Daily MCQs : पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी (Environment and Ecology)
01 March, 2025 (Saturday)
1. प्राकृतिक वास पारितंत्रीय निकेत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह,वह क्षेत्र होता है जिसमें जीव रहने और विकसित होने के लिए अनुकूलित होता है।
2. इसमें शिकारी-शिकार संबंध नहीं होता है।
3. इसमें केवल भौतिक दशाएँ शामिल होती हैं।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही नहीं हैं?
(A) केवल एक
(B) केवल दो
(C) सभी तीन
(D) कोई भी नहीं
व्याख्या – एक पौधे या एक जंतु का प्राकृतिक वास वह क्षेत्र होता है जिसमें जीव या जीवों की एक जनसंख्या रहने और विकसित होने के लिए अनुकूलित होती है। प्राकृतिक वास को क्षेत्र के जैविक और अजैविक कारकों जैसे कि जलवायु, वनस्पति, मिट्टी, पानी इत्यादि के द्वारा चिन्हित किया जाता है। एक क्षेत्र में कई प्रजातियों का प्राकृतिक वास हो सकता है। अतः कथन 1 सही है। इस निकेत में ढेर सारी प्रजातियाँ एक ही प्राकृतिक वास में एक-दूसरे के साथ बिना प्रतिस्पर्धा किए और बिना एक-दूसरे को नष्ट किए रहती है।प्राकृतिक वास में भक्षक-शिकार संबंध होता है किन्तु शायद ही यह एक प्रजाति के पूर्ण विलोपन का कारण बनता है। अतः कथन 2 सही नहीं है। एक स्थिर पारितंत्र में प्रत्येक प्रजाति अपना पारितंत्रीय निकेत खोज लेती है और इस प्रकार यह दूसरी प्रजातियों के साथ सहभागिता के साथ रहने की योग्यता हासिल कर लेती है। एक जीव के पारितंत्रीय निकेत में वे सभी भौतिक रासायनिक और जैव दशाएँ शामिल होती हैं जो कि प्राकृतिक वास में रहने के लिए जरूरी होती हैं। निकेत में जीव की भोजन आदतें, घोंसले बनाने के तरीके और पुनर्जनन इत्यादि भी शामिल होते हैं। अतः कथन 3 सही नहीं है।Show Answer/Hide
2. निम्नलिखित पर विचार कीजिए:
1. लक्षद्वीप
2. मन्नार की खाड़ी
3. कच्छ की खाड़ी
4. सुंदरवन
उपर्युक्त में से किनमें प्रवाल भित्तियाँ नहीं पाई जाती हैं?
(A) केवल एक
(B) केवल दो
(C) केवल तीन
(D) सभी चार
व्याख्या – भारतीय सामुद्रिक विज्ञान संस्थान के अनुसार, भारत में प्रवाल-भित्ति वाले चार प्रमुख क्षेत्र -अण्डमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, मन्नार की खाड़ी एवं कच्छ की खाड़ी हैं। जबकि सुंदरबन में प्रवाल भित्तियाँ नहीं पाई जाती हैं। अतः विकल्प (a) सही उत्तर है।Show Answer/Hide
3. कार्बन चक्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी पर अधिकांश कार्बन चट्टानों में संचित है।
2. प्रकाश संश्लेषण प्रकिया में उत्पादक ऑक्सीजन ग्रहण करते है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) केवल 1 और 2
(D) न तो 1 और न ही 2
व्याख्या – कार्बन कोशिकाओं के लिए अनिवार्य होता है। पृथ्वी पर अधिकांश कार्बन चट्टानों में संचित है। शेष कार्बन महासागरों, वायुमंडल, पेड़-पौधे मृदा और जीवाश्म ईंधनों में संचित होता है। अतः कथन 1 सही है। प्रकाश संश्लेषण के दौरान उत्पादक CO2, लेते हैं और ऑक्सीजन को वायुमंडल में निर्मुक्त करते है।मानव और जंतु श्वसन को प्रक्रिया में ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं और CO₂ निर्मुक्त करते हैं जो कि वापस पौधे तक जाती है।अपघटक वियोजी जैविक पदार्थ को विखंडित करते हैं और इस प्रक्रिया में CO₂, वायुमंडल में निर्मुक्त होती है।जब ज्वालामुखी उद्गार होता है या बन में आग लगती है तब अधिक CO₂, वायुमंडल में प्रवेश करती है। अतः कथन 2 सही नहीं है।Show Answer/Hide
4. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नाइट्रोजन जीवों द्वारा सीधा अवशोषित होने वाली गैस है।
2. जटिल नाइट्रोजन चक्र नाइट्रोजन को अमोनिया में बदलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?
(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) केवल 1 और 2
(D) न तो 1 और न ही 2
व्याख्या – कोशिकाओं को अपने प्रोटीनों और जीनों का निर्माण करने के लिए नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है। पृथ्वी पर अधिकांश नाइट्रोजन गैस के रूप में वायुमंडल में मौजूद होती है। जीवों को नाइट्रोजन की जरूरत होती है लेकिन वे इसे सीधे-सीधे अवशोषित नहीं कर सकते। अतः कथन 1 सही नहीं है। जटिल नाइट्रोजन चक्र नाइट्रोजन को अमोनिया में बदलता है जिसे जीवों द्वारा अवशोषित किया जा सकता है। इस प्रक्रिया को नाइट्रोजन स्थिरीकरण कहा जाता है जो कि जीवाणु द्वारा संपन्न की जाती है। ये जीवाणु फलीदार पौधों की जड़ों; जैसे कि सेम आदि में रहते हैं। अतः कथन 2 सही है।Show Answer/Hide
5. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. अल्फ़ा | पारिस्थितिकी प्रणालियों में विविधता की तुलना करती है। |
2. बीटा | विशेष क्षेत्र या पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर विविधता को संदर्भित करती है। |
3. गामा | एक क्षेत्र के भीतर विभिन्न पारिस्थितिकी प्रणालियों के लिए समग्र विविधता का एक उपाय है। |
उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
(A) केवल एक युग्म
(B) केवल दो युग्म
(C) सभी तीन युग्म
(D) कोई भी युग्म नहीं
व्याख्या – पारितंत्रीय विविधता का संबंध एक क्षेत्र या भू-भाग में पाए जाने वाले पारितंत्रों की किस्म से है। भारत में समग्र रूप से अत्यधिक पारितंत्रीय विविधता पाई जाती है। अल्फा विविधता, किसी विशेष क्षेत्र या पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर विविधता को संदर्भित करती है और आमतौर पर उस पारिस्थितिकी तंत्र में प्रजातियों की संख्या द्वारा अभिव्यक्त की जाती है। अतः युग्म 1 सही सुमेलित नहीं है। बीटा विविधता, पारिस्थितिकी प्रणालियों में विविधता की तुलना करती है। यह तुलना की गई पारिस्थितिकी प्रणालियों में पाई जाने वाली अद्वितीय प्रजातियों की कुल संख्या को परिगणित करती है। अतः युग्म 2 सही सुमेलित नहीं है। गामा विविधता, एक क्षेत्र के भीतर विभिन्न पारिस्थितिकी प्रणालियों के लिए समग्र विविधता का एक उपाय है। यह पूरे क्षेत्र में पाई जाने वाली अद्वितीय प्रजातियों की कुल संख्या की गणना करती है। अतः युग्म 3 सही सुमेलित है।Show Answer/Hide