) एक शक्तिशाली शासक था जिसने व्यापक विजय अभियान चलाए। गढ़वाल पर आक्रमण उसकी साम्राज्यवादी नीति का हिस्सा था। विकल्प B गलत है क्योंकि आक्रमण की दिशा विपरीत बताई गई है। विकल्प C गलत है क्योंकि नालंदा में कत्यूरी मंदिर निर्माण का कोई उल्लेख नहीं है। विकल्प D भी गलत है क्योंकि अभिलेख आक्रमण का उल्लेख करता है, व्यापारिक संधि का नहीं।
Q2. कत्यूरी शासकों की धार्मिक नीति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
I. निम्बर और इष्टगण दोनों शैव थे
II. ललितसूरदेव की पत्नी साम देवी ने वैष्णव मंदिर बनवाया
III. भूदेव बौद्ध धर्म का विरोधी था
IV. सभी कत्यूरी शासकों ने केवल शैव मंदिर ही बनवाए
सही कथनों का चयन कीजिए:
(A) केवल I और III
(B) केवल I, II और III
(C) केवल II, III और IV
(D) I, II, III और IV सभी
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Explanation: कथन I सही है क्योंकि निम्बर शैव धर्म मानने वाला था और इष्टगण भी अपने पिता की तरह शैव था। दोनों ने जागेश्वर में अनेक शैव मंदिरों का निर्माण करवाया। कथन II सही है क्योंकि यद्यपि कत्यूरी शासक मुख्यतः शैव थे, परंतु ललितसूरदेव की पत्नी साम देवी ने भगवान नारायण (विष्णु) का मंदिर बनवाया, जो धार्मिक सहिष्णुता को दर्शाता है। कथन III सही है क्योंकि भूदेव को बागेश्वर शिलालेख में परमबुद्धश्रमण रिपु (बौद्ध भिक्षुओं का शत्रु) कहा गया है। कथन IV गलत है क्योंकि साम देवी ने वैष्णव मंदिर बनवाया था, जो सिद्ध करता है कि सभी कत्यूरी शासकों ने केवल शैव मंदिर नहीं बनवाए। वास्तव में कत्यूरी शासन में धार्मिक बहुलवाद की परंपरा थी।
Q3. जागेश्वर के धार्मिक और वास्तुकला महत्व के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक समुचित है?
(A) केवल निम्बर ने जागेश्वर में मंदिर बनवाए
(B) निम्बर ने जागेश्वर को धाम के रूप में चयनित किया और विमानों का निर्माण करवाया, तथा इष्टगण ने नवदुर्गा, लकुलीश और नटराज के मंदिर बनवाए
(C) जागेश्वर केवल बौद्ध धर्म का केंद्र था
(D) जागेश्वर में कोई ऐतिहासिक मंदिर नहीं हैं
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Explanation: जागेश्वर कत्यूरी शासकों का सर्वाधिक महत्वपूर्ण धार्मिक और स्थापत्य केंद्र था। निम्बरदेव ने जागेश्वर को कुमाऊँ के अति पवित्र क्षेत्र अर्थात् धाम के रूप में चयनित किया और जागेश्वर मंदिर में विमानों (मंदिर शिखर) का निर्माण करवाया। उनके पुत्र इष्टगण देव ने जागेश्वर में नवदुर्गामहिषामर्दिनी (दुर्गा का मंदिर), लकुलीश (पाशुपत शैव संप्रदाय के संस्थापक) तथा नटराज (नृत्य करते शिव) के मंदिर बनवाए। इस प्रकार पिता-पुत्र दोनों ने मिलकर जागेश्वर को शैव धर्म का प्रमुख केंद्र बनाया। विकल्प A अपूर्ण है क्योंकि इष्टगण ने भी मंदिर बनवाए। विकल्प C पूर्णतः गलत है क्योंकि जागेश्वर शैव धर्म का केंद्र था। विकल्प D भी गलत है क्योंकि जागेश्वर में 100 से अधिक प्राचीन मंदिर हैं।
Q4. द्वितीय परिवार के शासकों के स्थापत्य योगदान के संदर्भ में निम्नलिखित का सही सुमेलन कीजिए:
| सूची-I (शासक) | सूची-II (स्थापत्य योगदान) |
| A. निम्बर | 1. बैजनाथ मंदिर |
| B. इष्टगण | 2. जागेश्वर विमान और धाम स्थापना |
| C. भूदेव | 3. नवदुर्गा, लकुलीश, नटराज मंदिर |
| D. साम देवी | 4. भगवान नारायण मंदिर |
सही सुमेलन है:
(A) A-2, B-3, C-1, D-4
(B) A-1, B-2, C-3, D-4
(C) A-3, B-4, C-1, D-2
(D) A-4, B-1, C-2, D-3
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Explanation: विकल्प A में सुमेलन पूर्णतः सही है। निम्बर (A) ने जागेश्वर में विमानों का निर्माण करवाया और जागेश्वर को कुमाऊँ के धाम के रूप में स्थापित किया (2)। इष्टगण (B) ने जागेश्वर में नवदुर्गा, लकुलीश और नटराज के मंदिर बनवाए (3)। भूदेव (C) ने प्रसिद्ध बैजनाथ मंदिर का निर्माण करवाया (1)। साम देवी (D), जो ललितसूरदेव की पत्नी थीं, ने भगवान नारायण का मंदिर बनवाया (4)। यह सुमेलन द्वितीय परिवार के व्यापक स्थापत्य योगदान को दर्शाता है। निम्बर ने वास्तुकला का प्रारंभ किया, इष्टगण ने उसे विस्तार दिया, भूदेव ने उत्कृष्ट मंदिर निर्माण किया, और साम देवी ने धार्मिक सहिष्णुता प्रदर्शित की। अन्य विकल्पों में सुमेलन गलत है।
Q5. कार्तिकेयपुर राजवंश के द्वितीय परिवार की उपलब्धियों के समग्र मूल्यांकन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?
(A) द्वितीय परिवार का योगदान केवल सैन्य विजयों तक सीमित था
(B) द्वितीय परिवार ने वास्तुकला का प्रारंभ किया, जागेश्वर को धाम के रूप में स्थापित किया, उत्तराखण्ड के एकीकरण का प्रयास किया, और अनेक महत्वपूर्ण मंदिरों का निर्माण करवाया
(C) द्वितीय परिवार का कोई महत्वपूर्ण योगदान नहीं था
(D) द्वितीय परिवार ने केवल धार्मिक गतिविधियां कीं
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Explanation: विकल्प B सर्वाधिक समुचित और व्यापक है क्योंकि यह द्वितीय परिवार के बहुआयामी योगदान को समग्रता से प्रस्तुत करता है। निम्बरदेव ने कत्यूरी वास्तुकला का प्रारंभ किया और जागेश्वर को कुमाऊँ के अति पवित्र धाम के रूप में स्थापित किया। इष्टगण देव ने समस्त उत्तराखण्ड को एक सूत्र में बांधने का ऐतिहासिक प्रयास किया और जागेश्वर में नवदुर्गा, लकुलीश और नटराज के मंदिर बनवाए। ललितसूरदेव कत्यूरी वंश के सबसे प्रतापी शासक बने और उनके सर्वाधिक ताम्रपत्र प्राप्त हुए। भूदेव ने प्रसिद्ध बैजनाथ मंदिर का निर्माण करवाया। सुजानदेव ने गंगोलीहाट नगर बसाया। साम देवी ने नारायण मंदिर बनवाकर धार्मिक सहिष्णुता प्रदर्शित की। विकल्प A अपूर्ण है क्योंकि यह सांस्कृतिक और स्थापत्य योगदान को नजरअंदाज करता है। विकल्प C पूर्णतः गलत है। विकल्प D भी अपूर्ण है क्योंकि यह राजनीतिक और स्थापत्य योगदान को अनदेखा करता है।
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